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2डी के जरिए दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू के एक्सपर्ट 1-1 घंटे लेंगे क्लास

अब शासकीय कॉलेजों में भी सेटेलाइट के माध्यम से पढ़ाई होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के 75...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:10 AM IST

2डी के जरिए दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू के एक्सपर्ट 1-1 घंटे लेंगे क्लास
अब शासकीय कॉलेजों में भी सेटेलाइट के माध्यम से पढ़ाई होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के 75 कॉलेजों को वर्चुअल क्लास से जोड़ने का फैसला लिया है। जिसमें महासमुंद जिले के वीरेंद्र बहादुर महाविद्यालय सराईपाली को शामिल किया गया है। यह जिले का पहला वर्चुअल क्लास रूम वाला कॉलेज है जहां अगले सत्र में वर्चुअल क्लास शुरू हो जाएगी। इसके लिए कॉलेज में क्लास रूम तैयार कर लिया गया है। ट्रायल के रूप में कक्षाएं भी लगाई जा चुकी हैं।

कॉलेज में छात्र 1 घंटे तक से विशेषज्ञों से पूछेंगे सवाल: इस योजना का कांसेप्ट कैबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय का है। उनकी पहल पर योजना शुरू हुई।

पूरे देश में अपने आप में पहला मामला है, योजना के तहत इसमें प्रत्येक का कॉलेज में 1-1 घंटे की दो कक्षाएं सेटेलाइट आधारित होंगी। जिसका मेन कंट्रोल रूप रायपुर में होगा।

मुंबई, दिल्ली और बैंगलुरू के प्रोफेसर ने दिखाई रूचि: चयनित कॉलेजों में सेटेलाइट आधारित वर्चुअल क्लास रूम शुरू की जाएंगी। ये कक्षाएं 2-डी होगी। इसके लिए मुंबई, दिल्ली व बैंगलुरू के कई प्रोफेसर ने रूचि भी दिखाई है।

नई तकनीक

सराईपाली कॉलेज में लगेगी वर्चुअल क्लास, छग के उच्च शिक्षा विभाग ने 75 कॉलेजों में वर्चुअल क्लास इसी सत्र से शुरू करने की बनाई योजना

खास बात: बिना इंटरनेट के चलेगी क्लास रूम

कंट्रोल रूम से हर कॉलेज में लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की जाएगी। जिससे विषय विशेषज्ञ और विद्यार्थी एक ही समय एक दूसरे से जुड़ पाएंगे। इसका ट्रांसमिशन सेटेलाइट द्वारा किया जाएगा। इंटरनेट आवश्यक नहीं है। रियल टाइम ट्रांसमिशन के साथ साथ ऑडियो और वीडियो की बेहतर क्वालिटी होती है।

विद्यार्थियों को योजना का मिलेगा सीधा लाभ

वीरेंद्र बहादुर कॉलेज के प्राचार्य अमृत पटेल का कहना है कि योजना से कॉलेज विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। एक तो उन्हें विशेषज्ञों से रूबरू होने का मौका मिलेगा, जिसके लिए उन्हें कहीं और नहीं जाना पड़ेगा। देश के विभिन्न राज्यों के विषय विशेषज्ञों से विद्यार्थी रूबरू होंगे।

वर्चुअल क्लास का उद्देश्य

शिक्षण में गुणवत्ता लाना।

कॉलेज में शिक्षकों की कमी को दूर-शिक्षा के माध्यम से दूर करना।

उत्कृष्ट शिक्षकों का लाभ सभी को उपलब्ध कराना।

तकनीकी के लाभ को सभी को उपलब्ध कराना।

कठिन विषयों को तकनीकी के माध्यम से सरल करना।

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