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वैज्ञानिक सोच के बगैर विकास नहीं हो सकता

छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा पिथौरा इकाई द्वारा शासकीय मिडिल स्कूल अट्ठारहगुड़ी में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया।...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:00 AM IST
छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा पिथौरा इकाई द्वारा शासकीय मिडिल स्कूल अट्ठारहगुड़ी में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। इस मौके पर साइंस क्विज कॉम्पिटिशन एवं वैज्ञानिक सोच के बगैर हमारे देश का सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर सीवी रमन के चित्र पर माल्यार्पण एवं तिलक वंदन कर किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के संयुक्त सचिव एवं शतरंज के राष्ट्रीय निर्णायक हेमंत खुंटे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्रधान पाठक एम के साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में संकुल समन्वयक बालाराम दीवान, प्रधान पाठक विक्रम वर्मा, ठाकुर राम प्रधान, टीकम पटेल एवं पवन पटेल उपस्थित थे।

विज्ञान के प्रति आकर्षिक करना मूल उद्देश्य

सर्वप्रथम संस्था प्रमुख एमके साहू ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता संबंधी जानकारी दी तथा रमन की जीवनी पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि हेमंत खुंटे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिवस का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित कर विज्ञान के प्रति अभिरुचि जागृत करना तथा अंध विश्वास को लेकर कायम भ्रांतियों को दूर करना है। उन्होंने बच्चों को वैज्ञानिक ढंग से सोचने व वैज्ञानिक ढंग से काम करने की बात कही। संकुल समन्वयक बालाराम दीवान ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश में सन 1986 से प्रतिवर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रुप में मनाया जाता है। इसी दिन चंद्रशेखर वेंकट रमन ने एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक खोज की थी जो रमन प्रभाव के रूप में प्रसिद्ध है।