• Hindi News
  • Chhattisgarh News
  • Mainpur
  • आंदोलन खत्म: अफसर बोले-बड़ेगोबरा में ही लगेगा आश्रम अधीक्षक को तत्काल हटाया
--Advertisement--

आंदोलन खत्म: अफसर बोले-बड़ेगोबरा में ही लगेगा आश्रम अधीक्षक को तत्काल हटाया

तहसील मुख्यालय से 18 किमी दूर विशेष पिछड़ी कमार जनजाति ग्राम गोबरा के सैकड़ों आदिवासी अपने पारंपरिक हथियार तीर धनुष...

Dainik Bhaskar

Aug 02, 2018, 03:45 AM IST
आंदोलन खत्म: अफसर बोले-बड़ेगोबरा में ही लगेगा आश्रम अधीक्षक को तत्काल हटाया
तहसील मुख्यालय से 18 किमी दूर विशेष पिछड़ी कमार जनजाति ग्राम गोबरा के सैकड़ों आदिवासी अपने पारंपरिक हथियार तीर धनुष भाला लेकर आश्रम को अपने ग्राम गोबरा में ले जाने तथा आश्रम अधीक्षक को तत्काल हटाने की मांग को लेकर सुबह 10 बजे से पदयात्रा करते हुए मैनपुर जनपद कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों के इस आंदोलन को समर्थन करने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के महासचिव एवं लोकसभा प्रभारी नुरूल रिजवी पार्टी कार्याकर्ताओं के साथ पहुंचे और जमकर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जिला मुख्यालय गरियाबंद कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने सैकड़ो ग्रामीण गरियाबंद के लिए पैदल कूच किया। इसकी जानकारी जिले के अधिकारियों को लगते ही हड़कंप मच गया। आंदोलनकारियों को रास्ते में ही रोकने जिले से आला अधिकारियों का दल रवाना हुआ।

मैनपुर से 8 किमी दूर जंगल में जिला शिक्षा अधिकारी एसएल ओंगरे, सहायक संचालक एस एल धृतलहरे, तहसीलदार सुरेन्द्र ध्रुव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी रविराज ठाकुर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डीपी कोयरी व अन्य अधिकारी दल पदयात्रा कर रहे ग्रामीणों को रास्ते में रोककर बहुत मानमनौव्वल किया और ग्रामीणों की मांग के अनुरूप तत्काल आश्रम अधीक्षक वेदप्रकाश पारिक को हटाकर उसके स्थान पर किसी अन्य को आश्रम अधीक्षक का चार्ज दिया गया।

बावजूद इसके ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ और शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीण पदयात्रा कर जिला मुख्यालय जाकर कलेक्टर से मिलने की जिद करते रहे, जिला शिक्षा अधिकारी ने गुरूवार को अधिकारियों का दल सुबह 9 बजे गोबरा पहुंचकर आश्रम को भाठीगढ़ से पुनः ग्राम बड़ेगोबरा में संचालित करने के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन देर शाम 7 बजे स्थगित कर दिया। ग्रामीणों के साथ 10 किमी तक लोकसभा प्रभारी नुरूल रिजवी ने भी पदयात्रा की।

इस मौके पर इस मौके पर प्रमुख रूप से सरपंच रेखा बाई ध्रुव, भुपेन्द्र ध्रुव, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के शहर अध्यक्ष जाकीर रजा, जनपद सदस्य सुकचंद ध्रुव, अनीश सोलंकी, महनसिंग ध्रुव, मुकुंद कुंजाम, बृजलाल सोनवानी, रूपेश कश्यप, लखनलाल, बोहरन, रामप्रसाद, रामरतन, किरण बाई, विश्वनाथ, हिरा लाल कमार, महेश कमार, रामबाई, बुधलाल सोरी, सुबेराम, दशरथ, जैतराम, धनमोतिन बाई, चित्ररेखा नाग, सिरमोतिन बाई, भानुमति सहित सैकड़ों की संख्या मे ग्रामीण उपस्थित थे।

मैनपुर.तीर धनुष भाला लेकर आश्रम को अपने ग्राम गोबरा में ले जाने की मांग पर अड़े ग्रामीण।

आश्रम को गोबरा के बजाय भाठीगढ़ कर दिया गया था

1989 में शासन द्वारा मैनपुर से 18 किलोमीटर दूर बड़ेगोबरा में आदिवासी बालक आश्रम प्रारंभ किया था। ऐसे में आसपास के दर्जनों ग्रामों के विशेष पिछड़ी जन जाति कमार आदिवासी बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, लेकिन 11 वर्ष पहले जब इस आश्रम के भवन निर्माण के लिए लाखों रूपये स्वीकृत किया गया, तब आश्रम भवन को गोबरा के बजाय वहां से 15 किलोमीटर दूर भाठीगढ़ दूसरे पंचायत मे निर्माण कर दिया गया और यहां के आश्रम अधीक्षक द्वारा भवन निर्माण के बाद आश्रम को भाठीगढ़ मे स्थानांतरित कर दिया।

15 दिन पहले भी आंदोलन कर ज्ञापन सौंपा था

गोबरा के ग्रामीण आश्रम को पुनः गोबरा मे संचालित करने व आश्रम अधीक्षक वेदप्रकाश पारिक को हटाने आंदोलनरत थे, 15 दिन पहले विकासखण्ड शिक्षा कार्यालय का घेराव कर ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा था और 15 दिनों के भीतर मांग पूरा नहीं होने पर उग्र आंदोलन जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव की चेतावनी दी थी।

X
आंदोलन खत्म: अफसर बोले-बड़ेगोबरा में ही लगेगा आश्रम अधीक्षक को तत्काल हटाया
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..