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किर्लोस्कर की जगह मैराथन कंपनी की लोकल मोटर लगाई

भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़ शुभारंभ से पहले ही मनेंद्रगढ़ में 18 करोड़ की जलावर्धन योजना के फेल हो जाने के बाद...

Danik Bhaskar | Aug 10, 2018, 02:56 AM IST
भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़

शुभारंभ से पहले ही मनेंद्रगढ़ में 18 करोड़ की जलावर्धन योजना के फेल हो जाने के बाद भ्रष्टाचार और अनियमितता की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं। योजना के तहत बनाए गए नवनिर्मित इंटकवेल में 100 एचपी के तीन मोटर टेस्टिंग में ही फेल हो जाने के बाद जब इसकी पड़ताल की गई तो काफी चौंका देने वाली जानकारी सामने आई है।

इंटकवेल में लाखों की लागत से 100 एचपी की तीन मोटर यह सोचकर लगाई गई थी कि इसके माध्यम से पानी तेजी से फिल्टर प्लांट तक पहुंचेगा, लेकिन टेस्टिंग में ही तीनों मोटर के जवाब दे जाने की वजह से नवनिर्मित इंटकवेल पूरी तरह से बंद पड़ा है। टेस्टिंग में पंप फेल होने की जो वजह सामने आ रही है वह यह कि एग्रीमेंट के अनुसार ठेकेदार को क्रॉम्पटन अथवा किर्लोस्कर कंपनी का 100 एचपी का पंप लगाना था, लेकिन बड़ी राशि का बंदरबांट करने के लिए पीएचई के अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार के द्वारा एग्रीमेंट की शर्तों को दरकिनार कर मैराथन कंपनी का लोकल मोटर लगाया गया है। पैनल भी एलएनएल का लगना था, लेकिन पता चला है कि बिलासपुर से असेम्बल कर लोकल पैनल लगाया गया जो मानक स्तर पर तकनीकी जानकारों के अनुसार किसी भी एंगल से सही नहीं है। पैनल में 50 एचपी का लोड बनाया गया है और उसमें 100 एचपी का लोड दिया गया है जिससे पैनल गर्म होकर खराब हो गया।

25 साल से एक ही स्थान पर पदस्थ पीएचई अधिकारी

पीएचई के सब इंजीनयिर पीएस बघेल पिछले 25 वर्षों से मनेंद्रगढ़ में जमे हुए हैं। उनकी देखरेख में जलावर्धन योजना का पूरा काम हुआ। पूर्व में भी इन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लग चुके हैं। जब भी इनका यहां से तबादला हुआ है किसी न किसी तरह से तबादला रुकवा लिया। हाल ही में इनका तबादला हुआ था, लेकिन इन्होंने स्टे ले लिया है। ोजना है।