यूनियनों के विरोध के बाद प्रबंधन ने आईआई-18 वापस लिया, जारी रहेगी अनुकंपा नियुक्ति / यूनियनों के विरोध के बाद प्रबंधन ने आईआई-18 वापस लिया, जारी रहेगी अनुकंपा नियुक्ति

Korba News - स्टैंडराइजेशन कमेटी की चौथी बैठक मंगलवार को वाराणसी में हुई। इसमें प्रबंधन के अलावा एटक,सीटू, बीएमएस व एचएमएस...

Nov 28, 2018, 03:30 AM IST
स्टैंडराइजेशन कमेटी की चौथी बैठक मंगलवार को वाराणसी में हुई। इसमें प्रबंधन के अलावा एटक,सीटू, बीएमएस व एचएमएस सहित चारों यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए। शुरुआत से ही यूनियन प्रतिनिधि ने प्रबंधन के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया और आश्रितों नियोजन के संबंध में कुछ दिन पहले जारी इम्प्लीमेंट इंस्ट्रक्शन (आईआई-18) का जमकर विरोध किया। पिछली मीटिंग के जारी मिनट्स पर भी एतराज जताया गया। मीटिंग में गहमागहमी का माहौल रहा। पहले से ही मीटिंग हंगामेदार होने की संभावना जताई जा रही थी। आश्रितों के नियोजन मामले में श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों के विरोध को देखते हुए आखिरकार प्रबंधन ने आईआई-18 के संबंध में जारी निर्देश वापस ले लिया है। इसे वापस लेने के बाद अब 9.3.0 9.4.0 व 9.5.0 के तहत कोयला कंपनियों में कोयला कर्मचारियों के आश्रितों को पहले की तरह ही अनुकंपा नियुक्ति मिलते रहेगी। श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि यूनियनों के विरोध के आगे प्रबंधन को पीछे हटना पड़ा है। महत्वपूर्ण मामले में आईआई 18 से संबंधित आदेश से प्रबंधन पीछे हटी है। कुछ दिन पहले ही कोल इंडिया प्रबंधन ने योग्यता अनुसार अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में कैटेगरी-वन पद पर नौकरी देने व आश्रितों का नियोजन केवल डेथ केस में करने के संबंध में इम्प्लीमेंट इंस्ट्रक्शन जारी किया था। जिसे लेकर ट्रेड यूनियनों में गहरी नाराजगी थी। प्रबंधन के इस रुख को लेकर एटक, सीटू ,एचएमएस के नेताओं ने सख्त एतराज जताया था और इसे वापस लेने की मांग की जा रही थी। आईआई-18 वापस लेने के साथ ही इस बात पर भी सहमति बनने की बात कही गई है कि पिछले मीटिंग में लिए गए निर्णयों का मिनट्स फिर से जारी किया जाएगा।

यूनियनों के विरोध के आगे प्रबंधन को पीछे हटना पड़ा

2017 से 20 लाख ग्रेच्युटी पर अगली मीटिंग में मुहर

बैठक में आश्रितों की नियोजन मुद्दे पर वार्ता के अलावा कोयला कंपनियों से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को 1 जनवरी 2017 से 20 लाख रुपए ग्रेजुएट का लाभ देने के विषय पर भी प्रमुखता से चर्चा हुई है। यूनियन नेताओं ने बताया कि इस बारे में अब फैसला स्टैंडराइजेशन कमेटी की अगली मीटिंग में लिया जाएगा। माना जा रहा कि जनवरी 2017 से 20 लाख की ग्रेज्युटी भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। अगली मीटिंग में इस पर मुहर लग जाएगी

एसईसीएल के सीएमडी एपी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी

प्रबंधन ने इससे पहले की मीटिंग में एसईसीएल के सीएमडी एपी पंडा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी। बताया जा रहा है कि इस कमेटी को खत्म कर दिया गया है। एसईसीएल सीएमडी एपी पंडा की अध्यक्षता में इसे बनाया गया था। इसके मेंबर एसईसीएल डीपी आरएस झा, एचएमएस से नाथूलाल पांडेय, बीएमएस वायएन सिंह, एटक के लखनलाल महतो व सीटू के डीडी रामानंदन थे।

डिप्लोमा होल्डर्स के प्रमोशन का मुद्दा उठाया गया

स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में कोयला कंपनियों के डिप्लोमा होल्डर्स कर्मचारियों के प्रमोशन व उनके हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई है। डिप्लोमा होल्डर्स की ओर से प्रबंधन के सामने मांगों को पुरजोर ढंग से उठाया था। यही कारण है कि स्टैंडराइजेशन कमेटी की मीटिंग में भी इस मुद्दे पर प्रमुखता चर्चा की गई है। इस मुद्दे पर भी अगली मीटिंग में किसी तरह के निर्णय होने की संभावना जताई गई है।

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