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शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी शुरू, कई के तबादले होंगे

रायपुर में 5 प्रोबेशनरी कर्मियों को बर्खास्तगी का ऑर्डर थमाया।

Danik Bhaskar

Nov 26, 2017, 06:33 AM IST

रायपुर। 6 दिन के इंतजार के बाद आखिरकार सरकार ने हड़ताली शिक्षाकर्मियों पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। एक ओर रायपुर में जिला पंचायत सीईओ नीलेश क्षीरसागर ने शनिवार शाम 5 प्रोबेशनरी शिक्षाकर्मी को बर्खास्तगी का आर्डर थमा दिया। दूसरी तरफ संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में एसबीआई ब्रांच के सामने शिक्षाकर्मियों के पंडाल को शाम 5:30 बजे प्रशासन ने उखाड़ दिया।

- एसडीएम ने शिक्षाकर्मियों को कहा कि फिर पंडाल न लगाने की चेतावनी दी है। शिक्षाकर्मियों ने रविवार को फिर वहीं पर धरना देंने की बात कही। कई शिक्षाकर्मियों के तबादले होने के भी संकेत हैं। इससे पहले रायपुर जिला पंचायत के 379 प्रोबेशनरी शिक्षाकर्मी ने पिछली हड़ताल के बाद लिखित तौर पर ये आश्वासन दिया था कि अगर वो हड़ताल पर जाते हैं तो उनके खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

- सरकार ने इस बार इसी को आधार बनाकर कार्रवाई शुरू की है। जिला पंचायत सीईओ को राज्य सरकार की तरफ से ये भी निर्देश दिया गया है कि जिन्होंने पिछली दफा हड़ताल पर जाने के बाद सरकार को ये शपथ पत्र दिया था कि वो हड़ताल पर नहीं जायेंगे और फिर हड़ताल पर गए हैं तो उन्हें भी सोमवार के बाद बर्खास्त कर दिया जाएगा।


इनकी हुई बर्खास्तगी
अभनपुर से सहायक शिक्षक जितेंद्र कुमार सिन्हा, तिल्दा से व्याख्याता पंचायत संदीप नागपुर, धरसींवा से शिक्षाकर्मी पवन सिंह ठाकुर, धरसींवा से व्याख्याता गुरजीत सिंह और आरंग से शिक्षाकर्मी हरीश दीवान। 220 शिक्षाकर्मियों को नोटिस दिया गया था, बाकी को सोमवार दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया है।

तीन रास्ते जिनसे सरकार तोड़ना चाहती है हड़ताल

1 सुदूर इलाके में तबादला
हड़ताल तोड़ने के लिए सरकार संघ के बड़े नेताओं के सूदूर इलाकों में तबादले की भी तैयारी में है। परिस्थितियों और सहुलियत के आधार पर जिनके हाल में तबादले किए गए थे, उन्हें रद्द करने पर भी विचार किया जा रहा है।


2 अटैचमेंट खत्म करना
ट्रांसफर रद्द होने पर उन शिक्षाकर्मियों का प्रमोशन भी रद्द हो जाएगा। क्योंकि, शिक्षाकर्मियों का ट्रांसफर प्रमोशन के साथ जुड़ा होता है। यही नहीं जिन्हें अनुरोध पर मनमानी जगह अटैच किया गया था, वो अटैचमैंट भी खत्म कर दिया जाएगा। इन्हें भविष्य में कभी तबादला ना किया जाए इसकी भी तैयारी है।

3 एक जिले में पदस्थ दंपती
ऐसे दंपती जिनका एक ही जिले में ट्रांसफर हुआ हो, उनकी लिस्ट भी तलब की गई है। ऐसे दंपती का ट्रांसफर रद्द करने की भी तैयारी है। एक बार अगर ट्रांसफर कैंसिल हुआ तो शिक्षाकर्मी दोबारा कभी ट्रांसफर के हकदार नहीं होंगे। कैंसिल लेटर में सरकार की तरफ ऐसा नोट भी लिखकर दिया जाएगा।

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