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पंडरिया इलाके मेंं अवैध उत्खनन थम नहीं रहा दिन-रात हो रही रेत और मुरुम की खुदाई

ब्लाॅक में रेत व मिट्टी उत्खनन का अवैध व्यवसाय वर्षों से जारी है। नदी किनारे से दिन रात रेत उत्खनन जोरों पर है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 08, 2018, 03:05 AM IST

पंडरिया इलाके मेंं अवैध उत्खनन थम नहीं रहा दिन-रात हो रही रेत और मुरुम की खुदाई
ब्लाॅक में रेत व मिट्टी उत्खनन का अवैध व्यवसाय वर्षों से जारी है। नदी किनारे से दिन रात रेत उत्खनन जोरों पर है। जिससे नदियां खदान का रूप लेने लगी है और टैक्स चोरी के चलते शासन को भी लाखों रुपए राजस्व का नुकसान हो रहा है।

आगरनदी में चिल्फी, घुटरकुण्डी, झिंगराडोंगरी, बिरईनबाह, दुल्लापुर, खैरडोंगरी, सहित कई गांवों में रेत उत्खनन से नदियों का स्वरुप ही बदल गया है। नदियों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। पानी भरने पर उसमें बड़ी दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। रेत निकालने के कारण नदियां बड़ा खदान बन गया है। हाफ नदी पर खैरझिटी, बकेला, मंझोली, डोमसरा आदि गांवों में रेत निकालने का काम दिन-रात जारी हैं। इन नदियों का रेत क्षेत्र में कांक्रीट सड़क व निजी कार्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है। वहीं मुंगेली, कवर्धा आदि जगह बड़ी सड़कों में पाटने में उपयोग किया जा रहा है। इसमें मुरुम को खपाया जा रहा है।

पंडरिया. घुटरकुंडी में आगरनदी से रेत निकालने के बाद की स्थिति।

वन संपदा का हो रहा है नुकसान

लगातार अवैध मुरुम व गिट्टी उत्खनन से जहां शासन को लाखों रुपए की क्षति हो रही है। वहीं वन संपदा को भी भारी क्षति पहुंच रही है। नरसिंहपुर स्थित पहाड़ी जो कभी हरा-भरा हुआ करता था, वहां अब एक भी पेड़-पौधे नहीं हैं। पूरी पहाड़ी में अब चट्टान व गड्ढे ही नजर आते हैं। वनों के भीतर भी खुदाई के चलते पेड़ गिर जाते हैं।

गांवों में जल्द होगी कार्रवाई

अवैध उत्खनन की शिकायत ताे मिली है। पिछले महीने भी हम लोगों ने कोदवागोड़ान क्षेत्र के गांवों में कार्रवाई की थी। कार्रवाई लगातार चलती रहती है। इन गांवों में भी जल्दी कार्रवाई करेंगे। अर्चना ठाकुर, सहायक खनिज अधिकारी, कवर्धा

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