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हड़ताल से पढ़ाई बच्चों के भरोसे, कहीं सीनियर ले रहे क्लास तो कहीं ग्रामीण पढ़ा रहे

कहीं क्लास के होशियार बच्चे, कहीं सीनियर तो कहीं ग्रामीण ही पढ़ाई का जिम्मा उठा रहे हैं।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 08:08 AM IST

जगदलपुर, कांकेर, अंबिकापुर. सरकार की चेतावनी के बावजूद शिक्षाकर्मियों की हड़ताल जारी है। उन्होंने कहीं श्रृंखला बनाकर तो कहीं सरकार के फरमान की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया। इधर हड़ताल के चलते पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कहीं क्लास के होशियार बच्चे, कहीं सीनियर तो कहीं ग्रामीण ही पढ़ाई का जिम्मा उठा रहे हैं।

सरकार के नोटिस के चलते कुछ शिक्षाकर्मियों के हड़ताल से अलग होने की भी खबरें हैं। तिल्दा बीईओ एसके शर्मा के मुताबिक 68 शिक्षाकर्मियों ने लिखित में सूचना दी है कि वे हड़ताल से अलग हो गए हैं। वे शनिवार से अपने-अपने स्कूल पढ़ाने पहुंच जाएंगे।


कोंडागांव में शिक्षाकर्मी आंदोलन के 5वे दिन भी डटे रहे। इसी दौरान नारायणपुर जिले के ग्राम भुरवाल सहित अन्य गांवों से पहुंचे ग्रामीण अपने बीमार रिश्तेदारों की जान बचाने के लिए रक्तदान के लिए शिक्षाकर्मियों से मदद मांगी। ग्राम भुरवाल की एक महिला जो गंभीर रूप से बीमार थी उसे एबी पॉजीटिव खून की जरूरत थी। धरना स्थल पर उपस्थित शिक्षक पंचायत शिवदास ध्रुव ने रक्त देकर ग्रामीण की मदद की। वहीं एक और ग्रामीण को एक अन्य शिक्षाकर्मी ने रक्तदान कर उसकी सहायता की।


चारामा ब्लॉक के शिक्षाकर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। शुक्रवार को शासन की ओर से शिक्षाकर्मियों को तीन दिन के अंदर काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया। आक्रोशित शिक्षाकर्मियों ने शासन के अल्टीमेटम की होली जलाकर मांग पूरी होने तक आंदोलन करने का ऐलान किया।


भानुप्रतापपुर में शिक्षाकर्मियों की पांचवे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहने से स्कूलों में अध्यापन कार्य प्रभावित रहा। जनपद पंचायत, जिला पंचायत द्वारा जारी अल्टीमेटम की शिक्षाकर्मियों ने होली जलाई और कहा ऐसे आदेश से डरने वाले नहीं है।

प्रशासन पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने के लिए इंतजाम में जुटा

वालंटियर टीचर के लिए वाक इन इंटरव्यू की तैयारी
अंबिकापुर में शिक्षाकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से निबटने प्रशासन ने परीविक्षाधीन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देने के बाद शुक्रवार को शासन के निर्देश पर जिले के सभी ब्लॉकों में वालंटियर टीचर के रूप में वाक इन इंटरव्यू की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को एक साथ जिले के सभी जनपदों एवं जिला पंचायत कार्यालय में ग्रामीण इलाकों के स्कूल में स्वैच्छिक अध्यापन कार्य के लिए युवाओं की भर्ती के लिए इंटरव्यू रखा गया है।

संविलियन की टोपी लगाकर विरोध जारी

महासमुंद जिले के 69 शिक्षाकर्मियों को जिला पंचायत की ओर से नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर काम में लौटने का निर्देश दिया गया है। परिवीक्षावधि वाले 43 व्याख्याता पंचायत और अन्य जिला या विकासखंड से स्थानांतरित होकर आए 16 व्याख्याता पंचायत व शिक्षक पंचायत को नोटिस दिया गया है। शासन के अल्टीमेटम को बेअसर साबित करते हुए शिक्षाकर्मी बेमियादी हड़ताल के पांचवे दिन भी डटे रहे। शिक्षाकर्मियों ने संविलियन टोपी लगाकर अपनी मांग शासन के समक्ष रखी।

घूम-घूम कर पर्चे बांटे, सरकार का वादा लोगों को याद दिलाया
दंतेवाड़ा में हड़ताली शिक्षाकर्मियों ने अपनी मांगें मनवाने दिलचस्प तौर तरीके अपनाना जारी रखा है। शुक्रवार को शिक्षाकर्मियों ने नगर भर में घूम-घूमकर पर्चे बांटे, इन पर्चो में वर्तमान पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर द्वारा वर्ष 2003 में मुख्यमंत्री को शिक्षाकर्मियों के समान काम समान वेतन के समर्थन में लिखे गए अनुशंसा व समर्थन पत्र की कॉपियां भी शामिल थीं। दुकानदारों के अलावा राह चलते लोगों को भी ये पर्चे बांटे गए। शनिवार से परिवहन संघ, व्यापारी संघ समेत विभिन्न संघ, संगठनों से भी समर्थन जुटाने का अभियान शुरू करेंगे। जिले में कुल 3300 शिक्षाकर्मी हड़ताल में शामिल हैं। दोरनापाल में हड़ताल पर बैठे शिक्षाकर्मियों को समर्थन देने कोंटा विधायक कवासी लखमा पहुंचे और कहा कि शिक्षाकर्मी की नौकरी कोई मंत्री या अमीर व्यक्ति का पुत्र नहीं करता बल्कि गांव का गरीब करते हैं। उनकी मांग जायज़ है। केशकाल में आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों को अपना समर्थन देने शुक्रवार को केशकाल विधायक संतराम नेताम पहुंचे।