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18 करोड़ की जलावर्धन योजना शुरू होने से पहले फेल जलीं 3 माेटर, एनीकट से बह गया 56 करोड़ लीटर पानी

भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़ 18 करोड़ की जलावर्धन योजना के जिस काम को कांग्रेस की शहर सरकार से लेकर भाजपा के...

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2018, 03:15 AM IST
भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़

18 करोड़ की जलावर्धन योजना के जिस काम को कांग्रेस की शहर सरकार से लेकर भाजपा के विधायक और अन्य छोटे-बड़े नेता अपनी उपलब्धि बताते नहीं थक रहे थे, आज उसी जलावर्धन योजना के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने की वजह से दम निकल गया है। एक सप्ताह पहले इस योजना के तहत बने एनीकट में जहां करोड़ों लीटर पानी स्टोर था। आज वहां नाम मात्र का ही पानी बचा है। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि 6 करोड़ से बना एनीकट पहली बारिश भी नहीं झेल पाया और उसमें दरार आ गई। एनीकट को बचाने के लिए नपा ने सारे जमा पानी को बहा दिया। वहीं नवनिर्मित इंटकवेल में 100 एचपी के तीन मोटर भी टेस्टिंग में ही फेल हो जाने की वजह से बंद हो गए हैं। जिससे यह स्पष्ट होता है कि करोड़ों की जलावर्धन योजना में किस कदर भर्राशाही की गई है।

उल्लेखनीय है कि दस दिन पूर्व ही नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केशरवानी ने जलावर्धन योजना को अपनी उपलब्धि बताते हुए इस बात का बखान किया था कि जल आवर्धन योजना से अब शहरवासियों के लाभान्वित होने का समय आ गया है। एक माह बाद शहरवासियों को इस योजना का लाभ मिलने लगेगा।

एक हफ्ते में शहर को भरपूर पानी देने का नगर पालिका अध्यक्ष का था दावा

एक हफ्ते पहले

एक सप्ताह पहले एनीकट में जमा था 56 करोड़ लीटर पानी। वर्तमान में एनीकट में बहुत कम बचा है पानी।

2005 में स्वीकृत योजना का काम 2014 तक बंद रहा, 2015 में चालू हुआ

नपा अध्यक्ष का दावा था कि योजना के शुरू होने से बीते कई वर्षों से शहर में जारी जलसंकट से लोगों को निजात मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया था कि वर्ष 2005 में स्वीकृत योजना का काम 2014 तक शिथिल पड़ा था, लेकिन 2015 में निकाय चुनाव में उनके नपाध्यक्ष बनने के बाद इस योजना में काम शुरू हुआ। उन्होंने यह भी बताया था कि नए इंटकवेल से फिल्टर प्लांट में पानी आने का टेस्टिंग का कार्य पूर्ण करते हुए पानी आना शुरू हो गया है। अब एक माह के अंदर शहरवासियों को जल आवर्धन योजना का लाभ मिलने लगेगा, लेकिन एनीकट में दरार और तीन पंपों के फेल हो गए।

6 करोड़ के एनीकट में दरार से बहा पानी

जल संसाधन ने इस योजना के तहत 6 करोड़ से हसदो नदी पर एनीकट बनाया था। एक सप्ताह पूर्व एनीकट में दरार आ गई और तेजी से पानी का रिसाव होने लगा। जैसे ही नपाध्यक्ष को इसकी जानकारी हुई वे मौके पर पहुंचे और उन्होंने नपा के अप्रशिक्षित कर्मचारियों से एनीकट के सारे गेट को खुलवा दिए गए। गेट खुलने के साथ ही जब तेजी से पानी बहने लगा। कर्मचारियों ने गेट को बंद करने का प्रयास किया, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हुए और एनीकट में जमा 56 करोड़ लीटर पानी बह गया। कर्मचारियों ने घन मारकर गेट को बंद करने की कोशिश की जिससे चाबी टूट गई और गेट भी क्षतिग्रस्त हो गया। एक सप्ताह से गेट खुला पड़ा है जिससे एनीकट में पानी स्टोर नहीं हो रहा है। एनीकट निर्माण के 6 माह बाद ही घटिया निर्माण कार्य की वजह से उसमें दरार आनी शुरू हो गई थी। भास्कर ने 13 जनवरी 2018 के अंक में इस खबर को प्रमुखता से उठाया था।

आज की स्थिति

टेस्टिंग में पानी खींचने लगाए सौ हार्स पॉवर के तीनों पंप खराब हो गए

इस योजना के तहत इंटकवेल में लाखों की लागत से 100 एचपी की तीन मोटर यह सोचकर लगाई गई थीं कि इसके माध्यम से पानी तेजी से फिल्टर प्लांट तक पहुंचेगा, लेकिन टेस्टिंग में ही तीनों मोटर खराब हो गईं। इस वजह से पिछले एक सप्ताह से नवनिर्मित इंटकवेल पूरी तरह से बंद पड़ा है। इस विषय में पीएचई के सब इंजीनियर पीएस बघेल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बंगाल की कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इंटकवेल का निर्माण कराया गया है और पंप भी उसी कंपनी ने लगाए हैं। टेस्टिंग में तीनों मोटर फेल हो चुके हैं जिसे सुधारने के लिए कंपनी अपने इंजीनियर भेजेगी।

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