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भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा, एरिया 624 वर्ग किमी

छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में लिया गया फैसला।

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2017, 07:09 AM IST
Bhormadev Sanctuary will be made a Tiger Reserve

रायपुर। भोरमदेव अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। जल्द ही इसका प्रस्ताव राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) को भेजा जाएगा। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 624 वर्ग किलोमीटर होगा। इसमें से 318 वर्ग किलोमीटर कोर क्षेत्र और 305 वर्ग किलोमीटर बफर क्षेत्र होगा।

- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। जानकारों के मुताबिक कान्हा किसली टाइगर रिजर्व से लगे हुए भोरमदेव अभयारण्य का पर्यावरण टाइगर रिजर्व के लिए अनुकूल है।

- भोरमदेव टाइगर रिजर्व देश का 51वां टाइगर रिजर्व होगा। बैठक में कोरिया और रायगढ़ जिले में बंदरों के बंध्याकरण (स्टरलाइजेशन) के लिए एक-एक केन्द्र स्थापित करने का भी फैसला हुआ। बैठक में बर्ड काउंट इंडिया संस्था के सहयोग से छत्तीसगढ़ में पक्षियों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने का भी फैसला हुआ। इस सर्वेक्षण के आधार पर स्टेटस आफ वर्डस इन छत्तीसगढ़ रिपोर्ट तैयार की जाएगाी।

- इससे पक्षियों के संरक्षण और पक्षी आधारित ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की कार्य योेजना तैयार करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि कांगेर घाटी में अनेक दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी हैं

- बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि सूरजपुर जिले की प्रतापपुर तहसील में स्थित तैमोर पिंगला अभयारण्य में हाथी बचाओ एवं पुनर्वास केन्द्र की स्थापना के प्रस्ताव को केन्द्रीय चिड़िया घर प्राधिकरण से अनुमति मिल गई है। यह पुनर्वास केन्द्र इस वर्ष दिसम्बर तक तैयार हो जाएगा।

- प्रदेश में ईको टूरिज्म के शुभंकर ‘श्यामू-राधे’ के डिजाइन का अनुमोदन किया गया। बैठक में अचानकमार टाइगर रिजर्व में ग्राम सुरही में टाइगर सफारी का प्रस्ताव तैयार करने की सहमति प्रदान की गई।

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