Hindi News »Chhatisgarh »Koria» सीएम की सभा में भीड़ बढ़ाने बसें लगाईं, लोगों को साधन नहीं मिले तो एसडीएम बंगले पर पहुंचे

सीएम की सभा में भीड़ बढ़ाने बसें लगाईं, लोगों को साधन नहीं मिले तो एसडीएम बंगले पर पहुंचे

भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर मुख्यमंत्री की सभा के लिए नियमित बसों के अधिग्रहित होने से जनकपुर क्षेत्र में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:15 AM IST

सीएम की सभा में भीड़ बढ़ाने बसें लगाईं, लोगों को साधन नहीं मिले तो एसडीएम बंगले पर पहुंचे
भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर

मुख्यमंत्री की सभा के लिए नियमित बसों के अधिग्रहित होने से जनकपुर क्षेत्र में यात्री दिनभर परेशान होते रहे। जिले में एक साथ दो जगहों पर आयोजन होने से परिवहन विभाग ने रूट की बसों को भी गांवों में रोककर रविवार की रात कब्जे में ले लिया। ऐसे में बस मालिकों से मांगी गई बसों के अलावा भी बड़ी संख्या में बसें अधिग्रहित की गई।

उल्लेखनीय है कि कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ व सोनहत में मुख्यमंत्री की सभा में भीड़ जुटाने के लिए गांव-गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉली और छोटे वाहनों की व्यवस्था के साथ ही करीब 2 दर्जन बसें अधिग्रहीत की गई थीं। इसके अलावा रविवार को ही अन्य छोटी बड़ी गाड़ियां अधिग्रहित कर लिए जाने से ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों से आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

अंचल के रूट पर परेशानी जिला मुख्यालय से लगभग 150 किमी दूर जनकपुर क्षेत्र में आवागमन के लिए वहां के लोगों को एकमात्र बसों का ही सहारा है। ऐसे में बसों का अधिग्रहण करने से लोगों को खासी दिक्कत हुई। मनेन्द्रगढ़-जनकपुर, बैकुंठपुर-सोनहत जैसे प्रमुख रूटों पर आधी बसें भी नहीं चली। इन रूटों पर प्रतिदिन दो से ढाई हजार यात्री सफर करते हैं। बसों के बीच का अंतर बढ़ने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं जिले के आंतरिक मार्गों पर नाम मात्र की बसों का ही संचालन हो सका। इधर मांगलिक सीजन होने के कारण एक तो पहले से ही बसों का अभाव बना हुआ था। नियमित रूट पर चलने वाली कई बसें बारात में लगी हुई हैं। उन बसों को भी अधिग्रहित कर लिए जाने से लोग परेशान होते रहे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए बसों का अधिग्रहण करने से लोगों को खासी दिक्कत हुई। इस बीच बाराती बस के लिए अधिग्रहण किए जाने के कारण बाराती महिलाएं, बच्चे व ग्रामीणों ने एसडीएम जनकपुर के बंगले में पहुंचकर डेरा डाल लिया।

िजले में दो दर्जन से अिधक बसों का किया अधिग्रहण

खाली रहा बस स्टैंड:प्रतिदिन नगर के बस स्टैंड पर बसों की अधिकता से प्रांगण खचाखच भरा रहता है, वहीं रविवार को पूरा प्रांगण खाली देखने को मिला। जबकि दोपहर के समय तो यात्रियों से स्टैंड परिसर भरा था। कई रूटों पर तो स्थिति यह थी कि एक भी बस नहीं थी। इसके चलते यात्रियों को वापस ही लौटना पड़ा। जबकि दूसरे शहर से आने वाले यात्रियों को देर शाम तक बसों का इंतजार करना पड़ा। वहीं प्रशासन के पास वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सोमवार की सुबह भी रूट पर चलने वाली बसों को भी स्टैंड से अधिग्रहित कर कार्यक्रम के लिए पहुंचाया गया।

भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर

मुख्यमंत्री की सभा के लिए नियमित बसों के अधिग्रहित होने से जनकपुर क्षेत्र में यात्री दिनभर परेशान होते रहे। जिले में एक साथ दो जगहों पर आयोजन होने से परिवहन विभाग ने रूट की बसों को भी गांवों में रोककर रविवार की रात कब्जे में ले लिया। ऐसे में बस मालिकों से मांगी गई बसों के अलावा भी बड़ी संख्या में बसें अधिग्रहित की गई।

उल्लेखनीय है कि कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ व सोनहत में मुख्यमंत्री की सभा में भीड़ जुटाने के लिए गांव-गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉली और छोटे वाहनों की व्यवस्था के साथ ही करीब 2 दर्जन बसें अधिग्रहीत की गई थीं। इसके अलावा रविवार को ही अन्य छोटी बड़ी गाड़ियां अधिग्रहित कर लिए जाने से ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों से आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

अंचल के रूट पर परेशानी जिला मुख्यालय से लगभग 150 किमी दूर जनकपुर क्षेत्र में आवागमन के लिए वहां के लोगों को एकमात्र बसों का ही सहारा है। ऐसे में बसों का अधिग्रहण करने से लोगों को खासी दिक्कत हुई। मनेन्द्रगढ़-जनकपुर, बैकुंठपुर-सोनहत जैसे प्रमुख रूटों पर आधी बसें भी नहीं चली। इन रूटों पर प्रतिदिन दो से ढाई हजार यात्री सफर करते हैं। बसों के बीच का अंतर बढ़ने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं जिले के आंतरिक मार्गों पर नाम मात्र की बसों का ही संचालन हो सका। इधर मांगलिक सीजन होने के कारण एक तो पहले से ही बसों का अभाव बना हुआ था। नियमित रूट पर चलने वाली कई बसें बारात में लगी हुई हैं। उन बसों को भी अधिग्रहित कर लिए जाने से लोग परेशान होते रहे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए बसों का अधिग्रहण करने से लोगों को खासी दिक्कत हुई। इस बीच बाराती बस के लिए अधिग्रहण किए जाने के कारण बाराती महिलाएं, बच्चे व ग्रामीणों ने एसडीएम जनकपुर के बंगले में पहुंचकर डेरा डाल लिया।

लोगों की बढ़ी परेशानी

सरकार को जनता की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। अपने नेताओं के कार्यक्रमों में भीड़ ले जाने के लिए बसों को अधिग्रहण परंपरा बन गया है। पहले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए बसें जाती थी वहीं अब तो मुयमंत्री व अन्य मंत्रियों की सभाओं में भी लोगों को जबरदस्ती ले जाने के लिए बसें अधिग्रहित की जा रही है। इससे आम लोगों को परेशानी होती है। -गुलाब कमरो, कांग्रेस प्रदेश कमेटी सदस्य

पनपने लगा आक्रोश

अब तो नेताओं के कार्यक्रमों को सरकारी स्वरूप देकर बसें प्रशासनिक निर्देशों पर अधिग्रहित की जा रही है। बार-बार बसें अधिग्रहित होने से आम यात्री के साथ ही बस संचालकों को भी दिक्कत होती है। - गुलाब सिंह, जोगी कांग्रेस

हमने नहीं किया अधिग्रहण

हमारे विभाग द्वारा किसी प्रकार का अधिग्रहण नहीं किया गया है। अन्य कार्यों के लिए यहां आरटीओ द्वारा रुटीन चेकिंग की गई है। इसमें जिन वाहनों के दस्तावेज नहीं पाए गए उन वाहनों पर कार्रवाई की गई है। - रवि राही, अनुविभागीय अधिकारी जनकपुर

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Koria

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×