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दूल्हे ने की जिद तो सज गई बैलगाड़ियां, रोमांचक सफर कर पहुंचे बाराती

भास्कर न्यूज | नवापारा/राजिम मशीनरी युग में बैलगाड़ी से बारात निकलना किसी आश्चर्य कम नहीं। ऐसा ही नजारा राजिम...

Danik Bhaskar | Apr 28, 2018, 04:15 AM IST
भास्कर न्यूज | नवापारा/राजिम

मशीनरी युग में बैलगाड़ी से बारात निकलना किसी आश्चर्य कम नहीं। ऐसा ही नजारा राजिम नवापारा बस स्टैंड पर गुरुवार को देखने को मिला। नगर से 7 किमी दूर ग्राम बरोण्डा के निषाद परिवार की बारात निकलने के पहले दूल्हे ने जिद कर दी कि बारात बैलगाड़ी से ही जाएगी। फिर क्या था गांव में ही 10 बैलगाड़ियां सजाकर तैयार कीं और बारात का काफिला चंपारण के लिए रवाना हुआ। रास्ते में जिसकी नजर पड़ती बस इस रोमांचक नजारे को फटी आंखों से रुककर लोग देख रहे थे।

ग्राम बरोण्डा के हृदय राम निषाद के बेटे देवलाल निषाद की बारात गुरुवार की सुबह 9.30 बजे 20 किलोमीटर दूर चंपारण के लिए रवाना हुई। 10 बैलगाड़ी में कुल 70 से 75 बाराती बैठकर एक साथ लंबी काफिला रवाना हुआ। बैलगाड़ी का काफिला जब बस स्टैंड से गुजरा तब वाहनों में जा रहे लोगों ने रोक कर इस बाराती को देखा। वैशाख की इस भीषण गर्मी में बैलगाड़ी से बारात का काफिला बड़ा ही रोचक तो था ही। लेकिन उतना ही बारातियों के लिए कष्टप्रद भी रहा। बैलगाड़ी में बैठे बच्चों में जबरदस्त उत्साह बारात जाने का देखा गया। दोपहर 2 बजे चंपारण पहुंचने पर बारातियों के नाश्ता की व्यवस्था के साथ-साथ बैलगाड़ियों के साथ गए बैल भैंसों के लिए भी पैरा भूसा का इंतजाम दुल्हन पक्ष वालों द्वारा किया गया था।

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बारातियों टेमू यादव, संत राम निषाद, परस खगेश्वर यादव, रामसहाय विश्वकर्मा का कहना है कि बारात जाने की बारी आई तो दूल्हा देवलाल ने बैलगाड़ी से बारात जाने की जिद कर दी। दूल्हा देव लाल निषाद ने इस प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए बताया कि ग्राम चंपारण में नीतू निषाद 25 वर्ष के संग विवाह होना है मेरी दुल्हन नीतू सातवीं पढी है। और मैं कक्षा पांचवी तक पढ़ा हूं। 15 दिन पूर्व बेंगलुरु से मैं अपने गांव बरोण्डा शादी के लिए आया हूं। बेंगलुरु जैसे महानगर में वाहनों की बेतरतीब बढ़ती भीड़ बढ़ते प्रदूषण ने लोगों का जीना हराम कर दिया है। मुझे लगा कि क्यों ना बारात वाहनों की बजाय बैलगाड़ी से ले जाई जाए। पहले बैलगाड़ी से बारात जाने में ज्यादा आनंद आता था। बुजुर्ग बताते हैं इस बात को मुझे भी लगा कि बैलगाड़ी से बारात जाने से कितना आनंद आएगा, वास्तव में बैलगाड़ी से बारात जाने में बड़ा आनंद आ रहा है। साथ ही वाहनों का प्रयोग कम करने के प्रति भी एक संदेश जाएगा। जिससे बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण हो सके। ग्राम बरोण्डा के पूर्व मालगुजार एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष लोकेश पांडे को जब पता चला तो वह घर पहुंचकर दूल्हा को इस साहसिक कदम के लिए शाबाशी दी और बधाई देकर उन्होंने बैलगाड़ी से बारात के लिए चंपारण रवाना किया।

नवापारा/राजिम. बरोण्डा के ग्रामीणों ने बैलगाड़ियों को सजाकर िनकाली बारात, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी।