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बांटी के खेल से जागृत होती है आत्मविश्वास

राजिम| छत्तीसगढ़ प्राचीन काल से लोक खेलों में अग्रणी रहा है। यहां विभिन्न प्रकार के खेल बच्चे, बड़े से लेकर बूढ़े...

Danik Bhaskar

Aug 07, 2018, 03:16 AM IST
राजिम| छत्तीसगढ़ प्राचीन काल से लोक खेलों में अग्रणी रहा है। यहां विभिन्न प्रकार के खेल बच्चे, बड़े से लेकर बूढ़े तक समय-समय पर खेलते हैं। खेल खेलने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। प्रदेश में खो-खो, कबड्डी, बिल्लस, चूड़ी लुकउल, केला दौड़, जलेबी दौड़, फुगड़ी, भंवरा, गुल्ली आदि के अलावा बाटी को बड़े चाव से खेला जाता है। बांटी ऐसा खेल है, जिससे खिलाड़ी अपने आप को फिट पाता है। साथ ही आत्मविश्वास जागृत होती है। इन दिनों अंचल के गांव चौबेबांधा, सिंधौरी, बरौंडा, धूमा, परतेवा, देवरी, लफंदी, श्यामनगर, सुरसा बांधा, तर्रा , कुरूसकेरा, पथर्रा, नावाडीह, आदि गांवों में बांटी खेला जा रहा है। खिलाड़ी खिलेंद्र सोनकर, नमन सोनकर, योगेश सोनकर, विक्की साहू शामिल रहे।

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