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बाजार शुल्क खत्म, 1 करोड़ का नुकसान

1 अप्रैल से नगरीय निकायों में बाजार शुल्क की वसूली नहीं होगी। नगर निगम ने पसरा वालों से अपील कर 1 तारीख से किसी को भी...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:15 AM IST
1 अप्रैल से नगरीय निकायों में बाजार शुल्क की वसूली नहीं होगी। नगर निगम ने पसरा वालों से अपील कर 1 तारीख से किसी को भी शुल्क न देने के लिए कह दिया है। 1 अप्रैल से बाजार वसूली करते कोई मिला, तो उस पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश नगरीय निकाय के अफसरों द्वारा दिए गए हैं। इस नई व्यवस्था से निगम को सालना एक करोड़ का नुकसान होगा। नगर निगम की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद खराब है। शेष पेज 22



आय कम होने के कारण समय पर कर्मचारियों व अधिकारियों को वेतन नहीं मिल पाता है। इधर राज्य शासन द्वारा बाजार शुल्क नहीं लेने के निर्णय से रायगढ़ नगर निगम को अब हर साल करीब 1 करोड़ का आर्थिक नुकसान होगा। इसकी भरपाई के लिए निगम आय के दूसरे विकल्प तलाश कर रही है। निगम के कुछ जानकार तो सन 2000 से पहले के आवंटित दुकानों का किराया व दूसरे राजस्व में बढ़े हुए दर जल्द लागू किए जाने की बात कह रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 26 मार्च को नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 132 (1) के तहत बाजार शुल्क वसूली पर रोक लगा दी है। इसकी घोषणा नगरीय निकाय मंत्री ने विधानसभा में की थी।

आय में कमी

नगर निगम के अलावा पंचायतों पर भी पड़ेगा प्रभाव, 1 अप्रैल से लागू हो रही नई व्यवस्था

इन जगहों से सालना 1 करोड़ के राजस्व

1.संजय कॉम्पलेक्स बाजार - 40 लाख सालाना आय

इस राहत से सब्जियां होंगी सस्ती

बाजार शुल्क माफ करने के बाद गृहणियों व लोगों में सब्जियों के भाव में थोड़ी बहुत राहत मिलने की बात चर्चा में हैं। जबकि सब्जी व्यवसायी इस छूट से भाव पर कोई खास बचत नहीं होने की बात कह रहे हैं। विपक्ष राज्य शासन की इस नई व्यवस्था को चुनावी दांव बता रही हैं। बहरहाल इससे अब सड़क, चौपाटियों से लेकर बाजार हाट में पसरा व ठेला लगाने वाले व्यवसायियों को इससे राहत मिल गई है।

2.साप्ताहिक इतवारी बाजार - 20 लाख रुपए सालाना आय

3.सड़क व चौपाटियों पर गुमठी से- 30 लाख सालाना आय