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जिला अस्पताल के वार्डों में मरीजों के साथ परिजन के होने से संक्रमण का खतरा

Koria News - भास्कर संवाददाता | बैकुंठपुर मरीज के साथ आए परिजन भी वार्ड के बेड को शेयर करते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता...

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 02:02 AM IST
Baikunthpur News - chhattisgarh news danger of infection due to having relatives with patients in district hospital wards
भास्कर संवाददाता | बैकुंठपुर

मरीज के साथ आए परिजन भी वार्ड के बेड को शेयर करते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता हैं। अनावश्यक भीड़ के कारण जिला अस्पताल में गंदगी होने के साथ मरीजों की देखभाल में भी स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। अस्पताल प्रबंधन के निर्देशों का पालन नहीं होने स्टाफ और मरीज दोनों को परेशानी होती हैं। वहीं मरीज को भी ठीक होने में समय लग जाता हैं।

अस्पताल में मरीजों से मिलने का समय निर्धारित किया है। मरीजों की देखरेख करने आए परिजन 24 घंटे अस्पताल में बेड शेयर करते हैं। इसके कारण गंभीर बीमारियों का इलाज करा रहे मरीजों को पूरा आराम नहीं मिलने और अन्य तरह के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बना रहता हैं। प्रबंधन के द्वार इस बारे में निर्देश दिए गए हैं, लेकिन लोगों के द्वारा कुछ समय के लिए ही इसका पालन किया जाता हैं और वह समय होता वार्डों में डॉक्टरों के रुटीन चेकअप का। इस समय मरीजों के साथ आए परिजनों को बाहर कर दिया जाता हैं। इसके बाद हालात पहले जैसे ही हो जाते हैं। जिला अस्पताल में ऐसी स्थिति गायनिक वार्ड में प्रसूता वार्ड और महिला वार्ड का है। जहां मरीज से मिलने आने वाले परिजन बीमार मरीज के बेड़ पर लेट जाते हैं। इसके साथ ही एक बेड पर कई लोग बैठे रहते हैं। शोर-शराबा और खाद्य सामग्री बेड के आसपास बिखरी हुई हालत में छोड़ देते हैं।

बीमार मरीज को शोर शराबे से होती परेशानी, जिम्मेदार भी लापरवाह

जिला असपताल भर्ती मरीज के बेड पर बैठे परिजन व अन्य लोग।

डाॅक्टर देते हैं संक्रमण से बचने की सलाह, फिर नहीं मानते हैं लोग

इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए डाॅक्टर संक्रमण से दूर रहने की सलाह देते हैं। डाक्टरी सलाह के मुताबिक मरीज को यदि संक्रमण से दूर रखा जाता है,तो उसे जल्द ही स्वास्थ्य लाभ मिलता है लेकिन यहां की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण बीमार मरीज को स्वस्थ होने के लिए काफी समय भी लग जाता हैं। मरीजों ने बताया कि वार्ड में एक मरीज से मिलने एक बार में लगभग आधा दर्जन से लोग आते हैं।

जिला अस्पताल के नियमों का सख्ती से पालन कराएंगे

सीएस डॉ. एसके गुप्ता ने इस संबंध में कहा कि नियम बनाए गए हैं। अगर मरीज के साथ आने वाले परिजन इसका पालन करते हैं, तो उन्हें ही इसका फायदा होता हैं, लेकिन दिनभर में कितने मरीज आ रहे हैं। इसका पता नहीं चलता हैं और फिर इस बात को लेकर अस्पताल में कई बार विवाद हो जाता हैं लेकिन अब इस नियम को सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा।

भीड़ को नहीं रुकवाना जिला अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही

गौरतलब है कि प्रसूता वार्ड में जहां मरीज को संक्रमण के खतरे से दूर रखना चाहिए, वहीं अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ की लापरवाही के कारण वार्ड में भीड़ बढ़ जाती है। इस मौके पर उन्हें अस्पताल प्रबंधन के द्वारा रोका नहीं जाता हैं। इस अव्यवस्था के कारण वार्ड में भर्ती दूसरे मरीजों परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्टाफ को कई दफा वार्ड से भीड़ कम करने के लिए कहा जाता है, लेकिन स्टाफ के द्वारा अनसुना कर दिया जाता हैं। वहीं अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि एक बेड में केवल मरीज के लिए होता है लेकिन उनके परिजन भी उसी में आकर बैठते हैं और सो जाते हैं, मना करने से विवाद होता हैं, इसके कारण हम लोग कुछ नहीं कहते हैं।

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