अफसरों के दौरे का असर, बिजली प्लांटों में अब एक सप्ताह तक का कोल स्टॉक / अफसरों के दौरे का असर, बिजली प्लांटों में अब एक सप्ताह तक का कोल स्टॉक

Korba News - कोयला व बिजली क्षेत्र के बड़े अफसरों के दौरे का असर उत्पादन में दिखने लगा है। बिजली प्लांटों में कोल स्टॉक में...

Bhaskar News Network

Nov 21, 2018, 02:30 AM IST
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कोयला व बिजली क्षेत्र के बड़े अफसरों के दौरे का असर उत्पादन में दिखने लगा है। बिजली प्लांटों में कोल स्टॉक में सुधार हो रहा है। प्रबंधन को कोल स्टॉक की उपलब्धता को लेकर राहत मिली है। एनटीपीसी प्लांट के कोल स्टॉक में भी पहले से कुछ सुधार है वहीं राज्य बिजली कंपनी के प्लांटों में भी सप्ताह से अधिक का कोयला है। इससे कोयला को लेकर प्रबंधन की चिंता कम हुई है। बिजली प्लांटों में लंबे समय से कोयला की कमी ने परेशानी बढ़ी थी, लेकिन इसमें अब पहले से सुधार आया है। पहले प्लांटों में जहां तीन से चार-दिन का कोयला था अब कोल स्टॉक सप्ताह भर से अधिक हो गया है। सबसे खराब स्थिति एनटीपीसी प्लांट में थी। जहां मुश्किल से एक दिन का स्टॉक पहले था अब दो से तीन दिन का स्टॉक यहां है। बिजली प्लांटों में कोयला की कमी को देखते हुए कुछ दिन पहले कोल इंडिया के चेयरमैन एके झा ने गेवरा-दीपका खदान का दौरा कर उत्पादन स्थिति का जायजा लिया था। इसके अलावा एनटीपीसी के सीएमडी ने प्लांट व खदान का दौरा कर कोल स्टॉक को लेकर जानकारी ली थी। मुख्य सचिव ने भी गेवरा पहुंच कर स्थिति जानी और अफसरों को बिजली प्लांटों में कोल स्टॉक दुरुस्त करने का फरमान दिया था। इसे प्रबंधन के वरिष्ठ अफसरों के दौरे का असर माना जा रहा है। यही नहीं कोयला मंत्री ने भी एसईसीएल व जिले के कोल अफसरों की मीटिंग लेकर बिजली प्लांटों को ज्यादा से ज्यादा सप्लाई सुनिश्चित करने निर्देशित किया था।

कोरबा पूर्व में एक यूनिट से ही उत्पादन

जेनरेशन कंपनी के बिजली प्लांटों में कोल स्टॉक पहले से बेहतर होने के साथ ही बिजली की मांग का दबाव भी कम हुआ है। हालांकि इकाइयों में ट्रिपिंग की परेशानी दूर नहीं हुई है। मड़वा की दो इकाई से उत्पादन हो रहा है। यहां स्थिति में सुधार के बाद तकनीकी कारणों से कोरबा पूर्व प्लांट की 120 मेगावाट की एक यूनिट से बिजली उत्पादन बंद है। इसका सुधार किया जा रहा है। यहां 120-120 मेगावाट की दो इकाई से बिजली बन रहा है। जिसमें से एक इकाई बंद है। यहां 78 मेगावाट बिजली बन रही है।

कंपनी के प्लांटो में कोल स्टॉक

संयंत्र उपलब्ध स्टॉक दिन

कोरबा पूर्व 40 हजार टन 10

डीएसपीएम 82 हजार टन 12

एचटीपीपी 164 हजार टन 9

मड़वा प्लांट 84 हजार टन 8

मानसून के चलते उत्पादन पर पड़ा था प्रभाव

जिले की कोयला खदानों से मानसून के दौरान उत्पादन प्रभावित रहा। बारिश की स्थिति में मशीनों का संचालन बीच में ही रोकना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ओवर वर्डन व कोयला उत्पादन की गति सामान्य दिन की तुलना थोड़ी कम हो जाती है। बारिश के दौरान यहां भी कोयला उत्पादन प्रभावित रहा। इसका असर बिजली प्लांटों में कोयला सप्लाई पर पड़ा था। हालांकि बारिश थमने के बाद से उत्पादन में तेजी लाने की बात प्रबंधन की ओर से कहा गया। एसईसीएल के अनुसार बारिश के दौरान मशीनों की सुरक्षा के लिहाज से संचालन किया जाता है। जिसके कारण उत्पादन पर आंशिक असर पड़ता है।जिसे बाद में आसानी से कवर किया जाता है।

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