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सूखे के बाद मनरेगा काम शुरू, िफर मिला रोजगार

Dainik Bhaskar

Apr 23, 2018, 04:20 AM IST

Nayapararajim News - बीते खरीफ सत्र में पड़े सूखे के बावजूद हो रहीं शादियों के बीच अंचल के गांवों में चलने वाले मनरेगा कार्य से मजदूर...

सूखे के बाद मनरेगा काम शुरू, िफर मिला रोजगार
बीते खरीफ सत्र में पड़े सूखे के बावजूद हो रहीं शादियों के बीच अंचल के गांवों में चलने वाले मनरेगा कार्य से मजदूर खुश हैं, लेकिन सरपंचों में पूरे 100 दिनों का कार्य मंजूर नहीं होने से कहीं-कहीं मायूसी है।

टार नाली निर्माण, तालाब गहरीकरण व पहुंच मार्ग निर्माण आदि के नाम पर नवापारा में करीब 37 लाख रुपए के काम हो चुके हैं। लाल बांधा व साधराम सड़क 16 लाख रुपए का काम जारी है। यहां 650 और लोहारी में 600 मजदूर कार्यरत हैं।

भंवरगढ़ पंचायत के भोथीडीह एवं भंवरगढ़ में दो-दो सौ मजदूरों के लिए विभिन्न कार्यों के लिए 25 लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी।लोहारी सरपंच नारायणी दिलीप वर्मा ने प्रस्तावित लोहारी से बरडीह पहुंच मार्ग की स्वीकृति को अनिवार्य बताते हुए कहा कि इससे सौ दिनों का काम भी मिलेगा और सुविधा भी। नवापारा सरपंच डॉ. दौलत पाल करण निषाद, जरौद सरपंच चंद्रिका ज्ञान सिंह पाल, सचिव नरेश वर्मा, भंवरगढ़ सरपंच शिवकुमार रात्रे ने कहा कि हमारे लोगों के लिए मनरेगा के तहत पंचायतों में पर्याप्त काम है।

राहत कार्य

सुहेला अंचल के कई गांवों में चल रहा काम, सौ दिन का काम नहीं मिलने से सरपंचों में है मायूसी

सुहेला. मनरेगा के तहत नवापारा के लालबांधा तालाब को गहरा करते हुए मजदूर।

टिटहीडीह जलाशय की मंजूरी नहीं मिलने से सरपंच नाराज

जरौद में 800 से 1000 मजदूरों द्वारा 28 लाख रुपए का मनरेगा योजना में कार्य किया गया है, जबकि शिकारी केशली में 650 मजदूरों ने सिनोधा मार्ग पर नाली निर्माण, झोरी नाला में गहरीकरण, टार नाली निर्माण करते हुए करीब 20 से 22 लाख रुपए कार्य कर लिया है। लेकिन वहां के सरपंच रामलाल लक्ष्मे, डोमार, राजेंद्र वर्मा रोजगार सहायक रंजीत आदि ने बताया कि प्रस्तावित टिटहीडीह जलाशय के लिए स्वीकृति नहीं मिलने पर सभी पंजीकृत जॉबकार्ड धारक परिवारों को सौ दिन का रोजगार नहीं मिल पाएगा।

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