Hindi News »Chhatisgarh »Mahasamund» पहले अंधाधुंध वर्कऑर्डर बांट दिया गया, फंड घटा तो नगर पालिका ने कहा- अब नहीं बनेंगे शौचालय

पहले अंधाधुंध वर्कऑर्डर बांट दिया गया, फंड घटा तो नगर पालिका ने कहा- अब नहीं बनेंगे शौचालय

महासमुंद| शौचालय निर्माण के लिए पालिका ने पहले वर्कऑर्डर जारी किए अब उन्हीं ठेकेदारों को फंड की कमी का हवाला देकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:10 AM IST

पहले अंधाधुंध वर्कऑर्डर बांट दिया गया, फंड घटा तो नगर पालिका ने कहा- अब नहीं बनेंगे शौचालय
महासमुंद| शौचालय निर्माण के लिए पालिका ने पहले वर्कऑर्डर जारी किए अब उन्हीं ठेकेदारों को फंड की कमी का हवाला देकर काम रोकने नोटिस भेजा गया है। इधर इसके कारण शहर में तकरीबन 200 से अधिक शौचालयों का निर्माण अधर में लटक गया है। जहां ठेकेदारों को अपने भुगतान की चिंता सता रही है वहीं इसके कारण निजी निर्माणों की प्रोत्साहन राशि भी अटक गई है।

पालिका के अफसरों का कहना है कि शहर में तकरीबन 2800 शौचालयों का लक्ष्य रखा गया था, हालांकि पूर्व में हुए सर्वे में 3400 लोगों के घरों में शौचालय की आवश्यकता की बात सामने आई थी। शौचालय की मांग सामने आने पर पालिका ने अंधाधुंध तरीके से वर्क आर्डर जारी किए, अब एक करोड़ रुपए की और आवश्यकता होने के कारण इन्हें तत्काल काम रोकने कह दिया गया। एक तरफ पालिका अफसर निर्माण के लिए वर्क आर्डर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लक्ष्य से अधिक निर्माण होने का पता चला तो तत्काल कार्य रोकने का नोटिस ठेकेदारों को भेजा जा रहा है।

महासमुंद। अधूरा छोड़ दिए गए शौचालय के संबंध में जानकारी देतीं महिला।

इन्हें भेजा गया है नोटिस

पालिका सीएमओ द्वारा 7 अप्रेल को ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया। जिसमें मुक्तिधाम सेवा समिति, - पर्यावरण विकास संस्थान रायपुर, रचना सेवा संस्थान बलौदाबाजार, भावन मानव सेवा संस्थान रायपुर, लियानार्ड संस्थान भिलाई और शत्रुघन यदु को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि वर्क आर्डर के तहत पूर्ण और निर्माणाधीन की सूची प्रस्तुत करे और जिनके घरों में शौचालय का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है उसे शौचालय को प्रारंभ न करे।

इन वर्षों में यह था लक्ष्य

स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत 2014-15 में 400 शौचालय, 2015-16 में 923 और 2016-17 में 1000 शौचालय और 2017-18 में 480 कुल 2803 शौचालय निर्माण की अनुमति शासन से प्राप्त हुई। लेकिन पालिका में मिले आवेदनों से इसकी संख्या लक्ष्य से अधिक हो गई। पालिका द्वारा भी वर्कऑर्डर जारी करने के दौरान संख्या को ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण ठेकेदारों द्वारा किए गए निर्माण को अतिरिक्त बताया जा रहा है।

अधूरे शौचालय से हुई घटना

नागरिक मोहन साहू ने बताया कि उनके घर में ठेकेदार द्वारा शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। पिछले 20 दिनों से गड्ढा खोद कर आधा कार्य करने के बाद इसे अधूरा छोड़ दिया गया है।

नागरिक पीली बाई यादव ने बताया कि घर में शौचालय बनाने के लिए सड़क पर जगह नहीं होने के कारण घर में ही निर्माण सामग्री रखनी पड़ी है। इसके कारण घर के भीतर पिछले कई दिनों से अस्त व्यस्त पड़ा हुआ है।

पिछले माह वार्ड क्रमांक 15 में एक नागरिक के घर ठेकेदार द्वारा गड्ढा खोद कर छोड़ दिया गया था, जिसमें गिरकर बुजुर्ग महिला घायल भी हो चुकी है। इसके बाद अफसरों ने तत्काल इसे संज्ञान में लेते हुए ठेकेदार से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराया गया था।

केस-1

केस-2

केस-3

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Mahasamund

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×