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ढाबे पर सिपाही से हुई मामूली कहासुनी, थाना प्रभारी व टीम ने बरपाया पुलिसिया कहर

वैसे तो पुलिस जनता का रक्षक होता है, पर वर्दी का रौब जब सर चढ़ कर बोले तो रक्षक को राक्षस बनते देर नहीं लगती है। ऐसी...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:30 AM IST
वैसे तो पुलिस जनता का रक्षक होता है, पर वर्दी का रौब जब सर चढ़ कर बोले तो रक्षक को राक्षस बनते देर नहीं लगती है। ऐसी ही एक घटना शनिवार को देर शाम बाजार पारा में हुई। जहां कुछ युवकों के साथ ढाबे पर हुई मामूली कहासुनी के बाद पुलिस का कहर युवकों व उनके परिजनों सहित समर्थन करने गए मोहल्ला वासियों पर जमकर बरसा।

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को रात 9 बजे बाजार पारा निवासी अनंजय महंत, धीरेंद्र साहू और तिरुपति रेड्डी खाना खाने रुडुकेला ढाबा गए हुए थे। वहां पहले से मौजूद सिपाही सुरेंद्र भगत से किसी बात को लेकर युवकों का विवाद हो गया। लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया। घटना के 1 घंटा बाद थाना प्रभारी कृष्ण चंद भारती के नेतृत्व में सिपाही सुरेंद्र सहित पुलिस टीम युवकों को खोजते हुए उनके घर पहुंची और युवकों के घरों के दरवाजे तोड़े गए। वहीं परिजनों के साथ मारपीट की गई। महिलाओं के हाथ पकड़ धक्का दिया। पुलिस का कहर बच्चों पर भी चला। युवकों को मारते घसीटते घरों से बाहर निकाला गया। हद तो तब हो गई जब शोर सुनकर लोग इकट्ठा हुए तो पुलिस के जवान उनसे भी गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतर आए। इस दौरान पुलिस ने पीड़ित लोगों को झगरपुर मोहनपुर के जंगलों में ले जाकर मारपीट की। जन आक्रोश को नियंत्रित करने धरमजयगढ़ एसडीओपी नेहा वर्मा के साथ घरघोड़ा टीआई एवं धर्मजयगढ़ टीआई को भी दलबल के साथ आना पड़ा।





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अंतत: रात 2 बजे के करीब पुलिस युवकों के साथ थाने पहुंची।

युवकों को पकड़कर थाना के बजाय ले गई कहीं और

पुलिस ने तीनों युवकों को पकड़ा और परिजनों को पकड़ने का कारण थाना में बताने की बात कही गई। परिजन जब थाना पहुंचे तो पता चला की युवकों के साथ पुलिस थाने नहीं पहुंची है। पुलिस की इस कार्रवाई की खबर जब सोशल मीडिया में वायरल होने लगी तो भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ लोग बड़ी संख्या में रात 11 बजे थाने का घेराव कर दिया। मीडिया ने जब थाने में मौजूद उपनिरीक्षक भुरेदास से घटना के संबंध में जानकारी चाहिए तो किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया।

शिकायत पर दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज

थाना प्रभारी कृष्ण चंद भारती ने लैलूंगा थाना के सामने ही नारेबाजी कर रही योगेश्वरी महंत को थप्पड़ मार दिया। इससे जनता का आक्रोश एक बार फिर बढ़ गया। अंततः थाना प्रभारी कृष्ण चंद भारती, सिपाही सुरेंद्र भगत, रमेश यादव, सुनील उईके, रामजी सारथी के खिलाफ कार्रवाई और उनका डॉक्टरी मुलाहिजा के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने सिपाही सुरेंद्र भगत के रिपोर्ट पर तीनों युवक अनंजय महंत, धीरेंद्र साहू और तिरुपति रेड्डी के खिलाफ मामला दर्ज किया। वहीं योगेश्वरी महंत, मनोरमा महंत, संजय महंत, धीरेंद्र शाह, तिरुपति रेड्डी,सिम्मी महंत, पम्मी महंत, ललिता कुर्मी, मुकेश शाह, वीरेंद्र साहू की रिपोर्ट पर थाना प्रभारी कृष्ण चंद्र भारती, सुरेंद्र भगत, रमेश यादव, सुनील उईके, रामजी सारथी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज किया है।