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भतीजे ने फूफा-बुआ की रॉड से पीटकर की हत्या, देखते रहे लोग नहीं आया कोई बचाने

महिला की मौके पर ही मौत हो गई और बुजुर्ग ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 07:14 AM IST

रायपुर. लाभांडी में शुक्रवार दोपहर 1 बजे जमीन विवाद में एक युवक ने अपने बुजुर्ग बुआ और फूफा की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी। महिला की मौके पर ही मौत हो गई और बुजुर्ग ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। पूरा विवाद 13 डिसमिल जमीन का था। महिला को मायके से बंटवारे में जमीन मिली थी, जिसे उसका भतीजा वापस चाहता था। इसी बात को लेकर एक साल से उनके बीच विवाद चल रहा था।


पुलिस के मुताबिक लाभांडी के कालू राम भारती (70) और मुटकी बाई भारती (62) अपनी किराना दुकान में बैठे थे। दोपहर 1 बजे मुटकी बाई का भतीजा ज्ञानदास महेश्वरी (38) आया। जमीन को अपने नाम पर करने के लिए फिर विवाद करने लगा। मुटकी बाई ने जमीन छोड़ने से मना कर किया। वह मुटकी बाई को मारने लगा। वहीं नजदीक में लोहे का राड पड़ा हुआ था। उसने रॉड उठाया और पीटना शुरू कर दिया। उसने लगातार सिर पर तीन बार वार किया। कालूराम दुकान से भागते हुए बाहर निकला और उसने बीच बचाव किया। आरोपी ने उसके ऊपर भी लगातार वार किया।

वह वहीं लहूलुहान होकर गिर गए। आरोपी वहां से भाग निकला। आसपास वाले बुजुर्ग को अम्बेडकर अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया। वहीं महिला ने मौके पर दम तोड़ दिया। दोनों का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। घटना के आधा घंटे के बाद आरोपी ने थाने जाकर सरेंडर कर दिया। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने घटना स्थल से रॉड भी जब्त कर लिया है।


मृतक के गांव में तीन मकान और दुकान
पुलिस ने बताया कि मृतक दंपती के तीन बेटे और चार बेटी है। बेटे अलग-अलग रहते है। सभी का अपना मकान हैं। मृतक के पास उनकी एक बेटी रहती है। उनकी अच्छी खासी खेती बाड़ी भी है। यहां तक गांव में उनकी किराना दुकान है, जिसे खुद चलाते हैं।

कोई बचाने नहीं आया
लाभांडी में शुक्रवार को सरेआम दो बुजुर्ग की हत्या हो गई। कोई बीच बचाव करने नहीं आया। गांव वालों के अनुसार आरोपी और मृतक के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोपी ज्ञानदास के दादा के नाम पर 85 डिसमिल जमीन था, जो उसके पिता और चाचा को मिलना था। मुटकी बाई ने भी हिस्सा मांगा। जमीन का हिस्सा बंटवारा किया गया। मुटकी बाई के हिस्से में 13 डिसमिल जमीन आई। ज्ञानदास इस जमीन को नहीं देना चाहता था। इसी जमीन को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। कई बार ज्ञानदास ने जमीन को अपने नाम करने की कोशिश की। यहां तक दस्तावेज लेकर भी पहुंचा। लेकिन महिला ने साइन करने से मना कर दिया।