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तस्करों ने सेंट्रल हॉस्पिटल के गार्डन में खड़े चंदन का पेड़ रात में काटकर पार की एक लाख की लकड़ी

भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़ मनेंद्रगढ़ के केंद्रीय अस्पताल के गार्डन में खड़े बड़े चंदन के पेड़ को बुधवार रात...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 03, 2018, 03:06 AM IST

  • तस्करों ने सेंट्रल हॉस्पिटल के गार्डन में खड़े चंदन का पेड़ रात में काटकर पार की एक लाख की लकड़ी
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    भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़

    मनेंद्रगढ़ के केंद्रीय अस्पताल के गार्डन में खड़े बड़े चंदन के पेड़ को बुधवार रात तस्करों ने चोरी से काटकर करीब एक लाख की लकड़ी पार कर दी। गुरुवार सुबह घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पुलिस पहुंची। मौके से एक आरी ब्लेड और छाता बरामद किया है। अस्पताल के गार्ड की रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना चालू की है।

    क्षेत्र में चंदन पेड़ की लकड़ी चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। हर दूसरे या तीसरे माह चोर शहर या आसपास ग्रामीण इलाके में चंदन के पेड़ काटकर लकड़ी चोरी की वारदात अंजाम देते रहे हैं। कई बार पुलिस ने आरोपियों को भी पकड़ा, लेकिन चंदन चोरी की वारदात पर अब तक अंकुश नहीं लगा है। इस बार चोरों ने सेंट्रल हॉस्पिटल के सामने स्थित गार्डन को निशाना बनाया, और यहां खड़े चंदन के बड़े पेड़ को काटकर लाखों की लकड़ी पार कर ले गए। सुबह ड्यूटी पर आए गार्ड पवन कुमार को पार्क में खड़ा चंदन का पेड़ कटा मिला और लकड़ी गायब थी। जबकि रात में अस्पताल में एक गार्ड पीतांबर पटेल ड्यूटी पर तैनात था, लेकिन गार्ड की कमी की वजह से उसे अस्पताल, परिसर और कॉलोनी सभी तरफ अकेले निगरानी करनी पड़ रही थी। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने गार्डन से चंदन का पेड़ पार कर दिया।

    हाॅस्पिटल के गार्डन में पहले लगे थे 90 पेड़, लगातार चोरी के कारण अब महज 8 पेड़ ही बचे

    चंदन का मोटा पेड़ काटकर ले गए चंदन तस्कर। आधा पेड़ गार्डन में ही छोड़कर चले गए।

    गार्डन में लगे थे 90 चंदन के पेड़, अब तक हो चुके 82 चोरी

    केंद्रीय अस्पताल के गार्डन में 1989 में तत्कालीन सीएमएचओ ने करीब 90 चंदन के पेड़ लगवाए थे। लेकिन यहां लगातार चोरी की वारदात से आज 9 पेड़ भी नहीं बचे हैं। पिछले साल तक गार्डन में चंदन के 12 पेड़ बचे थे। जिनमें से 8 मई 2017 रात चोरों ने तीन पेड़ों को काटकर पार कर दिया। वहीं पांच पेड़ों को काटने का प्रयास भी किया गया था। पिछले साल चंदन के तीन पेड़ चोरी होने से 9 ही बचे थे। जिसमें से रात एक और पेड़ चोरी चले जाने से अब मात्र 8 चंदन के पेड़ शेष रह गए हैं।

    चुराए गए चंदन के पेड़ों पर एक नजर

    चंदन चोर गिरोहों ने मनेंद्रगढ़ में विजय नर्सरी स्कूल के पास दीपक जायसवाल, पूर्व नपाध्यक्ष प्रभा पटेल के निवास, सेंट्रल हॉस्पिटल गार्डन, सुधीर ताम्रकार की बगिया, चैनपुर स्थित बंद आरा मिल में चंदन वृक्षों को काटने के साथ ही हसदेव नर्सरी में एक बार नहीं, बल्कि कई बार चंदन चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।

    पुलिस गश्त और गार्डों की तैनाती पर भी सवाल

    आमाखेरवा क्षेत्र में डॉक्टर्स और नर्स कॉलोनी भी है। इसके अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, कमांडेंट, सीएमएचओ जैसे आला-अधिकारी निवास करते हैं। चंदन चोरी के अलावा पूर्व में इन कॉलोनियों में चोरी, डकैती आदि की घटनाएं हो चुकी हैं। साथ ही डॉक्टर पर जानलेवा हमला भी हो चुका है, जो पुलिस की रात गश्त पर सवाल खड़े करता है। रहवासियों का कहना है कि पुलिस यदि गश्त करती तो चंदन के पेड़ चोरी नहीं होती। क्योंेकि इतना मोटा और भारी पेड़ चोरी करने के लिए चोरों को कई घंटे गार्डन में रुकना पड़ा होगा। लेकिन न तो यहां पुलिस पहुंची आैर न ही गार्डों को पेड़ काटने और उसे उठाकर ले जाने की आवाज सुनाई दी।

    पहले 16 गार्ड थे, अब सिर्फ 9 कर रहे निगरानी

    हॉस्पिटल में जहां पहले 16 गार्ड थे। अब इनकी संख्या मात्र 9 रह गई है। जिन्हें एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय से लेकर हॉस्पिटल, सब स्टेशन और कॉलोनी सभी जगह सेवाएं देनी पड़ रही हैं। ज्यादातर रात में मात्र 1 गार्ड के भरोसे हॉस्पिटल और कॉलोनी की सुरक्षा की जिम्मेदारी रहती है। यह पर्याप्त नहीं है। यही वजह है कि चोर सुरक्षा गार्ड की कमी का फायदा उठा रहे हैं।

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