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मनरेगा का इस्टीमेट अप्रैल से आॅनलाइन होगा तैयार

भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर महात्मा गांधी मनरेगा योजना के तहत आगामी 1 अप्रैल से सिक्योर साॅफटवेयर के माध्यम से...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:10 AM IST
भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर

महात्मा गांधी मनरेगा योजना के तहत आगामी 1 अप्रैल से सिक्योर साॅफटवेयर के माध्यम से आॅनलाइन इस्टीमेट प्राक्कलन तैयार किए जाएंगे।

जिले के पांचों जनपद पंचायत में कार्यरत तकनीकी अमले का दो दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत के मंथन कक्ष में आयोजित किया गया। इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए जिला पंचायत कोरिया की मुख्यकार्यपालन अधिकारी तूलिका प्रजापति ने बताया कि कलेक्टर कोरिया एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा नरेंद्र दुग्गा के निर्देशानुसार सिक्योर साफटवेयर संबंधी प्रशिक्षण का आयोजन 27 व 28 फरवरी को जिला स्तर पर आयोजित किया गया। इसमें राज्य स्तर पर प्रशिक्षण लेकर आए तकनीकी समन्वयक व तकनीकी सहायकों द्वारा अपने तकनीकी साथियों को पावर पांइट प्रजेन्टेशन के साथ प्रशिक्षण दिया गया। सिक्योर जिसे विस्तार से सॉफ्टवेयर फार इस्टीमेट कैलकुलेशन यूजिंग रूरल रेटस फार एम्पलायमेंट के नाम से जाना जाएगा। प्राक्कलन बनाने के लिए इस तकनीक के उपयोग से बेहतर और पारदर्शिता पूर्ण कार्य ज्यादा तेजी से हो सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और शीघ्रता के साथ पारदर्शी होगी।

पांचों जनपद के संबंधित तकनीकी अमले का जिला पंचायत में दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

बाजार आधारित दरों पर मनरेगा कार्यों के लागत आंकलन में शामिल

पावर प्वाइंट के माध्यम से दी गई जानकारी

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि सिक्योर साॅफ्टवेयर के इस प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ तकनीकी समन्वयक नूतन साहू एवं विवेक विश्वकर्मा तथा शैलेन्द्र पांडे ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से इसके क्रियान्वयन की विस्तार से जानकारी दी। सिक्योर साफटवेयर के माध्यम से प्राक्कलन तैयार होने से पंचायत सहित मनरेगा के अन्य निर्माण एजंेसियों की भी परेशानियां दूर होगी।

सॉफ्टवेयर के माध्यम से समस्याओं का निराकरण

विशेषज्ञों ने बताया कि एसओआर के अनुसार जब भी प्रस्ताव तैयार किया जाता हैए तो दरों को लेकर कई तरह की समस्याएं सामने आती हैं। साफ्टवेयर के माध्यम से इन समस्याओं को दूर किया जाएगा और बाजार आधारित दरों को इसमें सम्मिलित किया जाएगा। इससे कार्य दर अनुसूची उपलब्ध नहीं होने पर भी उन्हें बाजार आधारित दरों पर मनरेगा कार्यों के लागत आंकलन में शामिल किया जा सकता है।

प्रस्तावित कार्य का आॅन लाइन इस्टीमेट होगा तैयार

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित होने के बाद उस कार्यस्थल पर जाकर संबंधित तकनीकी सहायक या उपअभियंता द्वारा अक्षांश देशांष की स्थिति के साथ आनलाइन कार्य की माप दर्ज की जाएगी और उसी आधार पर प्रस्तावित कार्य का आनलाइन इस्टीमेट तैयार होगा। इसके बाद यह तकनीकी स्वीकृति के लिए अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा या फिर उच्चस्थ अधिकारी के पास जाएगा।