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खूबसूरत मिड टाॅउन पार्क देखरेख के अभाव में हो गया बदहाल, नपा भी इसकी हालत से अनजान

Dainik Bhaskar

Aug 01, 2018, 03:20 AM IST

Manendragarh News - भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़ तहसील कार्यालय के सामने स्थित मिड टाउन पार्क कभी अपनी खूबसूरती के लिए चर्चित था।...

खूबसूरत मिड टाॅउन पार्क देखरेख के अभाव में हो गया बदहाल, नपा भी इसकी हालत से अनजान
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भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़

तहसील कार्यालय के सामने स्थित मिड टाउन पार्क कभी अपनी खूबसूरती के लिए चर्चित था। लेकिन देखरेख के अभाव में अब ये बदहाल हो गया है। पार्क में सुंदर पेड़ पौधों के स्थान पर गाजर घास नजर आ रही है। पार्क के बगल से उसे देखते हुए कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों का काफिला रोजाना गुजर रहा है, लेकिन पार्क की दशा सुधारने के लिए किसी ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

तहसील कार्यालय के सामने की जगह लंबे समय तक उपेक्षित पड़ी रही। वर्ष 2004 में तत्कालीन नपाध्यक्ष रामानुज अग्रवाल ने चिल्ड्रन पार्क के रूप में भूमि पूजन कर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया। इसके बाद इस स्थल की ओर किसी भी शहर सरकार ने दोबारा मुड़कर नहीं देखा। स्कूल की छुट्टी होने के बाद कोयलांचल क्षेत्र से आने वाले ज्यादातर स्कूली बच्चों को बस के इंतजार में आधे-अधूरे पार्क के पास मंडराते रहते थे। इसे देख चार वर्ष पूर्व वर्ष 2015 में तत्कालीन एसडीएम नूतन कंवर ने पार्क को विकसित करने का प्रयास किया। उनकी पहल पर तहसील कार्यालय के सामने मिड टाउन पार्क की स्थापना कर दी गई। जैसे ही पार्क बनकर तैयार हुआ तो यहां लोग पहुंचने लगे।

अधूरा पार्क देखकर 2014 में तत्कालीन एसडीएम ने कराया था पार्क का कायाकल्प

पार्क में हर जगह उग गई है गाजर घास। देखरेख के अभाव में टूट गए झूले।

अफसर के जाते ही पार्क बदहाल

जब इस पार्क का काया-कल्प करने वाले अफसर यहां नहीं है तो पार्क भी बदहाली के अंतिम कगार पर पहुंच गया है। गाजर घास ने जहां पूरी तरह से पार्क को अपनी चपेट में ले रखा है। वहीं बच्चों के झूलने के लिए लगाया गया झूला टूट चुका है। गाजर घास की वजह से मेन गेट से लेकर अंदर तक कहीं पर भी पांव रखने की जगह नहीं है। यही वजह है कि आज पार्क में बच्चों से लेकर बड़ों तक कोई भी यहां नहीं आ रहा है। पार्क पूरी तरह से वीरान हो गया है।

यहां लगती थी लोगों की भीड़

पार्क बनने के बाद बच्चों की चहलकदमी भी यहां शुरू हो गई। लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। पार्क में बच्चों के लिए फिसल पट्टी, झूले एवं बेंच लगवाए गए। वातावरण हरा-भरा रखने के लिए यहां पौधरोपण भी किया गया। पार्क में मनोरंजन के लिए सुबह-शाम बच्चों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। बड़ी बात यह कि पार्क में न केवल बच्चों का मनोरंजन होने लगा, बल्कि तहसील, न्यायालय, अस्पताल एवं बाहर से अपने काम के लिए शहर आने वाले भी कुछ पल यहां व्यतीत कर सुकून महसूस करने लगे।

पार्क बचाने किसी का ध्यान नहीं

लोगों का कहना है कि नपा की उपेक्षा का शिकार मिड टाउन पार्क जिसके ठीक सामने तहसील कार्यालय, एसडीएम एवं अपर कलेक्टर आदि के कार्यालय हैं। रोजाना अफसर इस पार्क के बगल से गुजर कर अपने दफ्तर आ-जा रहे हैं, लेकिन वे भी इस पार्क की सुध नहीं ले रहे हैं। पार्क में गाजर घास उग आई है। गाजर घास पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है। इससे डर्मेटाइटिस, एग्जिमा, एलर्जी, बुखार, दमा व नजला जैसी घातक बीमारियां हो सकती हैं।

नपा अध्यक्ष बोले- मुझे पता नहीं

जब नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केशरवानी को पार्क की दुर्दशा की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि पार्क कैसा है, ये मुझे नहीं पता। आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है, जल्द ही पार्क की साफ-सफाई और झूले की रिपेयरिंग कराई जाएगी। अब इससे शहर सरकार की जागरूकता का अनुमान लगाया जा सकता है कि शहर के बीच में एक पार्क बदहाल है और इसकी उन्हें कोई जानकारी ही नहीं है। वे आपने आप को पार्क की स्थिति से अनजान बता रहे हैं।

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