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नवजात के अंग शरीर के बाहर, इलाज से हाथ खींचा

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:20 AM IST

Nayapararajim News - नवापारा राजिम| बीती मध्य रात ग्राम कठिया में प्रसूता रैमुन साहू (29) ने ऐसे लड़के को जन्म दिया, जिसकी नाभि के ऊपर...

नवजात के अंग शरीर के बाहर, इलाज से हाथ खींचा
नवापारा राजिम| बीती मध्य रात ग्राम कठिया में प्रसूता रैमुन साहू (29) ने ऐसे लड़के को जन्म दिया, जिसकी नाभि के ऊपर फुटबॉल की शक्ल में सभी मुख्य आंतरिक अवयव जैसे पाचन तंत्र, आंतें, लीवर, किडनी आदि एक झिल्लीनुमा आवरण में कवर्ड ट्यूमर की शक्ल में जुड़े हैं। यह प्रसूता की तीसरी संतान है। पूर्व के दोनों बालक स्वस्थ जन्मे थे। नवजात का दादा रात को ही उसे बाइक से अभनपुर ले गया, जहां से जवाब मिलने पर रायपुर के दो निजी क्लीनिक ले गया, वहां भी इलाज नहीं होने पर सोमवार की सुबह मेकाहारा ले गया, लेकिन वहां फोटो खींच कर इलाज से हाथ खींच लिए गए।

विकृति वाले बालक के जन्म लेते ही चिंतित परिवार का मुखिया दादा रामू साहू नवजात को बाइक से अभनपुर स्थित निजी अस्पताल पहुंचे, जहां से उन्हें चलता कर दिया गया। पीड़ित दादा पोते को सीने से लगाए रायपुर के दो निजी क्लीनिक ले गए, वहां भी जवाब देने के बाद मेकाहारा पहुंचे। उस वक्त सोमवार की सुबह के 6 बज रहे थे। मेकाहारा में बच्चे को देख वार्ड 26 में भर्ती कर लिया गया। सर्जन के निरीक्षण दौरे के बाद दोपहर साढ़े ग्यारह बजते उन्हें डिस्चार्ज दे दिया गया।इस तरह के दुर्लभ ऑपरेशन के विशेषज्ञ रायपुर के डॉ. अमीन मेमन ने कहा कि सभी आंतरिक अवयव नाभि के रास्ते शरीर के बाहर निकले होना गेस्ट्रोसिस कहलाता है। नगर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत गोस्वामी ने बताया कि हजारों में एकाध मामले इस तरह के जन्म लिए शिशु के होते हैं। मेडिकल में इसे ओमफेलोसिल कहा जाता है। इस तरह के पीड़ित शिशु के जन्म लेते ही इन्हें ऑपरेशन द्वारा राहत पहुंचाना भी कठिन कार्य है। तुरंत जन्मे बच्चे की स्थिति इतने बड़े ऑपरेशन को झेलने की नहीं बन पाती।

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