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सोना खदान के लिए वन्य जीव बोर्ड ने बघमरा में दी 414 हेक्टेयर जमीन

बघमरा की खदान से सोना तलाशने और माइनिंग की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है।

Danik Bhaskar

Nov 15, 2017, 06:49 AM IST

रायपुर। बघमरा की खदान से सोना तलाशने और माइनिंग की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की अध्यक्षता वाले राज्य वन्य जीव बोर्ड ने बारनवापारा अभयारण्य से लगी बघमरा खदान की 414 हेक्टेयर वनभूमि में सोने के पूर्वेक्षण की एनओसी जारी कर दी है। यह पूर्वेक्षण वेदांता वेंचर्स को करना है, लेकिन वनभूमि होने की वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा था। इस इलाके में शुरुआती तौर पर 27 क्विंटल सोने का भंडार मिलने की उम्मीद है।

- बोर्ड ने कवर्धा में बोदली और दलदली खदानों से बाक्साइट का खनन बढ़ाने के लिए भी एनओसी जारी कर दी है। यह मामला भी वनभूमि होने की वजह से रुका हुआ था। बता दें कि बलौदाबाजार जिले की बघमरा खदान से सोनापूर्वेक्षण के लिए खनिज विभाग ने जनवरी-16 में वेंदाता को पीएल (पूर्वेक्षण) लाइसेंस दिया था। उसे करीब 1000 हेक्टेयर में सोना खोजना है।

- खनिज विभाग ने यहां ऊपरी लेयर के आधार पर 2700 किलो सोना होने का अनुमान लगा रखा है। लेकिन इस खदान का 474 हेक्टेयर हिस्सा बारनवापारा के वन्य क्षेत्र में आता है, इसलिए पर्यावरण क्लीयरेंस अटका था। पिछले ही माह राज्य के प्रस्ताव पर केंद्र ने खदान के इस हिस्से को वन क्षेत्र से डिनोटिफाय किया। इसके बाद भूमि हस्तातंरण के लिए जरुरी वन्य जीव बोर्ड की एनओसी भी आज दे दी गई।

बार का विस्तार बाद में
- बोर्ड ने बारनवापारा में बीट क्रमांक 254 और 259 के दायरे में आने वाली 414 हेक्टेयर में पूर्वेक्षण की अनुमति दी है। हालांकि इस मामले में बोर्ड के गैरसरकारी सदस्यों ने आपत्ति भी की। उनका कहना था कि बारनवापारा अभयारण्य के विस्तार का प्रस्ताव बना है। सोना खदान की जमीन उसी का हिस्सा है। लेकिन सरकार ने साफ किया कि पहले पूर्वेक्षण के लिए जमीन दे दी जाए। अभयारण्य के विस्तार की योजना बाद में बना ली जाएगी।
बाक्साइट का दोगुना खनन
वेदांता ने बोदली और दलदली बाक्साइट खदानों की सालाना खनन क्षमता 1.25 मिनियन टन से बढ़ाकर 3 मिलियन टन करने की अनुमति मांगी थी। यह प्रस्ताव भी अरसे से लंबित था, जिसे बोर्ड ने क्लीयर कर दिया है।

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