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दृष्टिहीन खिलाड़ियों ने राज्य को पैराएथलेटिक्स में दिलाया गोल्ड

करमापटपर के नेत्रहीन विद्यालय के चार छात्रों ने चंडीगढ़ में आयोजित पैरा एथलेटिक्स में अपने प्रदर्शन से जिला ही...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:50 AM IST
दृष्टिहीन खिलाड़ियों ने राज्य को पैराएथलेटिक्स में दिलाया गोल्ड
करमापटपर के नेत्रहीन विद्यालय के चार छात्रों ने चंडीगढ़ में आयोजित पैरा एथलेटिक्स में अपने प्रदर्शन से जिला ही नहीं प्रदेश का भी गौरव बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ को मिले 11 पदकों में 5 पदक इन चार छात्रों ने जीते हैं। दृष्टि बाधित होने के बाद भी पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर ये खिलाड़ी अपनी धाक बनाए हुए हैं।

चंडीगढ़ में हुई 18वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में छग को कुल आठ पदक मिले, इनमें से विभिन्न प्रतियोगिताओं में छग को 2 गोल्ड, 2 रजत और 7 कांस्य पदक मिले। जिसमें जिले की फॉर्च्यून नेत्रहीन विद्यालय के ईश्वरी निषाद ने 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक, 800 मीटर और 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक प्राप्त किया। प्रीति यादव ने लंबी कूद में कांस्य पदक प्राप्त किया वहीं पल्लवी पांडे 800 मीटर रेस में कांस्य पदक प्राप्त किया। संस्था के भूपेंद्र पटेल ने भी 800/400 और 1500 मीटर रेस और भाग लिया। छत्तीसगढ़ से कुल 30 खिलाड़ियों का दल इस प्रतियोगिता में शामिल हुआ था, जिन्हें कुल 11 पदक मिले हैं।

रोज सुबह गांव के मैदान में होती है प्रेक्टिस: वर्तमान में स्कूल के दृष्टिबाधित छात्र पिथौरा मार्ग स्थित छोटे से मैदान में अपनी प्रेक्टिस रोज सुबह करते हैं। दरअसल पैरा एथलेटिक्स के कोई जानकार कोच नहीं होने के कारण संस्था के संचालक निरंजन साहू ही शुरुआत से इनके कोच रहे हैं।

महासमुंद। पैरा एथलेटिक्स में पदक पाने के बाद जिले के खिलाड़ी।

खेलकूद के प्रति जताई इच्छा, फिर मिला मौका

खेलकूद के प्रति दोनों छात्रों द्वारा इच्छा जाहिर करने के बाद संस्था के संचालक निरंजन साहू ने छग पैरालंपिक एसोसिएशन से बातचीत की। जिसके बाद इन छात्रों को बैंगलूर, गाजियाबाद और पंचकूला में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिला।

खिलाड़ी पांच वर्षों से दिला रहे हैं खेल स्पर्धा में पदक

कक्षा दसवीं की छात्रा ईश्वरी निषाद 2015-16, 2016-17 व 2017-18 में अब तक लगातार स्वर्ण पदक और कांस्य पदक पा चुकी है। पल्लवी पांडे 2015, 2016 व 2017 में जयपुर में आयोजित प्रतियोगिता में पदक हासिल कर चुकी है। जयपुर में ईश्वरी को भी स्वर्ण पदक मिला था।

भारत के लिए बॉल बैडमिंटन में जीता सोना नगर आगमन पर खिलाड़ियों का स्वागत

भास्कर न्यूज|सराईपाली

मलेशिया में आयोजित टेस्ट सीरिज में भारतीय टीम को गोल्ड मेडल दिलाकर लौटे बॉल बैडमिंटन के खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। प्रथम नगर आगमन पर सराईपाली बस स्टैंड के पास खेल विभाग नोडल अधिकारी शुभ्रा डड़सेना, क्षेत्रीय खेल विकास समिति के तत्वाधान में भव्य स्वागत किया गया। गुलाल, फूल माला, शाल, श्रीफल से सम्मानित किया गया। इस दौरान कोच अंकित लूनिया का विशेष स्वागत सम्मान किया गया।

उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्राम रोहिना, सराईपाली निवासी प्रभात सेठ पिता केशव सेठ, काजल सिंह पिता विनोद सिंह महासमुंद की उपलब्धि से नगर सहित जिला भी गौरवान्वित हुआ। भारत को बाल बैटमिन्टन मे गोल्ड मेडल दिलवाने वाला यह छत्तीसगढ़ व देश का प्रथम खिलाड़ी हैं। सराईपाली से सागरपाली रोहिना तक गाजे बाजे के साथ नगर भ्रमण स्वागत सम्मान किया गया।

इस समारोह मे महासमुंद के सभी बॉल बैडमिंटन खिलाड़ी व्यायाम शिक्षक, सराईपाली के फुटबॉल खिलाड़ी बहुतायत शामिल हुए। इस समारोह मे रविशंकर साहू, खेमराज पटेल, ध्रुव मलिक, कामता पटेल, अक्षय सिदार, प्रफुल्ल बारीक, खीरसागर सतीश पैंकरा, लखेश्वर भोई, शिव पटेल, एवं समस्त खेल प्र्रेमियों का सहयोग रहा।

जहां पढ़ी वहीं पढ़ा रहीं प्रीति

2013-14 में बागबाहरा क्षेत्र के ग्राम करमापटपर में शुरू हुए इस नेत्रहीन विद्यालय में ईश्वरी निषाद ने दाखिला लिया। जन्मजात नेत्रबाधित ईश्वरी ने सामान्य स्कूल में 5वी तक पढ़ाई की, जिसके साथ फिंगेश्वर निवासी प्रीत यादव का भी यहां दाखिला हुआ। 13 वर्षों तक पढ़ाई से दूर रहने के बाद पिछले पांच वर्षों में 10वीं और 12वी पत्राचार परीक्षा देकर उत्तीर्ण हुई। और अब इसी विद्यालय में भर्ती मूक बधिर और दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाने का भी कार्य कर रही हैं।

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