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विकास के नाम पर हर साल कट रहे हजारों पेड़, पौधारोपण भी सफल नहीं

भास्कर संवाददाता। बैकुंठपुर कोरिया जिले में ओपनकास्ट प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद से लगातार गर्मी के दिनों के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:35 AM IST

विकास के नाम पर हर साल कट रहे हजारों पेड़, पौधारोपण भी सफल नहीं
भास्कर संवाददाता। बैकुंठपुर

कोरिया जिले में ओपनकास्ट प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद से लगातार गर्मी के दिनों के तापमान में वृद्धि हो रही है। वहीं दूसरी और ग्रामीण अंचलों में अवैध लकड़ी कटाई, ग्रामीणों के द्वारा खाना बनाने के लिए जलाउ लकड़ी की कटाई के कारण लगातार जंगल सिमटते जा रहे। जिससे जिले के सबसे अधिक घने जंगल वाले ब्लाक सोनहत जहां सर्वाधिक बारिष दर्ज की जाती है। वहां का तापमान मार्च के माह में 37 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में इन दिनों 40 डिग्री तक तापमान पहंुच गया है। जिले में फोरलेन सड़क के लिए लगभग साढ़े 4 हजार पुराने हरे भरे पेड़ों को काटा गया। हर साल कटाई हो रहे नतीजा जिले के नगरीय क्षेत्र में हर साल एक डिग्री तापमान हर वर्ष बढ़ रहा है।

पेड़ों की कटाई के कारण क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा गर्मी का प्रकोप

जागरुकता की जरूरत

पर्यावरणविदों का कहना है कि गांव-गांव में वनों की कटाई रोकने के लिए वन समिति बनाई गई है। उन्हें जागरूक करने के लिए हर पंचायतों में अभियान चलाया जाए।

इसलिए काटते हैं पेड़

ग्रामीणों में जागरूकता का अभाव है, जंगलों में कटाई जलाऊ लकड़ी, इमारती लकड़ी के लिए करते है। गांव के आस-पास के क्षेत्रों में ज्यादातर नए तैयार हो रहे पौधों को काटते हैं।

नष्ट हो गए पौधे

साल 2015-16 में चिरमिरी नगर पालिक निगम में 13 एकड़ में 19 हजार से अधिक पौधे रोपे गए थे। देखरेख के आभाव में सारे पौधे नष्ट हो गए।

केस-1

सूखे 1100 पौधे

बैकुंठपुर के मंडलपारा में साल 16-17 में 1100 पौधे सूख गए।

केस-2

50 फीसदी पौधे नष्ट

हरियाली योजना के तहत जिले में दो साल में 8 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। लेकिन देख रेख के आभाव में जानकारी के अनुसार 50 फीसदी पौधे मर गए है।

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