पिथोरा

--Advertisement--

5 साल की मेहनत से लगाए 200 आम 400 नींबू के पौधे, अब मिलेगा फल

बाड़ी परियोजना के तहत लगाए गए फलदार पौधों ने एक गरीब की किस्मत बदलकर रख दी है। आज उसकी बाड़ी में 200 आम और 400 नींबू के...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 02:30 AM IST
बाड़ी परियोजना के तहत लगाए गए फलदार पौधों ने एक गरीब की किस्मत बदलकर रख दी है। आज उसकी बाड़ी में 200 आम और 400 नींबू के पेड़ों पर फल आने शुरू हो गए हैं। आत्माराम को 5 साल की कड़ी मेहनत का फल इस साल मिलना शुरू हो गया है। आगामी दिनों में आम और नींबू का और अधिक उत्पादन मिलने की संभावना आत्माराम ने जताई है।

पिथौरा विकासखंड के ग्राम भुरकोनी के युवा किसान आत्माराम भोई ने नाबार्ड द्वारा बाड़ी परियोजना के तहत 2013 में अपने 7 एकड़ खाली पड़े भर्री भूमि पर फलदार पौधे रोपे। पौधों को बचाने के लिए तार फेंसिंग कर बाउंड्री एरिया में नीलगिरी, खम्हार, शिरीष का पेड़ लगाया। पौंधों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बाड़ी में बोर सहित अन्य सुविधाएं जुटाई।

आत्माराम ने बताया कि 5 से साल अपने गांव नहीं गया। खेत में ही झोपड़ी बनाकर रहता रहा और पौधों की देखभाल करता रहा। 5 साल बाद जब आम के पेड़ों में फल आए तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। आम में दशहरी और लंगड़ा किस्म के आम लगाए गए हैं, जिसकी बाजार में अच्छी मांग है। यह पहला साल है आगामी वर्ष में धीरे-धीरे फलों का उत्पादन और बढ़ेगा।

रायपुर के व्यापारियों से किया संपर्क: आत्माराम ने बताया कि आम और नींबू के लिए स्थानीय फल विक्रेताओं ने संपर्क किया था, वे किलो दर पर आम खरीदने की बात कर रहे थे, लेकिन मैंने मना कर दिया। इसके बाद मैंने रायपुर के थोक फल विक्रेताओं से संपर्क किया, अच्छा रेट मिलने पर सीधे उन्हें ही सप्लाई करता हूं।

खाली भूमि पर सब्जी का उत्पादन, उसी से चला खर्चा

पिछले 5 साल तक बाड़ी के खाली पड़े भूमि पर सब्जी का उत्पादन किया। इसे बेचने से जो आय हुई, उसी से घर का खर्चा चलाया। ग्रामीणों ने बताया कि बाड़ी परियोजना के तहत गांव में और भी किसानों को फलदार पौधे लगाने के लिए दिए गए थे। लेकिन आत्माराम को छोड़ सभी किसान फेल हो गए।

X
Click to listen..