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जन औषधि केंद्र को रात तक खोलना बड़प्पन बताया

भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़ मरीजों को सस्ते दर पर जेनरिक दवा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पताल में...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 03:05 AM IST
भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़

मरीजों को सस्ते दर पर जेनरिक दवा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया है। केंद्र को चौबीस घंटे खोले जाने के लिए सीएमएचओ द्वारा आदेश जारी किया गया है, बावजूद इसके शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ में संचालित जन औषधि केंद्र बमुश्किल चार से पांच घंटे ही खुल रही है। बड़ी बात यह कि यहां से दवाई क्रय करने वालों को कोई बिल भी नहीं दिया जा रहा है।

मंगलवार शाम जब अस्पताल का निरीक्षण किया गया तो जन औषधि केंद्र को बंद पाया गया। कुछ ही देर में वहां के कर्मचारी ने आनन-फानन में केंद्र को खोला और आदेश की कॉपी दिखाई जिसमें साफ लिखा हुआ था कि औषधि केंद्र को पूर्णकालीन समय तक खोला जाना है। उनका कहना था कि आदेश में समय नहीं लिखा हुआ है और यदि 7-8 बजे तक दुकान खोलकर बैठा है तो यह उसका बड़प्पन है। कर्मचारी से यह पूछा गया कि केंद्र से दवा खरीदने वालों को बिल क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस पर उन्हों ने बताया कि बिल की मांग करने पर ही ग्राहक को बिल दिया जाता है। इस प्रकार जन औषधि केंद्र में मची भर्राशाही की वजह से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी केंद्र संचालकों का हौसला बढ़ा रही है। वहीं ऐसे में लोंगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

बीएमओ बोले: कर्मचारियों की कमी से हो रही परेशानी

विकासखंड चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों की कमी की वजह से जन औषधि केंद्र चौबीस घंटे नहीं खुल पा रही है। बिल के विषय में उन्होंने कहा कि भीड़ की वजह से कर्मचारी बिल तत्काल देने में असमर्थ हंै, लेकिन उसे सभी ग्राहक का बिल काटने के लिए कहा गया है।

नहीं हो रहा सीएमएचओ के आदेश का पालन

सीएमएचओ कोरिया शिवपाल सिंह पैकरा को जन औषधि केंद्र बंद होने की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि उनके द्वारा चौबीस घंटे केंद्र खोले रखने आदेश पारित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं हो रहा है तो वे कार्रवाई करेंगे। गौरतलब है कि सीएमएचओ ने पूर्व में भी यही बात कही थी, लेकिन आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।