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45 दिन से स्कूल में बिजली की समस्या 220 बच्चे पसीना पोछते काट रहे रात

स्कूल में बिजली की समस्या ना हो इसके लिए नवोदय विद्यालय ने सेप्रेट फीडर से बिजली जुड़वाया है। कुनकुरी में संचालित...

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2018, 02:40 AM IST
45 दिन से स्कूल में बिजली की समस्या 220 बच्चे पसीना पोछते काट रहे रात
स्कूल में बिजली की समस्या ना हो इसके लिए नवोदय विद्यालय ने सेप्रेट फीडर से बिजली जुड़वाया है। कुनकुरी में संचालित जिले के नवोदय विद्यालय के इस एक स्कूल में अलग से लाइन लेने में 44 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इसके बाद भी बरसात के पूरे चार महीने यहां बिजली की समस्या बनी रहती है। इस वर्ष बरसात के शुरूआती सीजन में ही बिजली छात्रों को परेशान करने लगी है। बीते 45 दिनों से स्कूली छात्र व स्टाफ बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं।

तीन साल पहले ही जिले के नवोदय विद्यालय को कुनकुरी के ढ़ाेड़ीडंाड़ में बनी नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। वर्तमान में यहां 220 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल में पर्याप्त संख्या में क्लासरूम, प्ले ग्राउंड, हॉस्टल में बैड, भोजन व पानी का सही प्रबंध है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है। इसके बाद भी बच्चे रात में सो नहीं पा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह बिजली की समस्या है। स्कूल के प्राचार्य अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल में बिजली की समस्या ना हो इसके लिए उन्होंने कुनकुरी के सब स्टेशन से सेपरेट फीडर ले रखा है। एक अलग लाइन सिर्फ स्कूल के लिए दी गई है। इसके बाद भी हर साल बरसात में बिजली की समस्या रहती है। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि बरसात के दिनों में एक बार बिजली चले जाने के बाद यह पता नहीं होता कि दोबारा बिजली कब जाएगी। कभी दो से चार घंटे तो कभी दो से तीन दिन बाद यहां बिजली आती है। अलग फीडर होने के बाद भी ऐसा होता है कि आसपास के गांव में बिजली रहती है पर नवोदय विद्यालय के कैंपस में बिजली नहीं रहती है।

बिजली विभाग ने कहा-अलग से दी गई है लाइन पर बीच में जंगल होने के कारण सप्लाई हो रही है बाधित

क्लासरूम में पढ़ाई करते नवोदय के स्टूडेंट

25 केवी के जनरेटर से नहीं चल पाते पंखे

स्कूल के प्राचार्य से अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो इसके लिए उनके पास उपलब्ध 25 केवी के जनरेटर से सभी कमरों के बल्ब जला दिए जाते हैं। ताकि बच्चे अंधेरे में ना रहें और पढ़ाई कर सकें। पर जनरेटर से पंखे नहीं चल पाते हैं। जिसके चलते बच्चे गर्मी में परेशान रहते हैं और सही ढंग से सो नहीं पाते हैं। यहां बिजली की सप्लाई सही हो इसके लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा कई बार बिजली विभाग में लेटर भेजा गया है। पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर

स्कूल में बिजली की समस्या ना हो इसके लिए नवोदय विद्यालय ने सेप्रेट फीडर से बिजली जुड़वाया है। कुनकुरी में संचालित जिले के नवोदय विद्यालय के इस एक स्कूल में अलग से लाइन लेने में 44 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इसके बाद भी बरसात के पूरे चार महीने यहां बिजली की समस्या बनी रहती है। इस वर्ष बरसात के शुरूआती सीजन में ही बिजली छात्रों को परेशान करने लगी है। बीते 45 दिनों से स्कूली छात्र व स्टाफ बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं।

तीन साल पहले ही जिले के नवोदय विद्यालय को कुनकुरी के ढ़ाेड़ीडंाड़ में बनी नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। वर्तमान में यहां 220 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल में पर्याप्त संख्या में क्लासरूम, प्ले ग्राउंड, हॉस्टल में बैड, भोजन व पानी का सही प्रबंध है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है। इसके बाद भी बच्चे रात में सो नहीं पा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह बिजली की समस्या है। स्कूल के प्राचार्य अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल में बिजली की समस्या ना हो इसके लिए उन्होंने कुनकुरी के सब स्टेशन से सेपरेट फीडर ले रखा है। एक अलग लाइन सिर्फ स्कूल के लिए दी गई है। इसके बाद भी हर साल बरसात में बिजली की समस्या रहती है। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि बरसात के दिनों में एक बार बिजली चले जाने के बाद यह पता नहीं होता कि दोबारा बिजली कब जाएगी। कभी दो से चार घंटे तो कभी दो से तीन दिन बाद यहां बिजली आती है। अलग फीडर होने के बाद भी ऐसा होता है कि आसपास के गांव में बिजली रहती है पर नवोदय विद्यालय के कैंपस में बिजली नहीं रहती है।


सीधी बात

जंगल के कारण समस्या

नवोदय विद्यालय ने सेपरेट फीडर से लाईन ले रखी है। इसके बाद भी वहंा बिजली की समस्या क्यों आ रही है? क्या नार्मल फीडर से ही सप्लाई हो रही है?

- नहीं। नवोदय विद्यालय के लिए सब स्टेशन से करीब 8 किमी की अलग से लाईन खींची गई है। बरसात के दिनों में लाईन बार-बार ट्रिप होने से समस्या आ रही है।

उसी लाईन में खराबी का क्या कारण है, जबकि आसपास के गांव में बिजली सप्लाई सही है?

- नवोदय विद्यालय की लाईन में बीच में जंगल पड़ता है। बरसात के दिनों में जंगल से पेड़ गिरने व अन्य समस्या के कारण वह लाईन ज्यादा प्रभावित है।

समस्या के समाधान का क्या उपाय है?

- उस लाईन में पहले स्पान केबल का प्रावधान था। केबल के कारण फाल्ट ढूंढ़ने में तकलीफ होती थी और समय भी ज्यादा लगता था। सप्लाई ज्यादा बाधित ना हो इसके लिए कुछ दिन पहले ही उस लाईन में कंडक्टर खींच दिए गए हैं। फिलहाल एक सप्ताह से वहां सप्लाई सही है।

पर वहां अभी भी बिजली की समस्या बनी हुई है, वह कैसे?

- कई बार तो सब स्टेशन से ही ब्रेक डाउन हो जाने से सभी फीडरों में सप्लाई बंद रहती है। वर्तमान में वहां जो समस्या है वह सब स्टेशन से है। सिर्फ उसी लाईन में नहीं।

लोकेश नामदेव, एईई, सीएसईबी कुनकुरी

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