Hindi News »Chhattisgarh News »Raipur News »News» Coffee Farming For The First Time In Chhattisgarh

नक्सलियों की दहशत के लिए बदनाम है ये इलाका, अब इस बात के लिए हो रहा फेमस

सुधीर उपाध्याय। | Last Modified - Nov 27, 2017, 02:51 AM IST

नक्सलियों की गोलियों से गूंजने वाले बस्तर में अब कॉफी पैदा होने लगी है।
  • नक्सलियों की दहशत के लिए बदनाम है ये इलाका, अब इस बात के लिए हो रहा फेमस
    +4और स्लाइड देखें

    रायपुर. नक्सलियों की गोलियों से गूंजने वाले बस्तर में अब कॉफी पैदा होने लगी है। जल्द ही हम बस्तर में पैदा हुई कॉफी का स्वाद ले सकेंगे। कृषि विवि के वैज्ञानिकों द्वारा बतौर प्रयोग तीन साल पहले बस्तर हार्टिकल्चर कॉलेज में लगवाए गए कॉफी के पौधे फलने लगे हैं। पौधे दक्षिण भारत से मंगवाए गए थे। झीरम घाटी कांड से कुख्यात दरभा इलाके के घने जंगलों में 2 एकड़ जमीन पर काॅफी के पौधे रोपे थे। अगले माह और 20 एकड़ भूमि पर पौधे रोपे जाएंगे।

    छत्तीसगढ़ में बना पहला कॉफी गार्डन

    - ये छत्तीसगढ़ में कॉफी का पहला बाग होगा। अभी देश में सबसे अधिक कॉफी आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में होती है। तमिलनाडु, केरल, नार्थ ईस्ट में कुछ जगह और ओडिशा में एकाध जगह कॉफी उगाई जा रही है। देश में कॉफी बनाने वाली मशहूर मल्टीनेशनल कंपनी के अफसरों ने हाल में बस्तर का दौरा किया है।

    - ग्रामीणों के अनुसार कंपनी यहां कॉफी मेकिंग यूनिट लगाने की तैयारी में है। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके पाटील के अनुसार कॉफी पर अनुसंधान कामयाब रहा है।
    - हॉर्टीकल्चर कॉलेज जगदलपुर के डीन डॉ. डीएस ठाकुर, कॉफी प्रोजेक्ट के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. केपी. सिंह ने बताया कि कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया के अफसरों को निरीक्षण के लिए यहां बुलाया गया था।

    - दरभा में ही 20 एकड़ में कॉफी लगाने को हरी झंडी मिल गई है। बोर्ड के वैज्ञानिकों के सुझाव पर यहां दूसरी किस्म यानी कॉफिया रोबेस्टा की तीन वैराइटी भी लगाई जाएंगी।

    इसलिए मिली सफलता

    - बस्तर में कॉफिया अरेबिका की बोनी की गई। इसका पौधा ऐसी भूमि पर लगता है जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 500 मीटर हो। मार्च से जून के बीच 25-30 मिमी बारिश भी होनी चाहिए। पौधों पर 60 फीसदी छाया भी रहे। बस्तर में ये सब अनुकूल मिला।

    किरंदुल में भी संभावना
    कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया के साइंटिस्ट डॉ. अजीत राउत ने बताया कि कॉफी का पेड़ तो कहीं भी उग जाता है लेकिन इसका फल नहीं आता। हां, लेकिन जगदलपुर कॉलेज में इसका फ्रूट आया है, इसलिए यहां संभावना ज्यादा है। दंतेवाड़ा के किरंदुल में भी कॉफी की पैदावार हो सकती है।

    फोटो-भूपेश केशरवानी

    आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

  • नक्सलियों की दहशत के लिए बदनाम है ये इलाका, अब इस बात के लिए हो रहा फेमस
    +4और स्लाइड देखें
  • नक्सलियों की दहशत के लिए बदनाम है ये इलाका, अब इस बात के लिए हो रहा फेमस
    +4और स्लाइड देखें
  • नक्सलियों की दहशत के लिए बदनाम है ये इलाका, अब इस बात के लिए हो रहा फेमस
    +4और स्लाइड देखें
  • नक्सलियों की दहशत के लिए बदनाम है ये इलाका, अब इस बात के लिए हो रहा फेमस
    +4और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Raipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Coffee Farming For The First Time In Chhattisgarh
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×