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इलाज का पैकेज स्मार्ट कार्ड से कम, इसलिए डॉक्टर इसमें रजिस्ट्रेशन कराना नहीं चाह रहे

आयुष्मान भारत योजना के लिए केंद्र ने गरीब परिवारों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी। सर्वे के बाद स्वास्थ्य...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 02:40 AM IST

इलाज का पैकेज स्मार्ट कार्ड से कम, इसलिए डॉक्टर इसमें रजिस्ट्रेशन कराना नहीं चाह रहे
आयुष्मान भारत योजना के लिए केंद्र ने गरीब परिवारों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी। सर्वे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख 39 हजार 711 रुपए और शहरी क्षेत्रों में 26 हजार परिवार को पात्र पाया है। यानी यह परिवार पांच लाख रुपए तक इलाज करा सकेंगे।

सिजेरियन डिलवरी का मात्र 9 हजार मिलेगा।

योजना में गरीबाें को 5 लाख तक मिलेगा इलाज।

भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

आयुष्मान भारत योजना में बीमारी के इलाज का पैकेज आरएसबीवाय व एमएसबीवाय के पैकेज से 40 से 50 प्रतिशत से कम रखा गया है।

आईएमए ने पैकेज कम होने का हवाला देते हुए इलाज करने से इनकार करते हुए निजी अस्पतालों से इस योजना के तहत इलाज नहीं करने का भी आह्वान किया है, जिससे जिले के 2 लाख 65 हजार गरीब परिवार को पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज देने की योजना लटक गई है। 15 अगस्त से सरकार आयुष्मान भारत योजना को लांच करने जा रही है। आयुष्मान भारत योजना में गरीब परिवारों को पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इलाज की सुविधा उन्हीं अस्पतालों में मिलेगी जो आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत होंगे। इसके लिए जिले के सभी निजी अस्पतालों को 11 जुलाई तक सेंट्रल गवर्नमेंट के पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करा लेने समय दिया गया था, लेकिन जिले के निजी अस्पताल संचालक आयुष्मान भारत योजना को लागू करने के विरोध में खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि इस योजना में कई बीमारियों के इलाज का पैकेज स्मार्ट कार्ड के पैकेज से कम है। सिजेरियन डिलवरी डॉक्टर्स के लिए कमाई का बड़ा माध्यम है, इसमें 22 हजार रुपए का पैकेज है, जबकि आयुष्मान भारत में मात्र 9 हजार का।

ऐसे समझें स्मार्टकार्ड और आयुष्मान के पैकेज में अंतर

आरएसबीवाय और एमएसबीवाय के तहत बने स्मार्ट कार्ड में अभी सरकार प्रति सिजेरियन डिलीवरी के लिए 18 हजार रुपए दे रही है। आयुष्मान योजना में इसके लिए निजी अस्पतालों को 9 हजार रुपए ही मिलेंगे। इसी तरह ईएनटी (कान, नाक, गला) के इलाज का पैकेज भी कम है। डॉक्टरों का कहना है कि पैकेज इतना कम है कि निजी अस्पतालों को इससे नुकसान होगा। तय पैकेज में मरीज केवल सरकारी अस्पतालों में इलाज करा पाएंगे। स्मार्ट कार्ड में अभी 799 बीमारियों का पैकेज शामिल है। आयुष्मान में 1300 बीमारियों का पैकेज है।

7 निजी अस्पतालों में 400 से अधिक सिजेरियन डिलीवरी

अक्टूबर 17 से जून 18 तक 17 हजार 100 लोगों का इलाज हुआ है। निजी अस्पतालों ने इस अवधि में 400 से अधिक सिजेरियन डिलीवरी हुई है। निजी अस्पताल सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा स्मार्ट कार्ड से दे रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने खोज डाले हैं 2 लाख 65 हजार परिवार भी

9 महीने में 17 हजार 100 लाेगों ने कराया इलाज

जिले में 4 लाख 80 हजार परिवार के पास आरएसबीवाय और एमएसबीवाय योजना में स्मार्टकार्ड है, जिसमें सालाना 50 रुपए तक इलाज की सुविधा मिल रही है। अक्टूबर 2017 से जून 18 तक 17 हजार 100 लोगों का इलाज हुआ है।

नर्सिंग होम एक्ट में 231 अस्पताल पंजीकृत

नर्सिंग होम एक्ट के तहत जिले में अभी 231 निजी अस्पताल नर्सिंग होम एक्ट में पंजीकृत है। नर्सिंग होम एक्ट में पंजीकृत अस्पताल ही आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने के लिए अधिकृत होंगे। इसके लिए 11 जुलाई तक अस्पतालाें को रजिस्ट्रेशन कराना था मगर निजी अस्पताल पैकेज कम होने से इलाज नहीं करना चाह रहे। प्रदेश में इसी कारण से सरकार को रजिस्ट्रेशन की तारीख 15 जुलाई करनी पड़ी है। डाक्टरों का विरोध रेट को लेकर अब भी जारी है।

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