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पानी लेने उतरा बुजुर्ग, चलती ट्रेन में घुस रहा था, हाथ फिसला, ट्रैक पर गिरा, मौत

बुधवार को खरसिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर उत्कल एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 03:20 AM IST

पानी लेने उतरा बुजुर्ग, चलती ट्रेन में घुस रहा था, हाथ फिसला, ट्रैक पर गिरा, मौत
बुधवार को खरसिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर उत्कल एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग परिवार के साथ होली मनाने के लिए पुरी जा रहे थे। वह ्पानी लेने उतरे थे। ट्रेन छूटी तो चलती ट्रेन में चढ़ने लगे। हाथ फिसला और ट्रैक पर जा गिरे। ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसने से उनकी मौत हो गई।

परिजन और यात्री शव को बाहर निकालने की मांग कर रहे थे, लेकिन रेलवे अफसर और पुलिस नियमों में ही उलझी रही। जीआरपी मेमो का इंतजार करती रही और आरपीएफ के कर्मियों ने जीआरपी का काम होने की बात कहकर कार्रवाई नहीं की। यात्रियों के आक्रोश के कारण ट्रेन लगभग 40 मिनट तक प्लेटफार्म पर ही खड़ी रही। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शाम 7 बजे जीआरपी ने निजी वाहन की व्यवस्था कर परिवार को शव के साथ कोतमा के लिए रवाना किया।

अनूपपुर कोतमा के प्रेमलाल दुबे एसईसीएल खदान में काम करते थे। रिटायर होने के बाद वृद्ध अपनी प|ी रेणुका दुबे और अन्य सदस्यों के साथ होली त्यौहार पर पुरी घूमने जा रहे थे। परिवार एस-10 बोगी में परिवार सफर कर रहा था। दोपहर लगभग 1.30 बजे ट्रेन खरसिया प्लेटफार्म पर रुकी थी। ट्रेन के छूटने के बाद ये हादसा हुआ। घटना के बाद यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका। -शेष |पेज 12

घटना के बाद सभी यात्री नीचे उतर गए और शोर मचाने लगे। परिवार इस बात से अंजान था। नीचे शोर-शराबा होते देख परिजन जब नीचे उतरे तो उन्हें घटना के बारे में जानकारी हुई। शव ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच में फंसा था। यात्री और परिजन दोनों ही शव को बाहर निकालने के लिए हंगामा कर रहे थे। जीआरपी को घटना की मौखिक जानकारी मिल गई थी, लेकिन वह भी मेमो का इंतजार कर रही थी। अंत में यात्रियों ने ही वृद्ध के शव को खींचकर प्लेटफार्म पर लाया। शव बाहर आने के बाद प्रेमलाल की प|ी बदहवास हो गई और उन्हें संभालने में काफी वक्त लगा। इन सबके बीच ट्रेन 40 मिनट तक प्लेटफार्म पर ही खड़ी रही।

प्लेटफार्म पर वृद्ध की लाश।

पूरे घटनाक्रम को ऐसे जानिए

में ट्रेन ने प्लेटफार्म पर खड़ी हुई

1.28

के आसपास वृद्ध के गिरने की घटना हुई

1.32

में घटना की जानकारी परिजनों को हुई

1.45

मिनट में गाड़ी को रवाना किया गया

2.02

आत्महत्या के लिए ट्रैक पर दौड़ी प|ी

पति की मौत से महिला इतनी बदहवास हो गई कि रोती हुई मालगाड़ी के नीचे ट्रैक पर जाने लगी। उसे आत्महत्या के लिए दौड़ते हुए देखकर आरपीएफ के जवान और लोगों ने उसे रोका और बड़ी मुश्किल से समझाया। महिला को काबू करने और ढाढ़स बंधाने में समय लगा तब तक ट्रेन 40 मिनट तक खड़ी रही।

हमनें 2.15 में रायगढ़ के स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी थी। घटना के तुरंत बाद माहौल ट्रेन को निकालने की कोशिश में लग गए थे। हमारे पास और भी बहुत काम होते है। इसलिए सूचना विलंब से दी। '' राकेश कुमार, स्टेशन मास्टर खरसिया

में खरसिया एसएम ने रायगढ़ एसएम को सूचना दी

2.15

में रायगढ़ स्टेशन मास्टर ने जीआरपी को सूचना दी

2.35

बजे के लगभग जीआरपी खरसिया पहुंची।

4.00

बजे परिवार को शव सौंपकर कोतमा रवाना किया गया

7.00

फिर दिखी तालमेल में कमी

रेलवे के सुरक्षा एजेंसी और अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी के कारण उत्कल एक्सप्रेस 40 मिनट तक खरसिया प्लेटफार्म पर ही खड़ी रही। घटना के समय आरपीएफ मौके पर थी, लेकिन काम जीआरपी का होने के कारण वह शव को हाथ नहीं लगा रही थी। घटना के लगभग पौन घंटे बाद इस बात की सूचना खरसिया स्टेशन मास्टर ने रायगढ़ एसएम को दी। रायगढ़ एसएम ने मेमो देकर जीआरपी को बताया। इन सब कागजी कार्रवाई के लिए लाश प्लेटफार्म पर पड़ी रही। परिवार बिलखता रहा और ट्रेन में मौजूद यात्री भी परेशान होते रहे। रेलवे और जीआरपी के बीच नियम के पचड़े के कारण पूर्व में भी ऐसी ही दिक्कत हुई है। मेमो नहीं मिलने की बात पर तीन महीने पहले एक शव को गोंडवाना से नहीं उतारा गया। रायगढ़ से बोगी में ही लटकती हुई लाश बिलासपुर तक पहुंची जहां शव को उतारा गया।

एक स्थान, 3 पहरेदार, इसलिए होती है कार्यक्षेत्र की दिक्कत

रेलवे क्षेत्र में होने वाले अपराध के लिए कार्यक्षेत्र बंटा हुआ है। कई बार ट्रैक पर लाश पड़ी होती है। यह फिर कोई घायल इलाज के लिए तड़प रहा होता है, लेकिन लिखित मेमो या फिर कार्यक्षेत्र के चक्कर में रेलवे पुलिस उलझी हुई होती है। रेलवे संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ की है। रेलवे परिक्षेत्र में घटने वाले अपराध के लिए जीआरपी जिम्मेदार है। वहीं यदि रेलवे परिक्षेत्र के बाहर यदि किसी ट्रैक पर ही कोई कट जाए तो उसे लोकल पुलिस देखेगी। इस तरह से एक ही क्षेत्र में तीन लोगों को काम करना पड़ता है। यही कारण है कि हर बार दुर्घटना होने पर कार्यक्षेत्र बताकर एक विभाग दूसरे विभाग पर काम डालता रहता है।

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Web Title: पानी लेने उतरा बुजुर्ग, चलती ट्रेन में घुस रहा था, हाथ फिसला, ट्रैक पर गिरा, मौत
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