Hindi News »Chhatisgarh »Raigarh» मरम्मत नहीं, एक किलोमीटर में हुए 50 गड्ढे, ढाई करोड़ की सड़क हो गई खराब

मरम्मत नहीं, एक किलोमीटर में हुए 50 गड्ढे, ढाई करोड़ की सड़क हो गई खराब

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सलियाटोली कुनकुरी से बनकोंबो तक Rs.2 करोड़ 44 लाख की लागत से 10.5 किलोमीटर लंबी सड़क...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 02:25 AM IST

  • मरम्मत नहीं, एक किलोमीटर में हुए 50 गड्ढे, ढाई करोड़ की सड़क हो गई खराब
    +1और स्लाइड देखें
    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सलियाटोली कुनकुरी से बनकोंबो तक Rs.2 करोड़ 44 लाख की लागत से 10.5 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई गई थी। गुणवत्ताविहीन निर्माण के कारण सड़क निर्माण के छह माह बाद ही उखड़ने लगी। ठेकेदार ने सड़क की मरम्मत कराने पर भी ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह है कि निर्माण के 4 साल बाद ही सड़क चलनेलायक नहीं रह गई है। हर किलोमीटर में सड़क से 50 से ज्यादा स्थानों पर उखड़ गई है।

    एनएच से लेकर बनकोम्बो ग्राम तक बनी यह सड़क चरईडांड बगीचा मार्ग तक पहुंचने का प्रमुख माध्यम है। सड़क का रिनोवेशन काम 3 फरवरी 14 को पूरा हुआ। इसके बाद तीन साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार विनोद कुमार जैन पर थी। ग्रामीणों के अनुसार सड़क के निर्माण में ठेकेदार ने गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह निकला कि सड़क निर्माण के 6 माह बाद ही उखड़ने लगी। मरम्मत पर ध्यान नहीं दिए जाने से अब यह सड़क चलने लायक नहीं रह गई है। सड़क उखड़ने से प्रत्येक किलोमीटर में 50 से ज्यादा गड्ढे बन गए हैं। इसमें ठेकेदार ने मिट्‌टी भर दिया है।

    गड्ढों को मिट्टी से भरने के कारण उठता है धूल का गुबार

    सलियाटोली-बनकोंबो सड़क के गड्‌ढों में ऐसे ही मिट्‌टी भर दिया गया है।

    दफ्तर, स्कूल व कालेज इसी सड़क से जाते हैं लोग

    कुनकुरी अनुविभागीय, तहसील मुख्यालय, व्यवहार न्यायालय, महाविद्यालय, विद्यालय आदि आने के लिए क्षेत्र के हजारों लोग इसी सड़क का उपयोग करते हैं। अनुविभागीय मुख्यालय बगीचा एवं संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर आने जाने वाली यात्री बस भी इस मार्ग से होकर गुजरती है। ऐसे में सड़क खराब होने से आए इसमें लोग हादसे का शिकार बन रहे हैं।

    सूचना बोर्ड में अधूरी जानकारी

    प्रधान मंत्री सड़क योजना में एनएच 43 कुनकुरी से बनकोम्बो तक साढ़े दस किलोमीटर लम्बी बनी इस सड़क के निर्माण की लागत आदि के संबंध में पूर्व में प्रदर्शित जानकारी का बोर्ड हटा दी गई है। वर्तमान में सड़क के रिनोवेशन की ही जानकारी दर्ज है। इसके अनुसार सड़क को दुबारा बनाने का कार्य 3 अक्टूबर 2013 से प्रारंभ होकर 3 फरवरी 2014 तक चला। सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी 4 फरवरी 2014 से प्रारंभ होकर 3 फरवरी 2017 तक ठेकेदार की थी। इस बोर्ड में कही भी लागत एवं गारंटी अवधि का उल्लेख नहीं किया गया है।

    सीधी बात | जोनल मद से सड़क की मरम्मत होगी

    गोपाल नायक, एसडीओ, पीएमजीएसवाई

    कुनकुरी बनकोम्बो मार्ग गारंटी अवधि कब तक की है ?

    फरवरी 2014 में रिनुवल कार्य पूर्ण होने के बाद ठेकेदार द्वारा संधारण की अवधि 3 वर्ष फरवरी 2017 में समाप्त हो गई है.

    डामरीकृत सड़क की मरम्मत मिट्टी से क्यो कराई जा रही है ?

    सड़क में बड़े बड़े गड्ढ़े हो जाने के कारण आवागमन में हो रही परेशानी की जानकारी मिलने पर ठेकेदार के माध्यम से गड्ढो को मिट्टी से भरने की व्यवस्था की गई है?

    गारंटी अवधि समाप्त होने के साथ ही इस सड़क की हालत इतनी खराब क्यो हो गई?

    इस सड़क पर आवागमन अधिक होने तथा वाहनों के अधिक चलने के कारण सड़क बार बार क्षतिग्रस्त होते रहती है.

    खस्ताहाल इस सड़क से जनता को कब तक निजात मिल पाएगी ?

    विभाग द्वारा जोनल मद से इस सड़क की मरम्मत कराने का प्रयास किया जा रहा है जिससे आवागमन सुचारू हो सके।

  • मरम्मत नहीं, एक किलोमीटर में हुए 50 गड्ढे, ढाई करोड़ की सड़क हो गई खराब
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Raigarh News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: मरम्मत नहीं, एक किलोमीटर में हुए 50 गड्ढे, ढाई करोड़ की सड़क हो गई खराब
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Raigarh

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×