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सरकार जबरन बदल रही रेलवे लाइन: योगीराज

रेलवे संघर्ष समिति के आंदोलन व मांग को अब व्यापक समर्थन मिल रहा है। आठवें दिन बुधवार को कवर्धा के पूर्व विधायक...

Danik Bhaskar | Jul 06, 2018, 03:05 AM IST
रेलवे संघर्ष समिति के आंदोलन व मांग को अब व्यापक समर्थन मिल रहा है। आठवें दिन बुधवार को कवर्धा के पूर्व विधायक योगीराज ने धरना स्थल मंे पहुंचकर अपना समर्थन दिया। उन्होंने याद दिलाया कि सांसद मोतीलाल वोरा के कार्यकाल में सर्वे के लिए 5 करोड़ की राशि दी गई थी, जिसमें मूल रेललाइन सर्वे का काम हुआ था।

योगीराज ने कहा कि पंडरिया के कारण ही कवर्धा जिला ने मूर्तरूप लिया था। पंडरिया के जिले में शामिल नहीं होने से कवर्धा जिला नहीं बन पाता। पंडरिया, पांडातराई, पोड़ी, बोड़ला होकर रेललाइन जाना जनहित में है। पता नहीं क्यों सरकार जबरन इस लाइन को बदल रही है।

पूर्व जनपद उपाध्यक्ष पारस बंगानी ने कहा कि पंडरिया जिले की सबसे बड़ी तहसील है। कवर्धा जिले के विकास में पंडरिया के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। पंडरिया के बिना कवर्धा अधूरा हैं, पंडरिया, पांडातराई, पोंड़ी, बोड़ला के विकास के बिना मुख्यमंत्री जी किसका विकास करना चाहते हैं। पंडरिया क्षेत्र के सभी किसान, व्यापार, उद्योग सभी का विकास इस रेललाइन से जुड़ा हुआ है। इसलिए जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल रेल लाइन की मांग के साथ इस मंच के साथ खड़े हैं।

वरिष्ठ नागरिक गिरिजाशंकर शुक्ला ने रेल्वे के सर्वे को स्थगित करने का परिणाम सरकार को भुगतनी पड़ेगी। धरना स्थल में कुमार हरेंद्रशाह, सुरेश जायसवाल, तामस्कर तिवारी, निर्मल सलूजा, अतुल बरगाह, संजू तिवारी, आशीष जैन, मनजीत छाबड़ा, मनीष शर्मा, बृजेश शुक्ला, दिनेश सोनी, दब्बू पाठक, शिवसहाय गुप्ता, रिंकू बैस, शिव कैलाश, राजेश तिवारी विशेष रूप से शामिल रहे।

पंडरिया. धरना स्थल पर पहुंचे कवर्धा के पूर्व विधायक योगीराज व अन्य।

रेल लाइन का आदिवासियों को नहीं मिलेगा लाभ

बंगानी एवं अन्य वक्ताओं ने कहा जिले के पंडरिया व बोडला ब्लाक के 70% वनांचल है, जिसमें संरक्षित बैगा आदिवासी रहते हैं। सर्वे के अनुसार रेल लाइन बैगा बाहुल्य क्षेत्र से लगभग 50से 60 किलोमीटर दूर से गुजरेगी। इसलिए बैगा आदिवासियों को लाभ नहीं मिलेगा।