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इस गांव में बांस की पिचकारी से होली खेलते हैं बच्चे

रायगढ़ | पुसौर तहसील के नेतनागर गांव में 60 बंसोड़ परिवार हैं। इनका मुख्य पेशा बांस की टोकरी, सूपा, टुकना बनाना है। होली...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:20 AM IST
रायगढ़ | पुसौर तहसील के नेतनागर गांव में 60 बंसोड़ परिवार हैं। इनका मुख्य पेशा बांस की टोकरी, सूपा, टुकना बनाना है। होली से पहले बंसोड़ परिवार के सदस्य टोकरी, सूपा बनाना छोड़कर बांस की पिचकारी बनाने के काम में लग जाते हैं। दरअसल उनके बच्चे बाजार से पिचकारी ना लेकर बांस से बनी पिचकारी का इस्तेमाल करते हैं। गांव में ये परंपरा लगभग 70 साल से चल रही है। बंसोड़ परिवार ओडिशा से आकर यहां बसे हैं। जब से यहां आए हैं तभी से यही परंपरा चल रही है। वेणुधर बंसोड़ ने कहा कि पहले होली में उन लोगों द्वारा बनाई गई पिचकारी खूब बिकती थी। बाजार में प्लास्टिक और लोहे से बनी पिचकारी आने के बाद उनके द्वारा बनाए पिचकारी की मांग घट गई।