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डकैती से ढाई करोड़ की चोरी खुला राज, 6 माह पहले ऐसे शिफ्ट की गई थी तिजोरी

विधानसभा के स्टेट बैंक में ढाई करोड़ की चोरी छह माह पहले हुई तिजोरी की शिफ्टिंग में अटक गई है।

bhaskar news | Last Modified - Nov 30, 2017, 05:44 AM IST

डकैती से ढाई करोड़ की चोरी खुला राज, 6 माह पहले ऐसे शिफ्ट की गई थी तिजोरी


रायपुर। विधानसभा के स्टेट बैंक में ढाई करोड़ की चोरी छह माह पहले हुई तिजोरी की शिफ्टिंग में अटक गई है। जुलाई में स्टेट बैंक को विधानसभा थाना परिसर से धनेली बायपास में नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था। उस समय तिजोरी को चेस्ट रूम में स्थापित करने में दिक्कत हो गई थी। हैदराबाद से कुछ लोगों को बुलाकर उनकी मदद से दीवार तोड़ने के बाद ही तिजोरी को चेस्ट रूम में स्थापित किया जा सका था। पुलिस हैदराबाद से बुलाए गए लोगों की रिकार्ड खंगाल रही है।


बैंक के चेस्ट रूम में घुसकर जिस तरह से तिजोरी को गैस कटर से काटा गया है, उससे पुलिस के सामने कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी वजह से पुलिस के कुछ अफसर चोरी की इस वारदात को छह महीने पहले हुई तिजोरी की शिफ्टिंग से जोड़कर देख रहे हैं और जांच का एंगल इस दिशा में भी रखा गया है। पुलिस की अब तक की पड़ताल में पता चला है कि बैंक को यहां शिफ्ट करने के बाद तिजोरी को चेस्ट रूम में लगाने के लिए बैंक प्रबंधन को कई तरह के प्रयास करने पड़े थे। भारी भरकम तिजोरी चेस्ट रूम तक लाना ही संभव नहीं हो रहा था। स्थिति को देखते हुए हैदराबाद से एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया। उन्होंने बैंक के एक हिस्से की दीवार को तोड़कर सीधे तिजोरी को चेस्ट रूम में पहुंचाया। उसके बाद वहां स्थापित किया गया। वो कौन लोग थे और उनका का रिकार्ड है? यह जानने के लिए बैंक से उस टीम को पूरा ब्योरा मांगा गया है। पुलिस की एक टीम उनकी हिस्ट्री खंगालने वहां भेजी जाएगी।

56 में 13 लॉकर को ही क्यों बनाया निशाना?

पुलिस जांच कर रही है कि गिरोह ने बैंक के 56 में से सिर्फ 13 लॉकर को ही क्यों निशाना बनाया है, जबकि गिरोह के पास पर्याप्त समय था। बाकी लॉकरों को भी तोड़ा जा सकता था। इसके बाद भी गिनती के ही लॉकर ही गैस कटर से काटे गए। इससे ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या चोरों का पता था कि किस लॉकर में ज्यादा गहने हैं? इसमें कई बड़े कारोबारियों के साथ विधानसभा के प्रमुख सचिव का भी लॉकर है। प्रमुख सचिव के जिस लॉकर में जेवर रखे हुए थे। उसी को निशाना बनाया गया है। दो दिनों तक गिरोह बैंक में आया। बैंक के 56 में से 11 लॉकर खाली थे। बाकी 45 में सामान रखा हुआ है। इसमें से सिर्फ 13 को ही तोड़ा गया है।

लोहे की तीन लेयर वाली चादर आखिर कटी कैसे?
चोरों ने स्टेट बैंक की जिस तिजोरी को काटा वह लोहे की तीन लेयर वाली मोटी चादर की है। उसके जिस सफाई से गैस कटर की सहायता से काटा गया, उसे देखकर पुलिस और बैंक के अफसर भी हैरान हैं। तिजोरी कटने के कारण ही पुलिस की जांच के एंगल में इसे शामिल किया गया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इसके पहले करीब 7 साल पूर्व उरला में बैंक की तिजोरी काटकर चोर लाखों ले गए थे।

बैंक ने चोरों और ग्राहकों ने प्रबंधन के खिलाफ दी अर्जी
स्टेट बैंक में सेंधमारी के मामले में बैंक प्रबंधन ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी की शिकायत की है, जबकि जिनके लॉकर टूटे हैं उन्होंने बैंक प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की है। ग्राहक बैंक प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। कुछ ग्राहकों ने वारदात में बैंक स्टाफ की भूमिका पर ही सवाल उठा दिया है।


आधा दर्जन लोगों ने विधानसभा थाने में प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही बरतने की लिखित शिकायत की है, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। उनकी अर्जी को बैंक की शिकायत पर मर्ज किया जा रहा है। कारोबारी अभिषेक मिश्रा का कहना उनका और उनकी पत्नी के नाम पर संयुक्त लॉकर था। उनके 25 लाख का जेवर चोरी हो गए। अब बैंक प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि इसकी भरपाई बैंक नहीं करेगी। इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। जबकि बैंक ने वहां सुरक्षा गार्ड नहीं लगाए थे। बिना सूचना दिए सूनसान इलाके में बैंक ट्रांसफर कर दिया। इसी कारण बैंक में डकैती हुई है।

शंकर नगर सेंट्रल बैंक के पास नकाबपोश दिखने से सनसनी

शंकर नगर के सेंट्रल बैंक के पास मंगलवार रात 11:30 बजे दो नकाबपोश दिखने से सनसनी फैल गई। संदिग्ध नकाबपोशों ने बैंक के सामने एक मकान के बाहर ताला लगाया और भाग निकले। मकान में रहने वाले परिवार का एक सदस्य आधी रात घर आया। बाहर से ताला लगा देखकर वह चकरा गया। उसने घरवालों के मोबाइल पर कॉल किया। उसके बाद वे बाहर आए। कुंडी में ताला देखकर वे भी हैरान रह गए। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की पेट्रोलिंग वहां पहुंची। वहां की स्थिति देखकर उसी समय घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई। उसमें दो नकाबपोश पहले बैंक के आस-पास मंडराते नजर आए। उसके बाद वे मकान में ताला लगाते दिखे। उसके बाद पुलिस की पूरी टीम बुलाकर आस-पास के इलाके को छान मारा गया। कहीं कोई संदिग्ध नहीं मिला। पंडरी थाना प्रभारी के मुताबिक कारोबारी नितिन सिंघवी का शंकर नगर में सेंट्रल बैंक के ठीक सामने मकान है।
रात में दो नकाबपोश युवक आए और उनके मकान में ताला लगाकर भाग निकले। दोनों ने चेहरे पर कपड़ा बांधा हुआ था। पूरी स्थिति देखने के बाद अब पुलिस ये मान रही है कि किसी ने शरारत के कारण ऐसा किया है।


आसपास दूसरे मकानों के फुटेज भी खंगाल रही पुलिस
बैंक के आस-पास नकाबपोश नजर आने के बाद पुलिस पूरे इलाके में छानबीन कर रही है। आस-पास के इलाके में लगे कई मकानों के सीसी टीवी कैमरे के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। विधानसभा के पास बैंक में बड़ी चोरी होने के कारण भी इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।

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Web Title: dkaiti se dhaaee karode ki chori khulaa raaj, 6 maah pehle aise shift ki gayi thi tijori
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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