Hindi News »Chhatisgarh »Raigarh» 20 गांवों में तीन दिन बाद भी अंधेरा, शहर को भी नहीं मिल पा रही है 24 घंटे बिजली

20 गांवों में तीन दिन बाद भी अंधेरा, शहर को भी नहीं मिल पा रही है 24 घंटे बिजली

आंधी से तीन दिनों के दौरान 55 से ज्यादा खंभे टूट गए हैं। इससे 20 से ज्यादा गांवों में बिजली सप्लाई व्यवस्था प्रभावित...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:50 AM IST

20 गांवों में तीन दिन बाद भी अंधेरा, शहर को भी नहीं मिल पा रही है 24 घंटे बिजली
आंधी से तीन दिनों के दौरान 55 से ज्यादा खंभे टूट गए हैं। इससे 20 से ज्यादा गांवों में बिजली सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। नगरीय क्षेत्रों में भी 24 घंटे बिजली सप्लाई नहीं होने से जहां शहरवासियों को पानी सप्लाई अन्य जरूरी काम प्रभावित हुए हैं। बिजली विभाग को भी अब तक 50 लाख से अधिक का नुकसान हो चुका है। विभाग में स्टाफ कम होने से दुबारा बिजली सप्लाई व्यवस्था बहाल करने में अधिक समय लग रहा है। एक दर्जन से ज्यादा गांवों में तीन दिन बाद भी बिजली नहीं पहुंची है।

रविवार से लगातार मौसम का बदलाव आ रहा है। शाम होते ही जिले में तेज आंधी और बारिश के साथ ही ओले भी गिर रहे हैं। तेज हवा के कारण बिजली के तारों पर पेड़ के डंगाल टूटकर गिर जा रहे हैं। मुख्य लाइन जंगल के अंदर से होकर गुजरी है। ऐसे में तेज हवाओं से तार एवं खंभे टूट कर गिर जा रहे है । इससे जिले में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है।

बिजली नहीं होने का असर शहर पर भी पड़ा है। यहां नागरिक बिजली नहीं रहने से गर्मी से परेशान हो रहे हैं। इससे बैंक के साथ ही सरकारी दफ्तरों के भी काम काज प्रभावित हुए हैं।

जशपुर में 3-3 घंटे में हो रहा पावर कट, पत्थलगांव में शाम को गुल हो रही बिजली

कर्मियों की कमी के कारण नहीं सुधर रही व्यवस्था

जशपुर बिजली संभाग में 450 गांव आते हैं, जिसकी व्यवस्था के लिए मात्र 76 कर्मचारी हैं। वही पत्थलगांव में 229 गांव आते है वहां की व्यवस्था मात्र 42 कर्मचारी पर निर्भर हैं। यही कारण है कि तीन दिन बाद भी जिले के कई गांवों में अब तक बिजली सप्लाई दुबारा नहीं पहुंच पाई है। जानकारी के मुताबिक पुराने सेटअप के अनुसार हर हजार उपभोक्ता में 1 कर्मचारी का अनुपात है। अब नए सेटअप के यह अनुपात बदल सकता है।

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर

आंधी से तीन दिनों के दौरान 55 से ज्यादा खंभे टूट गए हैं। इससे 20 से ज्यादा गांवों में बिजली सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। नगरीय क्षेत्रों में भी 24 घंटे बिजली सप्लाई नहीं होने से जहां शहरवासियों को पानी सप्लाई अन्य जरूरी काम प्रभावित हुए हैं। बिजली विभाग को भी अब तक 50 लाख से अधिक का नुकसान हो चुका है। विभाग में स्टाफ कम होने से दुबारा बिजली सप्लाई व्यवस्था बहाल करने में अधिक समय लग रहा है। एक दर्जन से ज्यादा गांवों में तीन दिन बाद भी बिजली नहीं पहुंची है।

रविवार से लगातार मौसम का बदलाव आ रहा है। शाम होते ही जिले में तेज आंधी और बारिश के साथ ही ओले भी गिर रहे हैं। तेज हवा के कारण बिजली के तारों पर पेड़ के डंगाल टूटकर गिर जा रहे हैं। मुख्य लाइन जंगल के अंदर से होकर गुजरी है। ऐसे में तेज हवाओं से तार एवं खंभे टूट कर गिर जा रहे है । इससे जिले में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है।

बिजली नहीं होने का असर शहर पर भी पड़ा है। यहां नागरिक बिजली नहीं रहने से गर्मी से परेशान हो रहे हैं। इससे बैंक के साथ ही सरकारी दफ्तरों के भी काम काज प्रभावित हुए हैं।

बिना सुरक्षा उपकरणों के नए खंभे पर केबल लगाता विद्युतकर्मी।

विभाग को अब तक ‌Rs.50 लाख का नुकसान हुआ

जिले में बिजली विभाग के दो संभाग है। एक जशपुर है तो दूसरा पत्थलगांव में। दोनों संभाग में पिछले 4 दिनों से आंधी पानी की वजह से पेड़ टूटकर हाइटेंशन केबल पर गिर हैं। अब तक 35 से अधिक खंभे टूट गए। इससे प्रत्यक्ष रुप से विभाग को 25 लाख से अधिक का नुकसान हो गया है, साथ ही खंभे और तार के टुटने से बिजली की आपुर्ति भी बाधित हुई है। इससे विभाग को अप्रत्यक्ष रूप से 25 लाख रुपए का अलग नुकसान हुआ है।

विभाग टूटे खंभे काे बदल दिया है। रोज शाम में बारिश होने से लाइन में छोटे- छोटे फाल्ट आ रहे हैं, इसकी जानकारी मिलते ही सुधार कार्य कराया जा रहा है। '' टीआर राजवाड़े, कार्यपालन अभियंता, सीएसईबी, जशपुर संभाग

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Raigarh

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×