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रकम मांगने पर शंकर देता था चेक, पीड़ित पैसे निकालने जाते तो खाते में नहीं होता कैश

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2018, 02:55 AM IST

Korba News - बेरोजगारों को एसईसीएल समेत सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के बहाने दर्जनों लोगों से ठगी करते हुए ढाई करोड़ से...

रकम मांगने पर शंकर देता था चेक, पीड़ित पैसे निकालने जाते तो खाते में नहीं होता कैश
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बेरोजगारों को एसईसीएल समेत सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के बहाने दर्जनों लोगों से ठगी करते हुए ढाई करोड़ से ज्यादा रुपए दबाने वाले ठग शंकर रजक के खिलाफ कटघोरा थाना में एक और पीड़ित गौरेला निवासी अंकित गर्ग ने शिकायत की है। उसने बताया रजक ने पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर (उप अभियंता) की नौकरी लगवाने की बात कहकर डेढ़ साल पहले उसके पिता नवल गर्ग से साढ़े 6 लाख रुपए लिया था। पैसा लेते समय 3 माह के भीतर नौकरी लगने का आश्वासन दिया था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई महीने गुजर गए। इसके बाद जब भी गर्ग परिवार रजक से संपर्क करता तो वह मंत्रालय में नाैकरी की फाइल अटके होने की बात कहता था। साथ ही जल्द स्वीकृति मिलते ही घर के पते पर डाक से नियुक्ति पत्र पहुंचने का भरोसा देता था। अंकित के परिचित बिलासपुर के अभिषेक ने पहले ही रजक को क्लर्क बनने के लिए साढ़े 4 लाख रुपए दिया था। उसे भी रजक ऐसे ही घुमाता रहता था। कवर्धा में युवकों को एसईसीएल में नौकरी दिलाने के बहाने रजक के ठगी करने का पता चलने पर अभिषेक व अंकित रजक से अपना रकम वापस मांगने लगे। पहले वह एफडी तुड़वाकर रकम वापस करने की बात कहता था। बाद में उसने रकम भरकर चेक देना शुरू कर दिया। चेक को लेकर वे दोनों कटघोरा के एसबीआई ब्रांच पहुंचते तो वहां रजक के खाते में रकम ही नहीं रहती थी। वापस आने पर वह रकम दूसरे लाेगों के निकाल लेने की बात कहता और दोबारा बुलाता था। ऐसे ही वे दोनों कई माह से रकम मिलने के इंतजार में थे। लेकिन रजक के खिलाफ लगातार मामले दर्ज होने के बाद उसके पुत्रों समेत फरार होकर विदेश भागने की तैयारी की जानकारी होते ही उन्होंने रिपोर्ट लिखाई है। अभिषेक की ओर से बुधवार की रात एफआईआर कर ली गई थी। अंकित की शिकायत मिलने पर उसी अपराध में दर्ज किया गया।

कर्ज में रकम लेकर दिया था नौकरी पाने

अभिषेक से नौकरी के लिए रजक ने रुपए लेने के बाद परिचित में कोई बेरोजगार इंजीनियर हाेगा तो उसे पीडब्ल्यूडी में लगवाने का सब्जबाग दिखाया। अभिषेक के जीजा अरविंद विलियम के परिचित में अंकित के पिता थे। अंकित बीई की पढ़ाई पूरी करने के बाद बेरोजगार था। वह रोजगार की तलाश में था। इसलिए अरविंद ने इसकी जानकारी दी। इसके बाद अंकित के पिता ने अपने पास रखी रकम समेत कर्ज लेकर साढ़े 6 लाख जुटाए। इसी तरह अभिषेक ने अपने पिता से ढाई लाख व बाजार से ब्याज में 2 लाख लिया।

जिले में ठगी के 7 मामले, कवर्धा में अलग

जिले में शंकर रजक के खिलाफ नौकरी लगाने के नाम पर ठगी के 7 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें दो दीपिका, दो कुसमुंडा, एक बांकीमोंगरा व दो कटघोरा थाना के हैं। इसके अलावा कवर्धा में अलग से बेरोजगारों से ठगी के मामले दर्ज हैं। रजक ने एसईसीएल समेत सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के बहाने दर्जनों बेरोजगारों से ठगी करते हुए ढाई करोड़ से ज्यादा रकम डकार ली है। पुलिस के मुताबिक रजक ने कई अन्य लोगों से भी ठगी की है। इसकी जानकारी मिली है। लेकिन उन मामलों के प्रार्थी रिपोर्ट लिखाने नहीं पहुंचे हैं।

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