24 सूत्रीय मांगों को लेकर इंटक ने बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में किया प्रदर्शन / 24 सूत्रीय मांगों को लेकर इंटक ने बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में किया प्रदर्शन

Korba News - एसईसीएल के कोयला कामगारों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर गुरुवार को इंटक ने एसईसीएल मुख्यालय के सामने...

Bhaskar News Network

Nov 24, 2018, 02:45 AM IST
Korba - inquiry performed at secl headquarter at bilaspur on 24 point demands
एसईसीएल के कोयला कामगारों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर गुरुवार को इंटक ने एसईसीएल मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इसके साथ ही सीएमडी के नाम कंपनी के निदेशक कार्मिक को 24 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा है। इसमें इंटक प्रदेशाध्यक्ष संजय सिंह, महामंत्री पीके राय व अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। संजय सिंह ने कहा कि कोल इंडिया को निजी हाथों में सौंपने सरकार की मंशा है, जिसे पूरा नहीं हाेने दिया जाएगा। कहा केन्द्र सरकार श्रम नीतियों में बदलाव कर श्रमिकों के अधिकारों का हनन कर रही है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार के कोयले के व्यवसायिक खनन को अनुमति देने से कर्मचारियों का अहित हुआ है। भविष्य में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कर्मचारियों का शोषण होगा। सरकार का यह कदम निजीकरण की दिशा में उठाया कदम है। केन्द्र में बीजेपी की सत्ता आने के बाद से कोल इंडिया की शेयर सरकार बेच रही है। कोल इंडिया के शेयर बिक्री करने पर पुरजोर विरोध किया जाएगा। खदानों के घाटे में चलने का हवाला दिया जा रहा है जो सही नहीं है।

कर्मचारियों ने मांगों को लेकर एसईसीएल के सीएमडी को सौंपा ज्ञापन

एसईसीएल के समक्ष प्रदर्शन करते इंटक नेता।

प्रबंधन को सौंपे गए मांग पत्र में यह है इंटक की प्रमुख मांगे

प्रबंधन को सौंपे गए मांग पत्र में प्रमुख मांगों में स्वास्थ्य व सुरक्षा नियमों का कानूनी प्रावधान के अनुसार पालन, दसवां वेज बोर्ड में समझौता अनुसार ठेका कर्मियों को इलाज के लिए ओपीडी सुविधा, ठेका कर्मचारियों को हाईपावर कमेटी के अनुसार नियमित रूप से प्रतिमाह वेतन भुगतान किया जाए। कोल इंडस्ट्री को निजी हाथों में न सौंपने, आउटसोर्सिंग बंद करने, मेडिकल अनफिट कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी, पीस रेटेड कर्मचारी जिनका कार्य बदलकर माहवारी कामगार या अन्य कार्य में खदान या सर्फेस में कार्य पर लगाए गए हैं। उनके लिए कार्य अवधि में पे- प्रोटेक्शन, जो कामगार माइनिंग सरदार, ओवर मेन, लिपिक के कार्य में विभागीय परीक्षा से चयनित हुए हैं। उनको पे प्रोटेक्शन को देकर वर्तमान पद में बेसिक निर्धारण किया जाए। कंट्रीब्यूटरी पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर स्कीम के तहत मिलने वाली सुविधा कैश लेस करने, सभी मजदूरों को सीएमपीएफ का पासबुक जमा करने, एसईसीएल कर्मियों से जुड़े लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण, एसईसीएल में होने वाले लीगल खर्चों पर अंकुश लगाने सहित अन्य मांगे शामिल हैं।

बिलासपुर मुख्यालय के सामने प्रदर्शन में इंटक ने एसईसीएल क्षेत्र में डिसेंट हाउसिंग का मुद्दा भी उठाया। इसमें इंटक ने स्कीम के नाम पर होने वाले गुणवत्ताहीन कार्य व गड़बड़ी को रोकने की मांग की है। कर्मचारियों के हितों से जुड़ी अन्य मांगों में आश्रितों को नियुक्ति मामले में उम्र निर्धारण व मेडिकल प्रक्रिया को लचीला बनाया जाए। जिससे नौकरी मिलने में आसानी हो। कालरी के अस्पतालों में जहां डाक्टरों की कमी है। वहां डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए।

डिसेंट हाउसिंग में होने वाली गड़बड़ी रोकी जाए

प्रदर्शन में ये रहे शामिल

मुख्यालय में प्रदर्शन के दौरान एसईसीएल इंटक उपाध्यक्ष बीएन शुक्ला, प्रदेश महामंत्री आशीष यादव, नरेश देवांगन, कुंवर सिंह, उपेन्द्र तिवारी, बसंत मिश्रा, अशोक तिवारी, राकेश श्रीवास्तव, प्रदीप सिंह, विकास सिंह सहित इंटक के अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।

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