विलुप्त पुराना तालाब गहरीकरण के बाद फिर से आ रहा अस्तित्व में

Koria News - ग्राम पंचायत चिरगुड़ा केरनई व चिरगुड़ा की सरहद में नेशनल हाईवे क्रं- 43 सड़क किनारे स्थित पोखरी तालाब जिसे अब लोग शिव...

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 03:02 AM IST
Patna News - chhattisgarh news after the extinction of the old pond deepening coming again in existence
ग्राम पंचायत चिरगुड़ा केरनई व चिरगुड़ा की सरहद में नेशनल हाईवे क्रं- 43 सड़क किनारे स्थित पोखरी तालाब जिसे अब लोग शिव मंदिर तालाब के नाम से भी संबोधित करने लगे हैं।

तालाब की गिनती क्षेत्र के पुराने तालाबों में होती है जो विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गया था। जिसकी वजह से बरसात खत्म होने के साथ ही तालाब का पानी सूख जाता था और रनई व चिरगुड़ा दोनों गांव के पालतु जानवरों के पीने तक के लिए पानी नहीं बच पाता था। मिट्टी से अत्यधिक पट जाने के कारण तालाब खेत की तरह नजर आने लगा था इस तरह विलुप्त होते तालाब की स्थिति से ग्रामीणों ने पंचायत की बैठक में सरपंच, सचिव एवं पंचों को अवगत कराते हुए तालाब को बचाने की गुहार लगाई ।तब गांव की महिला सरपंच सुलोचनी सिंह, सचिव दिनेश्वर राजवाड़े, अरविंद सिंह सहित दर्जनों ग्रामीणों विलुप्त होते तालाब को देखने पहुंचे और वापस आकर तालाब को नव जीवन देने के लिए जुट गए।

ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों की मांग पर तालाब के गहरीकरण के साथ साथ घाट निमार्ण कार्य के लिए जिला प्रशासन के द्वारा मनरेगा योजना के तहत 10 लाख रुपए की मंजूरी दी गई। इसके बाद गहरीकरण का कार्य शुरू हो गया। तालाब गहरीकरण के लिए 10-20 नहीं बल्कि ग्राम पंचायत चिरगुड़ा से 66 से भी अधिक ग्रामीण मजदूर बनकर तालाब में पहुंच गए। गहरीकरण का कार्य लगभग पूरा होने वाला है और घाट निर्माण कार्य शुरू होने वाला है, गहरीकरण कार्य से तालाब की विलुप्त होती सूरत बदल चुकी है। गहरीकरण से पहले जो तालाब खेत की तरह दिखाई पड़ रहा था वह अपने पुराने अस्तित्व में वापस आ चुका है। इसे देखकर अब ग्रामीणों में हर्ष है कि उनकी एक पहल से तालाब को नया जीवन मिल गया है। इस साल की बरसात में तालाब में पानी अधिक मात्रा में रुकेगा और पहले की तरह साल भर तालाब में पानी रुका रहेगा।

ग्राम पंचायत चिरगुड़ा के 66 से अधिक ग्रामीण मजदूर गहरीकरण में जुटे

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