Hindi News »Chhatisgarh »Nayapararajim» राजिम कुंभ के लिए नदी पर बनने वाले ब्रिज की चौथी बार निविदा निरस्त हुई

राजिम कुंभ के लिए नदी पर बनने वाले ब्रिज की चौथी बार निविदा निरस्त हुई

कुंभ के लिए नदी में बनने वाली मुरूम की सड़क का विकल्प सबमर्सिबल ब्रिज निर्माण के लिए बुलाई गई निविदा फिर निरस्त हो...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 08, 2018, 03:15 AM IST

राजिम कुंभ के लिए नदी पर बनने वाले ब्रिज की चौथी बार निविदा निरस्त हुई
कुंभ के लिए नदी में बनने वाली मुरूम की सड़क का विकल्प सबमर्सिबल ब्रिज निर्माण के लिए बुलाई गई निविदा फिर निरस्त हो गई है। विभाग ने चौथी बार इसके लिए टेंडर निकाला था।

इस संबंध में जल संसाधन विभाग के एसडीओ गोपाल मेनन ने बताया कि निरस्त निविदा के पूर्व अधिकारियों ने ठेकेदारों के साथ बैठक कर बहुत प्रयास किए थे। इस बैठक के लिए मुंबई, हैदराबाद आदि जगहों के ठेकेदार को भी बुलाया गया था। उसके बाद भी कोई भी कंपनी या ठेकेदार नदी में 25 करोड़ की लागत में सबमर्सिबल ब्रिज बनाकर देने राजी नहीं हुआ है।

मंत्री ने कुंभ आयोजन पर टेंडर के लिए दिए थे आदेश : पूर्व में भी इसके लिए टेंडर जारी होने एवं निरस्त होने के बाद इस वर्ष आयोजित कुंभ के पूर्व बैठक में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को इसकी जानकारी देकर चौथी बार पुनः निविदा जारी करने के आदेश दिए थे। टेंडर जारी करने के पूर्व विभाग के आला अधिकारियों ने ठेकेदारों के साथ बैठक कर सहमति बनाने के भी प्रयास किए थे।

सरकारी दर कम होना रद्द होने का कारण

दरअसल जल संसाधन विभाग का सीएसआर अर्थात ठेके पर कार्य करने की निर्धारित दर इतनी कम है कि कोई भी ठेका कंपनी इसकी निविदा में हाथ नहीं डालता है। चूंकि यह कार्य नदी में होना है, इसलिए विभाग की निर्धारित दर बहुत ही कम होने के कारण ठेकेदार पीछे हट जाते हैं। इसी स्तर के कार्य का लोक निर्माण विभाग का रेट डेढ़ गुना है। इसलिए इस कार्य में हानि उठानी पड़ती है।

नवापारा राजिम. इसी मार्ग पर बनने वाले सबमर्सिबल ब्रिज की चौथी निविदा भी निरस्त हुई है।

विरोध के कारण बिना मुरूम हुआ था आयोजन

त्रिवेणी संगम में आयोजित प्रति वर्ष कुंभ के लिए नदी में अस्थायी मुरूम डाल सड़कों का निर्माण किया जाता है, जिसका दोनों जगहों राजिम और नवापारा के नगरवासी लगातार विरोध करते आ रहते हैं। पिछले साल कुंभ के आयोजन के पहले विरोध को देखते हुए आयोजन समिति ने भविष्य में नदी में मुरूम नहीं डालने का निर्णय लिया था। तीन बार निविदा निरस्त होने एवं मुरूम का व्यापक विरोध के कारण कुंभ का आयोजन पुराने मुरूम के अवशेष पर बिना मुरूम के किया गया था।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Nayapararajim

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×