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कथित फर्जी सीडी 10 हजार में बनी पर फैलाई रसूखदारों ने, चर्चाएं तेज

चर्चा है कि केस रजिस्टर करने से पहले ही सीबीआई ने एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों का अध्ययन भी शुरू कर दिया है।

Dainik Bhaskar

Nov 22, 2017, 07:24 AM IST
CBI team to investigate CD scandal

रायपुर. सीडी कांड की जांच के लिए सीबीआई टीम के आने के पहले ही एजेंसी का वीआईपी रोड स्थित दफ्तर एक तरह से सील कर दिया गया और वहां मीडिया समेत बाहरी लोगों के आने-जाने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। चर्चा है कि केस रजिस्टर करने से पहले ही सीबीआई ने एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों का अध्ययन भी शुरू कर दिया है। एसआईटी इस मामले में लगभग तह तक पहुंच गई है फर्जी सीडी बनाने वालों से लेकर इसे फैलाने वाले अधिकांश लोगों के नाम सामने आ गए हैं जो चौंकाने वाले हैं।

उधर, सीबीआई दिल्ली से संकेत मिले हैं कि केस रजिस्टर करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके बाद जांच टीम नियुक्त होगी। सीबीआई के एसपी रैंक के अफसर को जांच दी जाएगी। इससे पहले एमपी-छत्तीसगढ़ जोन के प्रभारी एसपी रैंक के अफसर पीके पांडे को जांच अधिकारी बनाने की चर्चा थी।

छत्तीसगढ़ शासन ने इस मामले की जांच के लिए एसपी रैंक के अफसर अजातशत्रु बहादुर सिंह के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। पता चला है कि एसआईटी ने दो दिन पहले तक की जांच में सामने आए तथ्यों के साथ एक टीम को दिल्ली भेजकर सीबीआई को इनसे अवगत करा दिया है। इस मामले में सीबीआई के कुछ अफसर रायपुर पुलिस के संपर्क में भी हैं। रायपुर पुलिस इस मामले में पंडरी और सिविल लाइंस थाने में हुई एफआईआर के आधार पर दस्तावेजों को अंतिम रूप दे रही है। तमाम सामग्री सीबीआई टीम के यहां आते ही उन्हें सौंप दी जाएगी।

कथित फर्जी सीडी रायपुर में सिर्फ 10 हजार में बनी पर फैलाई रसूखदारों ने, चर्चाएं तेज

सीडी मामले में एसआईटी की जांच लगभग पूरी होने के साथ ही शहर में जबर्दस्त चर्चाएं हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस उस युवक का पहुंच गई है, जिसने रायपुर में ही पोर्न सीडी में से क्लिपिंग निकालकर उसमें मंत्री का चेहरा फिट किया था। यह काम सिर्फ 10 हजार रुपए में किया गया। जिन लोगों ने उस युवक को यह काम सौंपा और सीडी की क्लिपिंग लेने गए, पुलिस उन तक भी पहुंच गई है। सीडी टेंपरिंग करीब ढाई महीने पहले हुई थी। इसके बाद यह सीडी जिन लोगों के पास घूमती रही, उनमें कई चौंकाने वाले नाम हैं। इनमें से अधिकांश का ताल्लुक राजनीति से ही है। पता चला है कि इन लोगों में से कुछ के बयान भी पुलिस ले चुकी है। बाकी नाम उनकी संलिप्तता के सबूतों के साथ सीबीआई को सौंप दिए जाएंगे। इसीलिए पुलिस ने इनमें से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया और न ही थाने बुलवाया है। जानकारों का यह भी कहना है कि मंत्री का चेहरा लगाकर सीडी बनाने और उसे फैलाने वालों में ऐसे-ऐसे नाम सामने आएंगे कि प्रदेश में खलबली मच सकती है।

वर्मा के लिए दिल्ली से आए वकील
विनोद वर्मा की जमानत याचिका की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील को बुलाया गया है। 12 दिसंबर को हाईकोर्ट में जमानत पर सुनवाई होनी है। दिल्ली से आए वकील उनकी पैरवी करेंगे। इनमें दो वकीलों के नाम की चर्चा है। हालांकि अब तक वर्मा का केस लड़ रहे वकीलों ने इनके नाम सामने नहीं लाए हैं।

सबूतों की जांच दो लैब में
सीडी मामला 24 घंटे के भीतर ही 13 मिनट की एक पोर्न सीडी के सामने आने से विवादित हो गया है। इसमें 58 सेकंड का एक हिस्सा ऐसा है, जिसमें ठीक हूबहू वही दृश्य हैं जिनपर पर मंत्री का चेहरा लगाने के बाद 16 और 18 सेकंड के चार क्लिपिंग बनाकर फैला दिया गया था। एसआईटी ने यह सीडी, विनोद वर्मा के इंदिरापुरम निवास से जब्त सीडी और चैनल से मिली सीडी, तीनों को चंडीगढ़ के फॉरेंसिक लैब जांच के लिए भेजा है। साथ में वर्मा का लैपटॉप को भी दिया गया है। इसके अलावा वर्मा के मोबाइल को भोपाल फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है।

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