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काॅलोनियों में पानी घुसने का दो साल से खतरा, फिर भी निगम ने नहीं बढ़ाई नाले की चौड़ाई, नतीजा-घंटेभर बारिश में सड़कें हो रहीं लबालब

नगर निगम ने मानसून के सक्रिय होने के पहले शहर के नालों की सफाई कराई थी लेकिन जहां चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत थी, उसका...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 02:55 AM IST

काॅलोनियों में पानी घुसने का दो साल से खतरा, फिर भी निगम ने नहीं बढ़ाई नाले की चौड़ाई, नतीजा-घंटेभर बारिश में सड़कें हो रहीं लबालब
नगर निगम ने मानसून के सक्रिय होने के पहले शहर के नालों की सफाई कराई थी लेकिन जहां चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत थी, उसका प्रस्ताव ही नहीं बनाया। शुक्रवार को दोपहर में एक घंटे की बारिश से बुधवारी से घंटाघर के बीच सड़क पर फिर पानी भर गया। जिससे केसीसी काॅलेज के छात्र आधा घंटे तक फंसे रहे। लोग पानी कम होने के बाद सड़क पार किए।

दो साल पहले पावर हाइट्स काॅलोनी में पानी भर गया था, इसके बाद भी चौड़ाई नहीं बढ़ाई गई है। शहर के कई हिस्से में भी नाली जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा। जिसके कारण लोगों को परेशानी हुई। एक घंटे में 10 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है। बुधवारी से घंटाघर के बीच पावर हाइट्स कालोनी के सामने नाला जाम होने की समस्या नई नहीं है। हालांकि पानी निकासी कुछ देर में ही हो जाती है। यहां खपराभट्‌ठा की ओर से पानी आता है। सड़क किनारे ही नाले पर निर्माण होने के कारण ही संकरी हो गई है। जिसकी वजह से दो साल पहले कालोनी के घरों में पानी घुस गया था। इसके बाद से ही नाला की चौड़ाई बढ़ाने की मांग हो रही है। शहर से निहारिका, कोसाबाड़ी, आरपी नगर, एमपी नगर जाने लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में अगर दो-तीन घंटे बारिश हुई तो काॅलोनी में पानी भरने का खतरा फिर मंडराने लगा है। आवागमन भी प्रभावित होता है।

कई जगह नालियों के ऊपर लोगों ने बना लिया है बाउंड्रीवाल

निगम क्षेत्र में 30 बड़े नाले व 50 छोटी नालियां

निगम के 8 जोन में 30 बड़े नाले हैं। इसके अलावा 50 से अधिक छोटे नाले हैं। जिससे बस्तियों से पानी की निकासी होती है। नाला व नालियों में कब्जा बढ़ने से संकरे हो रहे हैं। नालियों के ऊपर भी बाउंड्रीवाल बन गया है। निगम ने जहां पानी का भराव होता है वहां के नालों की न चौड़ाई बढ़ाई और न ही सफाई की। सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

निगम दफ्तर के सामने बहता रहा नाली का पानी

निगम के प्रशासनिक भवन साकेत के पोर्च में बारिश बंद होने के बाद भी पानी बहता रहा। नाली जाम होने के साथ टॉप इन टाउन की ओर से नाली का पानी निगम ऑफिस के सामने से बहता रहा। यहां सीएसईबी काॅलोनी की ओर से पानी आता है। पर नाली में पानी नहीं जाने से ओवर फ्लो होते हुए निगम कार्यालय के नीचे से नाला की ओर बहा।

बांगो में 57 प्रतिशत पानी का भराव

हसदेव बांगो बांध में इस साल सिर्फ 57.9 फीसदी पानी का भराव है। पिछले साल इसी अवधि में 63.66 % पानी था, बांध की क्षमता 359.66 मीटर है। शुक्रवार को 351.59 मीटर दर्ज की गई। अभी 8 मीटर पानी कम है। इससे गेट खोलने की नौबत नहीं आएगी। अभी हाइडल पावर प्लांट को 12 घंटे चलाकर 15 सौ क्यूसेक बरॉज के लिए छोड़ रहे है ताकि सिंचाई के लिए पानी दें सके। अभी भी ऊपरी क्षेत्र में कम बारिश हो रही है। जिससे सिर्फ 3106 क्यूसेक पानी बांध में आ रहा है।

एसई ने कहा-जानकारी नहीं सब इंजीनियर से चर्चा करुंगा

नगर निगम के अधीक्षण अभियंता भागीरथ वर्मा ने कहा प्रस्ताव की जानकारी नहीं है। सब इंजीनियर से चर्चा करूंगा। पहले यहां पर सीवरेज लाइन जाम होने की समस्या आई थी। इसे देखने जरूर गया था। बारिश के समय अगर यहां पानी भरने से परेशानी हो रही है तो इसका समाधान किया जाएगा।

समस्या का हल निकालने नाला की चौड़ाई बढ़ाएं: दीपक

काॅलोनी के दीपक कुमार ने कहा नाला की चौड़ाई बढ़ाए बिना समस्या का हल नहीं निकल सकता। इसके लिए कई बार मांग भी की गई। केसीसी के छात्र-छात्राओं का कहना है कि खपराभट्‌ठा, कांशीनगर की ओर से नाला की चौड़ाई तो बढ़ी है पर आगे सड़क पार करते ही छोटी हो गई है। इससे ही पानी का बहाव कम हो जाता है।

पार्षद बोलीं- नाले की चौड़ाई बढ़ाने चुके प्रस्ताव

नेहरू नगर वार्ड की पार्षद सिमरनजीत कौर ने बताया सड़क पर पानी भरने की समस्या लंबे समय से है। नाले का चौड़ीकरण करने प्रस्ताव दी थी, पर काम नहीं हुआ है। काॅलोनी में भी पानी घुस गया था। इससे यहां के लोगों में बारिश के समय डर बना रहता है। फिर इसके लिए स्मरण पत्र लिखा जाएगा।

शारदा विहार से सीतामणी नाला का काम अधूरा

शारदा विहार होते हुए सीतामणी शनि मंदिर तक नाला निर्माण की योजना बनाई गई है। इसका काम 6 पार्ट में होना है। 2-2 करोड़ के कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए खनिज न्यास मद से राशि मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण की गई है। शारदा विहार में नाला निर्माण चल रहा है लेकिन यहां का काम नहीं हुआ है। इस क्षेत्र में भी बारिश के समय पानी भरने की समस्या आती है।

स्कूल परिसर में भरा पानी

जमनीपाली। अयोध्यापुरी व कलमीडुग्गु प्रायमरी स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। जिससे आने-जाने में बच्चों को परेशानी होती है। बीकन स्कूल के पास भी बारिश होने पर पानी भर जाता है। इसके कारण बच्चों को समस्या होती है। इसी तरह दर्री मार्ग पर भी बारिश के समय पानी भर जाता है, लेकिन यहां भी अब तक पानी निकासी के लिए ठीक से व्यवस्था नहीं कराई गई है।

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