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ओलिंपिक और एशियन गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्पोट्‌र्स इवेंट है

ओलिंपिक के बाद कॉमनवेल्थ इकलौता मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट है जिसमें सभी 7 महाद्वीपों के देश खेलते हैं। आखिरी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:15 AM IST

ओलिंपिक और एशियन गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्पोट्‌र्स इवेंट है
ओलिंपिक के बाद कॉमनवेल्थ इकलौता मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट है जिसमें सभी 7 महाद्वीपों के देश खेलते हैं।

आखिरी आयोजन के आधार पर 3 बड़े इवेंट की तुलना...

जॉर्ज-5 की ताजपोशी के उपलक्ष्य में 1911 में फेस्टिवल ऑफ एंपायर का आयोजन किया गया था। कॉमनवेल्थ गेम्स का आइडिया वहीं से आया।

1990 से 2002 के बीच नौरू के वेटलिफ्टर मार्कस स्टीफेन ने सात गोल्ड सहित 12 मेडल जीते। 2007 में वे नौरू के राष्ट्रपति बन गए।

विश्व की 20% जमीन और 33% आबादी वाले 53 देशों की 71 टीमें 12 दिन खेल के मैदान में

ऑस्ट्रेलिया बॉल टैम्परिंग की कड़वाहट दूर करने में कामयाब रहेगा: आयोजक

गोल्ड कोस्ट| ऑस्ट्रेलिया के शहर गोल्ड कोस्ट में 4 अप्रैल से 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज हो रहा है। इसमें भारत सहित कॉमनवेल्थ के 53 देशों की 71 टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत से भी 218 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है। दुनियाभर में जितने भी मल्टी स्पोर्ट मल्टी नेशनल इवेंट होते हैं उसमें भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स में ही रहता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में मानव आबादी वाले सभी महादेशों के देश हिस्सा लेते हैं। ये धरती के 20 प्रतिशत भूभाग और 33 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। गोल्डकोस्ट गेम्स की आयोजन समिति के चेयरमैन पीटर बिएटी ने शनिवार को कहा कि क्रिकेटरों की गलत हरकत से दुनिया भर में ऑस्ट्रेलिया को अपमानित होना पड़ा है। गेम्स यह कड़वाहट दूर करने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे क्लीन गेम्स होगा।

कॉमनवेल्थ ग्लासगो-2014

53 देशों की 71 टीमें

एथलीट 4947

खेल 18

इवेंट 261

12दिन

19खेल

275इवेंट

कॉमनवेल्थ गुलामी नहीं, साथ आगे बढ़ने का माध्यम

तस्वीर 1930 की है। उस साल कनाडा के हैमिल्टन में पहले कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था। तब 11 देशों के सिर्फ 400 खिलाड़ी इसमें शामिल हुए थे।

क्या है कॉमनवेल्थ: कॉमनवेल्थ ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे देशों का इंटरगर्वमेंट ऑर्गेनाइजेशन है। 53 देश सदस्य हैं। 28 अप्रैल 1949 को लंदन डिक्लेरेशन के जरिए कॉमनवेल्थ का गठन किया गया। इसमें शामिल सभी देश फ्री एंड इक्वल माने गए। 53 देशों में सिर्फ मोजांबिक ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा नहीं रहा है।

अमेरिका नहीं तो भारत क्यों है कॉमनवेल्थ में?

एक तबका कहता है कि अमेरिका कभी ब्रिटेन के अधीन था। पर कॉमनवेल्थ में नहीं है। भारत को भी निकलना चाहिए। पर अमेरिकी आजादी के 173 साल बाद कॉमनवेल्थ बना।

आजादी के वक्त भारत को खड़ा होने के लिए वैश्विक मदद की जरूरत थी। कॉमनवेल्थ इसमें मददगार साबित हुआ। भारत से पहले आजाद हुए देशों को एंट्री नहीं दी गई। आयरलैंड को कॉमनवेल्थ से हटना पड़ा था। पर भारत के लिए खास प्रावधान किए गए। बदले में भारत ने ब्रिटेन को हेड ऑफ कॉमनवेल्थ माना।

कॉमनवेल्थ में होने के दो बड़े फायदे

1. ब्रिटेन में 6 माह से ज्यादा रहने वाले भारतीयों को वहां वोट देने का अधिकार। ब्रिटिश नागरिक बनना जरूरी नहीं।

2. भारत का कोई नागरिक किसी ऐसे देश में है जहां भारतीय दूतावास नहीं है, तो यूके के दूतावास से मदद ले सकता है।

ऑल टाइम कॉमनवेल्थ मेडल टेबल

देश गेम्स गोल्ड सिल्वर ब्रॉन्ज कुल

ऑस्ट्रेलिया 20 852 716 650 2218

इंग्लैंड 20 669 670 669 2008

कनाडा 20 469 476 528 1473

भारत 16 155 155 128 438

न्यूजीलैंड 20 144 204 262 610

द.अफ्रीका 12 117 112 123 352

एशियन गेम्स इंचियोन-2014

45 देश शामिल हुए

एथलीट 9501

खेल 36

इवेंट 439

भारत 16 बार इसमें भाग ले चुका है। पर पिछले 3 गेम्स में अपने 50% मेडल जीते हैं। इस बार 218 खिलाड़ियों का दल 17 खेलों में शामिल होंगे।

2010 के आयोजन ने भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स की तस्वीर बदली

कुछ साल पहले तक महत्व के लिहाज से ओलिंपिक के बाद एशियन गेम्स फिर कॉमनवेल्थ गेम्स का नंबर आता था। भारत ने पहली बार 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की। तब से यह लोकप्रियता के मामले में एशियन गेम्स से आगे निकल गया।

2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स भले ही भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सुर्खियों में रहा, लेकिन भारत ने इसमें कुल 101 मेडल जीते और मेडल टेबल में दूसरा स्थान हासिल किया था। यह अब तक का बेस्ट प्रदर्शन था।

 रायगढ़, रविवार 1 अप्रैल, 2018

खेलगांव में 66 सौ एथलीट्स को ठहरने के लिए 1170 फ्लैट्स बनाए गए हैं।

36 सौ करोड़ रु. में बना है 29 हेक्टेयर का खेल गांव

गोल्ड कोस्ट| कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में खेल गांव बसाया गया है। 29 हेक्टेयर में बने खेल गांव में 12 दिन तक 6,600 एथलीट्स रुकेंगे। इसके लिए 1,170 वन या टूबीएचके फ्लैट बनाए गए हैं। 82 टाउनहाउस बने हैं। 36 सौ करोड़ रुपए की लागत से बने खेल गांव ने 1,500 लोगों को रोजगार भी दिया है। यहां 1 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए गए हैं। रोज खेलगांव में 18 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ् ही मेडिकल सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। 270 बेड वाला अस्पताल भी यहां है। क्वींसलैंड में कॉमनवेल्थ एक्सप्रेस भी चलाई गई है। स्पोर्टी लुक वाली ये ट्रेन अलग-अलग स्टेशनों से लोगों को लेकर कैरेरा स्टेडियम तक पहुंचाएगी। यहीं कॉमनवेल्थ इवेंट होने हैं। यह सेवा फ्री मुहैया की जाएगी।

सबसे उम्रदराज खिलाड़ी: नॉर्दर्न आयरलैंड के 67 साल के डेविड कालवर्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेंगे। यह उनका 11वां कॉमनवेल्थ गेम्स है। सबसे अधिक।

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