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अस्पतालों ने कहा-नहीं मिल रहे पैसे, स्मार्ट कार्ड से इलाज नहीं

भास्कर न्यूज | नवापारा राजिम नगर के अस्पतालों में रविवार को अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्मार्ट कार्ड...

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 04:26 AM IST
अस्पतालों ने कहा-नहीं मिल रहे पैसे, स्मार्ट कार्ड से इलाज नहीं
भास्कर न्यूज | नवापारा राजिम

नगर के अस्पतालों में रविवार को अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्मार्ट कार्ड योजना से जुड़े हॉस्पिटल के प्रबंधन ने भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य बीमा योजना के स्थगित किए जाने की जानकारी देते हुए स्मार्ट कार्ड के बदले नगद भुगतान की पेशकश की। ऐसा नहीं करने पर 14 अगस्त की शाम तक भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पिछले कई दिनों से भर्ती मरीजों के परिजन अचानक इस आदेश से घबरा गए।

सभी अस्पतालों में ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए आए कार्डधारी मरीजों की भीड़ थी, इनमें से अनेक भर्ती भी थे। यह अफरा-तफरी आरएसबीवाई के उस आदेश के बाद मची, जिसमें योजना को स्थगित करने जानकारी अस्पतालों को दी गई है। डॉक्टर्स ने बताया कि हेल्थ डायरेक्टर के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार तक योजना लागू रहने की जानकारी मिली है। उक्त आदेश जारी करने के बाद से कंपनी अफसरों के सभी मोबाइल बंद हैं। अंजली अस्पताल में भर्ती जेंजरा की गर्भवती इनेश्वरी को शनिवार शाम बच्चा हुआ है। बिना ऑपरेशन डॉक्टर ने सामान्य प्रसव करवाया। जब उसके पिता परसराम को स्मार्टकार्ड ब्लाक नहीं होने की जानकारी देते हुए नगद का इंतजाम करने कहा गया तो वह परेशान हो गया। यही स्थिति फिंगेश्वर की उषा यदु, ग्राम कसेकेरा की सुनीता साहू की भी हो गई। भास्कर प्रतिनिधि की उपस्थिति में डाॅ. उमेश भोई ने मरीजों को ढांढस बंधाते हुए पैसे के लिए चिंता नहीं करने के लिए कहा।

भर्ती मरीजों के परिजन हुए परेशान, 14 अगस्त की शाम तक सभी भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज करने के निर्देश

पीड़ित मरीजों के परिजन।

बीमा कंपनी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया, स्वास्थ्य विभाग का अमला असफल

दरअसल गांव में किसानी के चलते नगद रकम का अभाव रहता है। ऐसे में बीमारी जैसे कारणों के लिए स्मार्टकार्ड संजीवनी की तरह परिवार के काम आता है। लेकिन जब से राज्य शासन ने आरएसबीवाई/एमएसबीवाई योजना लागू की है, इसे स्वास्थ्य विभाग अमल में लाने में असफल साबित हुआ है। बीमा कंपनी पर न विभाग और ना ही शासन का नियंत्रण बन पाया है।

अप्रैल से अस्पतालों काे नहीं मिल रहा भुगतान

आयुष्मान अस्पताल और डाॅ. शाह क्लीनिक के डाॅ. पुनीत गोस्वामी और डाॅ. दिलीप शाह ने बताया कि बीमा कंपनी द्वारा अनुबंध के बाद अप्रैल से स्मार्टकार्ड का भुगतान रुका है। जबकि क्लेम का भुगतान प्रतिमाह किए जाने की शर्त तय है। इसका पालन तो नहीं हुआ, वहीं क्लेम में 15 प्रतिशत की मनमानी कटौती कर दी गई। 10 प्रतिशत जीएसटी लगता ही है। अस्पतालों का लाखों रुपए का भुगतान कंपनी पर बकाया है।

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