लखनपुरी

--Advertisement--

रामायण का हर पात्र है विशेष, इनके चरित्र से सीखें

मानस में अनेकों पात्र हैं, जिनमें सिर्फ राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है। श्रीराम हम सबके आदर्श हैं। उन्होंने...

Danik Bhaskar

Jan 30, 2018, 06:05 PM IST
मानस में अनेकों पात्र हैं, जिनमें सिर्फ राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है। श्रीराम हम सबके आदर्श हैं। उन्होंने 14 वर्ष तक वनवास में वनवासियों के बीच बिताया। हम वनवासी हैं, इसलिए क्षेत्र को दंडकारण्य इसीलिए कहा जाता है।

हमारे जनजाति संस्कृति में माता, पिता पहले तब पीछे पूरा परिवार चलता है। उक्त बातें ग्राम मैनपुर में जारी राज्य स्तरीय मानसगान के द्वितीय दिवस पहुंचे शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने कही। उन्होंने कहा कि रामचरित्र मानस सबसे बड़ा ग्रंथ है, रामचरित्र मानस के हर पात्र के चरित्र में परिपूर्णता कूट कूट कर भरी हुई है। रामायण के हर पात्रों के चरित्र से हमें सीख लेना चाहिए। रामचरित्र मानस में जितने भी पात्र हैं उनमें अच्छाइयां रही हैं। मानसगान में पहुंचे शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने ग्रामीणों की मांग पर मानसगान के लिए ग्राम में शेड निर्माण करने की घोषणा की।

तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रांतीय अध्यक्ष व लोक सेवा आयोग के सदस्य मोहन मंडावी ने कहा मानस के पात्रों के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करें, तभी मानव कल्याण होगा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष हलधर साहू, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, ब्रम्हानंद नेताम, आलोक ठाकुर, हेमेंद्र ठाकुर, अनुप राठौर, प्रताम सलाम, रविकांत शर्मा, रामसेवक जुर्री, जनकनंदन कश्यप,हीराम राम नेताम, सुमन साहू, नक ुल कोर्राम,रूपराम साहू आदि उपस्थित थे।

धर्म-कर्म

लखनपुरी में मानस गान स्पर्धा में पहुंचे शिक्षामंत्री कश्यप ने मानस गान के लिए शेड की घोषणा की

लखनपुरी। ग्राम मैनपुर में मानसगान श्रोताओं को संबोधित करते मंत्री केदार कश्यप।

Click to listen..