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ईश्वर को पाना है तो गुरु के बताए रास्ते पर चलें: तिवारी

गुरु ज्ञान का दर्पण है, उनका स्थान सबसे ऊपर है। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर साधक, शिष्य सब कुछ प्राप्त कर सकता है।...

Danik Bhaskar | Jul 29, 2018, 03:05 AM IST
गुरु ज्ञान का दर्पण है, उनका स्थान सबसे ऊपर है। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर साधक, शिष्य सब कुछ प्राप्त कर सकता है। ईश्वर को भी पाने के लिए गुरु के बताए मार्ग पर चलना जरूरी है तभी ईश्वर की प्राप्ति होती है। यह बात शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ग्राम चौबे बांधा में पंडित देवेंद्र तिवारी लोहरसी ने कही। हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जय गुरुदेव, जय गुरुदेव के नारे से पूरा परिसर गूंज उठा। यहां पहली बार गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। पूरा हनुमान मंदिर प्रांगण श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा हुआ था। शिष्यों ने पाद पूजन तथा गुरु वंदना व गुरु आरती की वही नारियल व अन्य सामग्री भेंट कर गुरु से आशीर्वाद लेते रहे। इस मौके पर युवा कवि एवं साहित्यकार संतोष कुमार सोनकर मंडल ने कहा कि आज समय बदल रहा है सच्चे गुरु जिनको मिल जाते हैं उनकी किस्मत ही बदल जाती है। इस मौके पर प्रमुख रूप से सरपंच इंदिरा ध्रुव, हरक राम श्रीवास, पूनम राम पटेल, जीवन लाल सोनकर, श्याम लाल पाल, मन्नू पाल, छोटू सोनकर ,हुमन सोनकर, सुमन सोनकर ,उमेश सोनकर , जेठन साहू, भोज राम पाल, गणपत पटेल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

पं. देवेंद्र तिवारी

चौबेबांधा में गुरु पूर्णिमा पर हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम, जय गुरुदेव के नारे से गूंजा परिसर

राजिम. चौबेबांधा के हनुमान मंदिर में आयोजित प्रवचन को सुनती महिलाएं।

आरती कर शिक्षकों से आशीर्वाद लिया

भाटापारा| गुरु पूर्णिमा पर आधारशिला किड्स वल्र्ड स्कूल के बच्चों ने प्राचीन परंपराओं का निर्वहन करते हुए गुरुजनों के सम्मान में उनका माल्यार्पण कर आरती उतारी और सबसे आशीर्वाद लिया। प्राचीन काल से चली आ रही इस परंपरा को इन बच्चों ने कायम रखकर गुरु और शिष्य के बीच के रिश्ते को और मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक राकेश ईदवानी, प्रधानाचार्य सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे।

दामाखेड़ा में गुरुजनों का आशीर्वाद लिया और समाधि स्थल के भी दर्शन किए

ओटगन (सिमगा)| नगर सहित अंचल में गुरु पूर्णिमा का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा में भजन-कीर्तन हुआ, जिसमें अंचल सहित प्रदेश के कोने-कोने से कबीर पंथी परिवार के साथ पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब, नवोदित वंशाचार्य उदित मुनि नाम साहब और गुरु गोस्वामी डॉ. भानूप्रताप नाम साहब के दर्शन कर आशीर्वाद लिये। इसके अलावा समाधि स्थल का भी दर्शन किए।