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दिव्यांग बच्चों के लिए खुला समावेशी केंद्र बजट के अभाव में बंद

भास्कर न्यूज|महासमुंद/सराईपाली दिव्यांग बच्चों के लिए खोला गया समावेशी केंद्र बजट के अभाव में बंद कर दिया गया...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:50 AM IST
दिव्यांग बच्चों के लिए खुला समावेशी केंद्र बजट के अभाव में बंद
भास्कर न्यूज|महासमुंद/सराईपाली

दिव्यांग बच्चों के लिए खोला गया समावेशी केंद्र बजट के अभाव में बंद कर दिया गया है। एक तरफ दिव्यांगों के लिए सुविधा बढ़ाने के लिए बात होती है दूसरी तरफ प्रशासन की उदासीनता से चल रहे शासकीय समावेशी केंद्र भी बंद हो गए, जबकि शासन ने इसके लिए अलग से भवन भी बनवा दिया था।

पहले यह सिंचाई विभाग के पुराने कार्यपालन यंत्री कार्यालय में लगाया जा रहा था। इससे वहां पढ़ाई करने वाले 40 बच्चों की पढ़ाई ठप है। शासन ने 1 सालभर बीतने के बाद भी फंड का कोई इंतजाम नहीं किया। वहीं जिले में दिव्यांगों के शिक्षा व बौद्धिक विकास के लिए बनी योजना होम बेस्ड एजुकेशन यानी गृह आधारित शिक्षा भी ठप है।

जानिए, होम बेस्ड एजुकेशन को: होम बेस्ड एजुकेशन योजना में ऐसे दिव्यांग बच्चे जो स्कूल नहीं जा पाते या जो सामान्य बच्चों के बीच नहीं पढ़ पाते हैं, उन्हें शिक्षक उनके घर जाकर पढ़ाते हैं। उन्हें विशेष चीजों के जरिए सोचने समझने व इशारे से बात करने की सीख दी जाती है।

आरबीसी केंद्र बंद पड़ा हुआ है।

सीएम ने जवाब मांगा पर अब तक हुआ कुछ नहीं

आरबीसी केंद्र बंद होने का मामला संज्ञान में आने के बाद सीएम डॉ रमन सिंह ने सर्व शिक्षा अभियान के अफसरों को पत्र भेजकर जवाब मांगा था कि केंद्र बंद क्यों है। विभाग के अफसरों ने जवाब बनाकर दिया था कि फंड नहीं आने के कारण ऐसा हुआ है।

नहीं आया वापस कोई पत्र, न ही फंड

तत्कालीन आरबीसी केंद्र के प्रभारी रहे बसंत साहू ने बताया कि 2008 में आरबीसी केंद्र आरंभ किया गया था। मार्च 2016 तक चला उसके बाद बंद हो गया। मार्च के बाद बजट का एलाटमेंट नहीं आने के कारण बंद हो गया। जिस समय केंद्र बंद हुआ उस समय 40 बच्चे अध्ययनरत थे।

बच्चों का बौद्धिक स्तर नहीं सुधर रहा

इससे बच्चों का बौद्धिक स्तर नहीं सुधर पा रहा है। पालक इस बात से काफी चिंतित है कि बिना पढ़ाई के उनके बच्चों का भविष्य कैसा होगा। दिव्यांग होने के बाद भी सोचने व समझने की क्षमता बनी रहे या फिर जो बच्चे होनहार वे आगे बढ़ सके, इस उद्देश्य से आवासीय स्कूल व होम बेस्ड एजुकेशन शुरू की गई थी। पर दोनों मामले में ही जिले में कोई काम नहीं हो पा रहा है।

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