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हेल्थ विभाग में अब प्राइवेट कंपनी देगी सरकारी जॉब, इस कंपनी को दिया ठेका

नौकरी में आउटसोर्सिंग को लेकर बखेड़ा होता रहा है लेकिन अब भर्ती की भी आउटसोर्सिंग शुरू कर दी गई है।

Danik Bhaskar | Nov 23, 2017, 06:27 AM IST


रायपुर. स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती प्राइवेट कंपनी से करवाने का चौंकाने वाला फैसला किया है। नौकरी में आउटसोर्सिंग को लेकर बखेड़ा होता रहा है लेकिन अब भर्ती की भी आउटसोर्सिंग शुरू कर दी गई है। प्राइवेट कंपनी डॉक्टरों से लेकर स्पेशलिस्टों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती करेगा। उम्मीदवारों से आवेदन और परीक्षा लेने तक सारी जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी पर होगी। उम्मीदवारों का चयन करने के बाद सूची स्वास्थ्य विभाग को सौंपी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अफसर केवल सूची के आधार पर पोस्टिंग के आदेश जारी करेंगे। राज्य में पहला विभाग है जिसमें भर्ती के लिए आउटर सोर्सिंग का नया फार्मूला लाया गया है।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने इसकी शुरुआत की है। मिशन के माध्यम से ही भर्ती एजेंसी तय करने के लिए करीब डेढ़ महीने पहले विज्ञापन जारी किया गया था। एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दिल्ली से लगे नोएडा की एक एजेंसी को सरकारी नौकरी के लिए उम्मीदवारों के चयन का जिम्मा सौंपा गया है। कंपनी ने पहली खेप में 100 पदों के लिए चयन की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। इन पदों के लिए एक-दो दिनों में विज्ञापन जारी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार उम्मीदवारों से आवेदन मंगवाने से लेकर उसकी स्क्रूटनी और दूसरी सारी औपचारिकता कंपनी के प्रतिनिधि ही करेंगे। परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट भी कंपनी ही जारी करेगी। फिर इसे स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा। अफसर केवल उस सूची के हिसाब से पदस्थापना के आदेश जारी करेंगे।]


इन पदों पर की जानी है भर्ती :
एनएचएम में जिला लेखा प्रबंधक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, राज्य ट्रेनिंग कोऑडिनेटर, स्पेशलिस्ट, जिला डाटा प्रबंधक, डाटा सहायक प्रबंधक, मेडिकल ऑफिसर, लैब तकनीशियन, राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रबंधक, डाटा सहायक, नर्सिंग स्टाफ, एएनएम सहित करीब एक दर्जन से ज्यादा पदों पर भर्ती की जानी है। सारी भर्तियां प्राइवेट कंपनी ही करेगी। ]


एक पद के लिए 500 :
भर्ती की आउट सोर्सिंग का फार्मूला खामोशी के साथ लागू किया जा रहा है। पड़ताल में पता चला है कि स्वास्थ्य विभाग एक पद के लिए 500 रुपए कंपनी को देगी। इसी के लिए टेंडर जारी किया गया था। टेंडर में आधा दर्जन कंपनियां सामने आई थीं। सबसे कम कीमत वाली कंपनी को फाइनल किया गया। जानकारों का कहना है कि एक साल के भीतर राज्यभर में करीब पांच हजार पदों पर भर्ती की जानी है।

सीधी बात:

मुझे नहीं मालूम, ऐसा क्यों किया गया डा. सर्वेश्वर भुरे, एमडी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

सवाल- सरकारी पदों पर प्राइवेट एजेंसी से भर्ती क्यों?
जवाब- इससे काम आसान होगा। भर्ती जल्दी होगी।
सवाल-पर भर्ती आउटसोर्सिंग से हो, कहां तक उचित है?
जवाब-केंद्र की गाइड लाइन है। केंद्र से अधिकृत एजेंसियों में से एक एजेंसी का चयन किया गया है।
सवाल- पोस्टिंग किस आधार पर दी जाएगी?
जवाब-नियम के आधार पर ही भर्ती के लिए कहा गया है।
सवाल- यहां व्यापमं है, फिर उसकी सेवाएं क्यों नहीं ली?
जवाब-ये टेंडर मेरी पोस्टिंग के पहले जारी किया गया था। मुझे नहीं मालूम ऐसा क्यों किया गया।